देख घूंघट से उनकी नज़रो को,
हमने किस्सा तमाम कर दिया
उनकी मोहनी से सूरत को ,
सलाम हमने कर दिया
वो रुके चले अनमने से,
हमने बेचैन मन शांत कर दिया
#kavishala
‘रामायण’ देख कर आया। जिस VFX की बड़ाई हो रही है, वह भी कोई आउट ऑफ द वर्ल्ड या नई कल्पनाशीलता वाला नहीं है। एक्शन सीक्वेंस भी औसत है, साउथ के कई फिल्मों की कॉपी ही है।
भगवान राम ‘रणधीरता’ नहीं दिखाते, वह भाग-छुप कर युद्ध कर रहे हैं। रावण का पौरुष विस्तार से दिखाया गया है। अनावश्यक विद्युत-रावण प्रकरण खींच कर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद को अतिलघु कर दिया है।
संगीत औसत से भी घटिया, बैकग्राउंड स्कोर एक-दो बार अच्छे लगे हैं, पर वह भी आश्यर्चचकित कर सकें, ऐसा भी नहीं है। रणवीर का चेहरा अधिकांशतः फ्लैट है, पर कुछ दृश्यों में प्रभावित करता है। साई पल्लवी में सीता का विशेष भाव नहीं दिखता, पर यह भी नहीं कहूँगा कि बर्बाद कर दिया है। शूर्पणखा में अधिक शेड्स हैं।
��ूलतः, असुरों द्वारा प्रस्तावित साम्यवाद के लिए युद्ध लड़ कर रावण, सर्वहारा को ‘राजा-प्रजा एक समान रहेंगे’ का भाव देता दिखता है। भगवान राम सबसे बड़े फेमिनिस्ट हैं, क्योंकि बड़ी बिंदी नारीवादी सीता ने लक्ष्मण को ही डाँट दिया है कि नाक क्यों काट दी, इतनी छोटी बात के लिए। राम ने असुरों से लक्ष्मण द्वारा अनुचित करने पर क्षमा भी माँग ली है ताकि युद्ध टाला जा सके।
यदि इसके बाद भी किसी को यह रामायण ���ेखने योग्य लग रही है तो आप रामायण नहीं देख रहे, आपको मारवल की प्लाज्मा थ्रो वाली फील चाहिए कि भारत में भी कोई नीली-पीली प्लाज्मा से हवा में कुछ बना सकता है। या फिर आप उस समूह के हैं जो कहता है कि ‘यार कोई बना रहा है तो थोड़ा आँख मूँद लो।’
पूरी समीक्षा संध्याकालीन लाइव सत्र में होगी।
दीपावलीपर्वणः शुभाशयाः।
Seated upon the lotus, she represents purity, abundance, beauty and prosperity. May her blessings bring happiness, harmony and lasting prosperity to all.
Happy Diwali! 🪔
बोथरा जी,आपकी बुद्धि भोथरा गयी है। आपका तर्क है रामायण अंधों में काना राजा के समान थी, फिर आपके अनुसार तो राम चरित मानस,गीता, हनुमान चालीसा,वेद पुराण,अनेक गुरु,ऋषि,महर्षि,विभूतियाँ,खिलाड़ी सिर्फ इसलिए प्रसिद्ध हुए कि कोई अन्य मनोरंजन ��ा साधन नहीं था..अरे मुर्ख आदमी चेतन करो।
🪔 नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जा��ी है?
दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध से है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नरकासुर नामक अत्याचारी असुर ने देवताओं और मनुष्यों को परेशान कर रखा था। उसने 16,100 कन्याओं को बंदी बना लिया था और देवताओं की माता अदिति के कुंडल भी छीन लिए थे।
तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ युद्ध करके नरकासुर का वध किया और बंदी कन्याओ��� को मुक्त कराया। इस विजय को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।
इसी दिन को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली कहा जाता है।
इस दिन ��ुबह अभ्यंग स्नान, घर में दीप प्रज्वलित करने और यमराज के निमित्त दीपदान करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
इस पर्व का संदेश केवल एक पौराणिक विजय का उत्सव नहीं, बल्कि यह भी है कि अत्याचार और अहंकार का अंत निश्चित है।
अंधकार कितना भी गहरा हो, प्रकाश का आगमन होकर ही रहता है।
आप सभी को नरक चतुर्दशी एवं छोटी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🪔
लाल कपड़े पहनकर ( धोती या साड़ी ) सिला वस्त्र नहीं सामने एक कर्मसाक्षी दीपक जलाकर इस शाबर मंत्र कारात दस बजे के बाद दो तीन घंटे जप करें, धन के मामले में बहुत अद्भुत रिजल्ट हैं इसके, सिद्ध शाबर मंत्र है । कोई अनुष्ठान वगैरा की ज़रूरत नहीं, इस मंत्र को जपने के लिए -
"ॐ श्री शुक्ले महाशुक्ले कमलदल निवासे श्री महालक्ष्म्यै नमो नमः।
लक्ष्मीमाई सतकी सवाई, आओ चेतो, करो भलाई, ना करो तो सात समुद्रों की दुहाई, ऋद्धि सिद्धि ना देवो तो नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई
दीपावली पर्व श्रृंखला के द्वितीय पर्व रूप चतुर्दशी " छोटी दीपावली" की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
ध्यान रहे दीपावली हो या कोई भी त्यौहार हर त्यौहार में खरीदारी उन्हीं से करें जो हमारे त्योहारों का सम्मान करते हैं और हर अवसर पर गौ सेवा का पुण्य अवश्य करें ...
अयोध्या में आज 10वाँ दीपोत्सव
सरयू जी के 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दीये जलाए जाएंगे
श्री राम जन्मभूमि मंदिर प���िसर में भी करीब 1 लाख दीये जलाए जाएंगे
2,100 बटुक महाआरती करेंगे
2,100 ड्रोन की मदद से आसमान में रामायण के प्रसंग दिखाए जाएंगे
॥सुंदर कांड॥
अब बिलंबु केह कारन कीजे। तुरंत कपिन्ह कह�� आयसु दीजे॥कौतुक देखि सुमन बहु बरषी। नभ तें भवन चले सुर हरषी॥
भावार्थ- अब विलम्ब किस कारण किया जाए। वानरों को तुरंत आज्ञा दो। (भगवान की) यह लीला (रावणवध की तैयारी) देखकर, बहुत से फूल बरसाकर और हर्षित होकर देवता आकाश से अपने-अपने लोक को चले॥
#Sundarkand
#Ramcharitamanas
> ब्रो का नाम RS भट्ट है।
> ब्रो हरियाणा में DTP है यानी डिस्ट्रीक टाउन प्लानर,
> ब्रो खुद को बुलडोजर वाला सिंघम भी कहता है ,
> ब्रो की तैनाती गुड़गांव की सड़को पर है ,
> ब्रो मुस्तैद इंस्टाग्राम पर रहता है,
> ब्रो का काम गुड़गांव की स��़को से अवैध कब्जा हटवाना जो बहुत जरूरी है और होना चाहिए,
> ब्रो ने अपनी नौकरी में पब्लिक सर्विस से ज्यादा इंफ्लूएंसर बनने का पोटेंशियल देखा फिर क्या बना लिया इंस्टाग्राम हैंडल और कर दिए कैमरे और माइक ऑनलाइन,
> ब्रो जाता तो है कब्जा हटाने पर कब्जा हटाने की रीले हर एंगल से शूट करता है ,
फिर धीमी आंच पर देशभक्ति वाले गाने लगाकर रीले कटवाता है।
नोट - ब्रो की जीवनी बहुत ही रंगीन है एकांत ने बैठकर पूरी वीडियो देख डाले।
कहां राष्ट्रवाद, यहां तो AMU में अंतरराष्ट्रीयवाद पर चुनाव हो गया!
ये हैं AMU के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष जनाब मोहम्मद अशरफ, जिनका दिल फिलिस्तीन, सूडान और ईरान के लिए धड़कता है।
जानकारी के लिए बता दें कि सूडान की 90% से ज्यादा आबादी मुस्लिम है।
और गंगा-जमुनी तहजीब वादियों के लिए एक ��ोटा-सा टास्क है-इनके भाषण में गंगा-जमुनी तहजीब का एक भी संदर्भ ढूंढ़कर बता दें।
Video Credit @BrutIndia