दिन भर रोजा रहत हैं, रात हनत हैं गाय |
ये तो खून से बंदगी, कैसे ख़ुशी खुदाय || -
संत कबीर दास जी कहते हैं कि , दिन भर तो रोजा रहते हैं और रात में गाय की हत्या करते हैं.
मुझे कबीर दास जी का ये दोहा बङा पसंद है पर ये कभी स्कूलों की किताब में नहीं पढा
#ईद_पर_कबीरअल्लाह_को_जानें
दिन भर रोजा रहत हैं, रात हनत हैं गाय |
ये तो खून से बंदगी, कैसे ख़ुशी खुदाय || -
संत कबीर दास जी कहते हैं कि , दिन भर तो रोजा रहते हैं और रात में गाय की हत्या करते हैं.
मुझे कबीर दास जी का ये दोहा बङा पसंद है पर ये कभी स्कूलों की किताब में नहीं पढा
#ईद_पर_कबीरअल्लाह_को_जानें
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
शारदीय नवरात्रि पर आदिशक्ति माँ भगवती के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी सभी भक्तों को विश्वास और आत्मबल का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है।
जय माँ ब्रह्मचारिणी!
‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर ऐसा गंभीर हास्य 🙌
श्रद्धा जैन के इस परफ़ॉर्मेंस को न देखा तो क्या देखा!
पहला एक मिनट देख लीजिए एक साँस में 8 मिनट बिता देंगे!