सवर्ण 21वी शताब्दी का अछूत बना दिया गया हर political द्वारा।
सवर्ण को कम आबादी से डरने के बजाय अपनी voting power का best इस्तेमाल करने कि strategy बनानी होगी।
गरीब दलितों की photo दिखाकर रसूखदार दलित LOBBY आरक्षण का लाभ उठाती है।
अपनी future generation के लिए भी आरक्षण की जमीन तैयार कर रहे।
फ़ोटो: दिखाते है झोपड़पट्टी के हीरालाल की !
और सरकारी अफसर बनते है सचिवालय में बैठे दलितों के बच्चें।
सवर्ण नेता इनकी दलाली करते कुर्सी के लिए!
Cockroach janata party जिंदाबाद!
मै BJP से अपनी प्रथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर, cockroach janata party join करना चाहता हु।
हर पार्टी सवर्णों को नष्ट करने पे तुली है।
सुना है 60000 police भर्ती में सिर्फ 5% general student को नौकरी मिली बाकी 95% vacancy reserved !!
@narendramodi_in@narendramodi Idea:
तेल बचाने के लिए private cars के इस्तेमाल को हफ्ते में 3 दिन ban करें सरकार।
सबके पास 2 wheeler होती है। लोगो को bike, scooty का इस्तेमाल mandatory करें। bike में petrol कम लगता। cycle को भी बढ़ावा दे।
तेल बचेगा और economy भी नही गिरेगी। लोगो का काम भी हो जाएगा।
Idea:
तेल बचाने के लिए private cars के इस्तेमाल को हफ्ते में 3 दिन ban करें सरकार।
सबके पास 2 wheeler होती है। लोगो को bike, scooty का इस्तेमाल mandatory करें। bike में petrol कम लगता। cycle को भी बढ़ावा दे।
तेल बचेगा और economy भी नही गिरेगी। लोगो का काम भी हो जाएगा।
@narendramodi_in@narendramodi Idea:
जब तक ईरान युद्ध खत्म नही होता। तब तक private cars के इस्तेमाल को हफ्ते में 3 दिन ban करें सरकार।
लोगो को 2 wheeler इस्तेमाल करे। सबके पास 2 wheeler होती है। bike में petrol कम लगता।
तेल बचेगा और economy भी नही गिरेगी। लोगो का काम भी हो जाएगा।
Cycle को बढ़ावा दे।
प्रिय UP सवर्ण बंधुओं...
मैं राजस्थान से हूँ।
मै सोचता था कि आपकी स्थिति वहाँ अच्छी होगी।
UP पुलिस कुल सीट - 60244
◆ OBC - 32052 [ 54% ]
◆ SC - 14026 [ 23% ]
◆ EWS ~ 9922 [ 16% ]
◆ GEN ~ 3015 [ 5% ]
◆ ST - 1229 [ 2% ]
UP पुलिस की ज्यादातर सीटें यादव/कुर्मी ले गए? 🤔
5000 सालों से यह प्यासे वालों को देखिए कैसे बेरहमी से एक युवक को पीट रहा है ये नाबालिग बच्चा बेल्ट से, अगर वो प्रतिकार करेगा तो उस पर
SC/ST Act लगा देगा ये उल्टा चिंता मत करो ये आग सबके घरों तक पहुँचने वाली है लिखकर रख लो दोस्तों।
सामान्य वर्ग के आत्मसम्मान की चिता पर बन रहे भीम राष्ट्र की बहुत-बहुत बधाई।
फीस कम करने की लगातार जिद के बाद इरिटेट होकर "shut up" बोलने वाली प्रिंसिपल ममता मिश्रा पर "SC ST एक्ट" लग गया है..
बनारस में सवर्ण समाज के मनीष सिंह को पीट पीट कर मार दिया गया।
लेकिन इनको न्याय दिलाने के लिए कोई आगे नही आ रहा है।
विपक्ष के नेता चुप
गोदी मीडिया चुप
मोदी मीडिया चुप
Rw बड़े इंफुलेसर चुप
ऐसा लगता है इस देश में स्वर्ण होना गुनाह हो गया है। न्याय भी वोटबैंक के हिसाब से हो रहा है।
दुःखद😢
‼️PERMISSION CANCELLED‼️
This is the condition of GCs under this BJP-ruled govt.
Once again, permission for a peaceful protest at Jantar Mantar against UGC has been cancelled.
Can GCs not even raise their voice?
Can we not unite and protest peacefully in a democracy?
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था, आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई- देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी, पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है। अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है। तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
🙏
सामान्य वर्ग के खिलाफ सभी कार्य संवैधानिक तरीके से किए जा रहे है। इन सबके बाद SC ST जैसे कानून में सर्वण परिवार को फंसाना और यूजीसी जैसे कानून से विद्यार्थी जीवन में हीं कुचल देने की साजिश को संवैधानिक चोला पहनाया जा रहा है जिससे सामान्य वर्ग हतोत्साहित ही रहे।
इनका मुखर होकर विरोध जरूरी है नहीं तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
OBC भाई ने वापस दलित को घोड़ी से उतार कर बुरा किया
इस बार भाईयों ने बारातियों को जमकर पिटा भी
जय भीम के गानों के साथ बैंड बाजा जा रहा था. जैसे ही OBC के गांव से गुजरा लाठी डंडे निकल आए
मामला मध्य प्रदेश से है.
भाजपा बंगाल में हिन्दुत्व कार्ड खेल रहा है, तमिलनाडु में पेरियार विचार चल रहा है,केरला मे ईसाईवाद पर जोर दे रहा है।उत्तर भारत में अंबेडकरवाद फैला रहा है।पुर्वोत्तर नागालैंड में ईशू दरबार चल रहा है।
ये गिरगिट के नये अवतार है,एक साथ कई रंग रूप बदलने में माहिर है।
@ajeetbharti पे case लगाने से क्या होगा?
आज तो हर सवर्ण व्यक्ति गुस्से में है।एक व्यक्ति का मुंह बंद भी कर दोगे तो क्या हासिल होगा?
सवर्ण लोगों की नफरत और भी गहरी होगी।सवर्ण व्यक्ति जो नही भी बोल रहा पब्लिक में डर के मारे, वो अपने घर मे तो गरियाता ही है bjp को दोस्तों के सामने।