Aurat जात se loyalty or honesty ki ummid karna or साँप palna, सुवर् ko biryani khilana, कुत्ते ke liye ghee ka hazam hona or uski puchh ko sidha karna, हिजड़ो se bachhe ki ummid karna, बंदर se adrak ka swaad puchna Sab ek jaisa hi hai
आखिरकार वो दिन आ ही गया जहां समाजसेवी लोगों के मुंह पर तमाचा मार दिया किस्मत ने और उम्मीद की डोर टुट गयी एक इंसान के जीने की एक परिवार के संघर्ष की,ह्रदय द्रवित हो रहा है मेरा तो...
क्या है ज़िंदगी,यदि है तो इतनी निर्दयी क्यूं है
😢😭😭😭😭