An agreement must be honoured. A reward system must be fair.
#5DayWeekandFairPLI
The 5 Day Work Week for bank employees was agreed in the Bipartite Settlement of March 2024. Its implementation cannot remain pending indefinitely.
At the same time, a unilateral and discriminatory PLI framework that divides the workforce must give way to a fair, transparent and inclusive system for all employees.
Every achievement of our banks is the outcome of collective effort.
Recognition too must reflect that collective contribution.
We seek no privilege, only implementation of an agreed commitment, equality in reward and dignity at work.
@PMOIndia
@BBCHindi आरक्षण का सहीं आकलन किए बिना आरक्षण के पुराने ढांचे पर अड़े रहना शायद डिजास्टर होगा। आरक्षण की पुनर्समीक्षा आज की जरूरत है। किसी भी सरकार को उनके सत्ता में बने रहने या सत्ता से हटने के डर को दूर कर इसे लागू करना होगा अन्यथा देश के अंदर आरक्षण बनाम अनारक्षण के बीच युद्ध छिड़ होगा।
@BBCHindi Thank you BBC for providing details on Nepal Disaster. However, some questions from their anchors were waste of time. We all pray for the victims of this tragedy. But anyhow it was ok.
@BBCHindi बी बी सी आज पटना के छात्रों के आंदोलन को शायद कवर नहीं कर रही थी इसलिए सिर्फ़ बाढ़ पर फोकस किया होगा। धन्यवाद बी बी सी पर ये धन्यवाद बेकार है क्योंकि बी बी सी ईमानदार नहीं रहा।
@BBCHindi मोहनलाल जी आप से गुज़ारिश है कि बी बी सी के भारतीय संस्करण में ज्यादातर भारतीय ख़बरों पर फोकस करें अभी बी बी सी भारत में सुना जाता है पर लोग सुनना बंद ना कर दें। ईमानदार बनिए । भारतीय सुनना ना बंद करें ध्यान रखिए।
@BBCHindi बी बी सी शायद अब ग़ैर प्रासंगिक होती जा रही है। क्योंकि वो बहुतेरे समय अंतर्राष्ट्रीय ख़बरों पर खर्च कर देती है और बचे समय में किसी अमहत्त्वपूर्ण विषय पर जाया कर देती है।
@BBCHindi आज फिर निराशा हाथ लगी। “दिमाग़ी नक्सल” पर कोई चर्चा नहीं होना बी बी सी की मजबूरी दिखाता है। ऐसा लगता है भारत में बी बी सी भी स्वतंत्र तरीक़े से ख़बरों को दिखाने और उनके विश्लेषण में डर महसूस करती है। दुर्भाग्य है बी बी सी का और भारत का।खैर देखते हैं नहीं तो बी बी सी को छोड़ देंगे
@BBCHindi आज फिर बी बी सी ने निराश किया। भारत ने अपना 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया। लाल क़िले की ��्राचीर से प्रधानमंत्री का भाषण हुआ। एक नया शब्द “दिमाग़ी नक्सल” भी सामने आया पर बी बी सी ने आज उस पूरे भाषण पर कोई चर्चा नहीं की या यूँ कहें उसका ज़िक्र भी नहीं किया क्या बी बी सी डरा हुआ है?
@BBCHindi वैसे तो ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन कभी इंडिया का था ही नहीं पर विश्वसनीयता के कारण इसको सुना जाता है। मेरा सवाल यस है कि बी बी सी की न्यूज का 50 से 55% हिस्सा तो अंतर्राष्ट्रीय होता है तो फिर हमारे देश के मुद्दों पर कब चर्चा होगी। मेरा देश और मुद्दे ज़्यादा जरूरी हैं ।