.@narendramodi जी,
10 दिन पहले, आपकी सरकार ने युवाओं का लाठी-डंडे-Pellet Gun से दमन किया।
जब छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया तो अब आप बदले की भावना से उनपर FIR करवा रहें हैं, जबरन हिरासत में ले रहें हैं।
युवाओं ने आंदोलन इस शर्त पर वापिस लिया कि उनपर कार्रवाई नहीं होगी, अब आपकी सरकारें अपनी ही ज़ुबान से पलट गईं है।
युवाओं के Social Media Accounts Block करवा रही है , बच्चियों को Dox किया जा रहा है।
अहंकार इतना है कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद सदन में क़दम तक नहीं रखा, Accountability के Statement से डरते रहे।
अब ये सब Face-Saving, Image Protection के हथकंडे नहीं चलेंगे, युवा आपका सच जान चुका है।
थोड़ी सी भी शर्म बची है तो अमित शाह का इस्तीफ़ा लीजिए।
The misuse of criminal machinery against Ruchika Singh is unacceptable. Profanity does not attract criminal case. 50% of Lok Sabha MPs have criminal cases against them, close to 100 MPs in the BJP. The Police can focus their energy towards them, not a 25-year old! Harassment of the young must STOP immediately!
@SanjayAzadSln@Saurabh_MLAgk
सरकार सरकार के वादे के हिसाब से दिल्ली पुलिस सब बच्चों के खिलाफ दर्ज सारे मुकदमे वापस ले लेगी
लेकिन अब एक नया गेम खेला जाएगा इनके लोग जाकर के उन्हें बच्चों के खिलाफ व्यक्तिगत फिर करेंगे
और उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा
आपको उनकी मदद करनी होगी
@KanganaTeam बॉलीवुड से ज्यादा भोंडापन तो इस देश में कहीं भी नहीं है.
कम से कम आप तो इसकी बात ना करें तो ही अच्छा है
डिजिटल वर्ल्ड में आपके वीडियो भरे हुए हैं, जिसमें आप भोंडापन करती हुई दिखती हैं
@KanganaTeam कोई इनके खिलाफ भी FIR दर्ज कराएगी क्या?
रुचिका सिंह 25 वर्ष नोएडा निवासी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है.
@narendramodi आपको रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज फिर कैंसिल करवा करके अपना बड़ा दिल दिखाना चाहिए
@CMOfficeUP@UPGovt@myogiadityanath जैसी कार्रवाई महाराष्ट्र में तुकाराम जी कर रहे हैं, यूपी में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के संबंध में होनी चाहिए.
खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी, एक्सपायरी सामानों का उपयोग आम बात हो गई है
@UnivofDelhi आप तो शिक्षा का मंदिर है कम से कम आपको तो सरकार की चालुकारिता नहीं करनी चाहिए
पिछले वर्ष अपने एक छात्रा को इसलिए निलंबित कर दिया क्योंकि उसने "SCRAP NTA" का नारा लगाया या कहीं दीवार पर लिख दिया था.
सरकार तो चली जाएगी लेकिन आपके गुनाह इतिहास में लिखें रह जाएंगे
जंतरमंतर पर लाठीचार्ज के दिन एक लड़की ने वीडियो बनाकर कहा था कि मंदिर पुजारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
अब BJP के एक विधायक के साथ बैठकर कुछ लोग उसकी लोकेशन डिसकस कर रहें है।
उसे थाने बुलवाने की बात हो रही है
उसके घर जाने की बातें हो रही है।
#CJP कहाँ है अब ? @DelhiPolice कानून कहाँ है अब ?
आख़िर RSS और BJP से जुड़े लोगों ने अपने सबसे सम्मानित नेता डॉ. हेडगेवार का कौन सा ऐसा कलंकित पत्र है, जो सदन में पढ़ने नहीं दिया?
Pic 1 वो पत्र है जो उन्होंने स्वयं सेवकों को तिरंगे के ख़िलाफ़ लिखा था।
Pic 2 RSS के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर ने 28 दिसंबर 1949 के अंक में राष्ट्र गान को “Item of entertainment” लिखा।
ग्रीन किया हुआ हिस्सा पढ़े।
क्या ऐसे लोगों को देशभक्ति की बात करने की हिम्मत होनी चाहिए?
प्रयागराज के डॉक्टर नरेन्द्र सिंह ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर किया, प्राइवेट बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी से 6-7 लोग आए और प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को घरों से खींचकर मारते पीटते गाड़ी में भरकर ले गए।
प्रोटेस्ट समाप्त होने के बाद छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वह अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
@AmitShah आपने कहा कि किसी को भी नहीं छोड़ेंगे.
पहले नीट पेपर लीक 2021 और 2024 के दोषियों को तो सजा करवा दीजिए.
2014 से अभी तक केंद्र सरकार के द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं के पेपर लिक के कितने मामलों में दोषियों को सजा हुई है ?
@DelhiPolice@CPDelhi आपको फैक्ट चेक का ड्रामा ना करते हुए एक अधिकृत बयान जारी करना चाहिए की विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के द्वारा गोली नहीं चलाई गई है.
इस पूरे विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान आपके द्वारा ना तो कोई अधिकृत बयान जारी किया गया ना ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई.
Delhi Police is frantically issuing takedown notices and filing FIRs to scrub social media of posts criticizing the Prime Minister during the recent protests, giving credence to the slogan “Jab jab Modi darta hai..”
But since when is an elected representative above questioning? In a functioning democracy, citizens have every right to demand answers and accountability from their PM. By treating online criticism as a criminal offense and a threat to "public order", the state machinery is sending a chilling message: the Prime Minister is beyond the reach of public scrutiny.
Why can’t ordinary people on social media ask questions to the very man they elected to serve them? Does the Delhi Police genuinely believe he is "non-biological" and therefore immune to the questions and frustrations of mere mortals?
@DrJitendraSingh बिहार में हमने देखा है कि कैसे पुलिस का एक जवान एक-47 से छात्रों पर फायर करता है. उसे जवान को सस्पेंड भी किया गया है
RML अस्पताल में रांची 1 की एक महिला के ऊपर फायर किया गया जिससे कि उनका कान फट गया.
आप संसद में कैसे बोल सकते हैं कि फायर किया ही नहीं गया.