आज एक बेटी का बाप होने के नाते मेरा दिल कांप उठा है।।। बाद में मोमबत्तियाँ जलाने से बेहतर है, आज इस मासूम के लिए आवाज़ उठाइए।।।
कानपुर से आया यह वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। एक 9-10 साल की मासूम बच्ची अपने घर के सामने रहने वाले 18 साल के लड़के (नैतिक कुमार) की अश्लील हरकतों, गंदे इशारों और प्रताड़ना से इस कदर खौफ में है कि उसे सोशल मीडिया पर आकर रोते हुए न्याय की भीख मांगनी पड़ रही है।।।
घर में केवल माँ-बेटी अकेले रहते हैं और आरोपी परिवार पैसे और रसूख के दम पर हर जगह मामला दबा रहा है। जब माँ शिकायत करने जाती है, तो उन्हें गालियाँ और धमकियाँ मिलती हैं।।।
आखिर कब तक हमारी बेटियां अपने ही घर के बाहर निकलने, साइकिल चलाने या सांस लेने से भी डरती रहेंगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी वारदात के होने का इंतज़ार कर रहा है???
मुख्यमंत्री जी और कानपुर पुलिस से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि इस रसूखदार परिवार की गर्मी शांत की जाए और इस बेटी को तुरंत सुरक्षा और न्याय दिया जाए।।।
पनकी नहर किनारे सिंचाई विभाग अतिक्रमण सफाई अभियान चला था।
बड़े भाव से पहुंचे दारोगा ब्रजेश कुमार का किसी दुकानदार से बहस हो गई।
फिर तो दारोगा जी वर्दी का ताव दिखाते हुए आव न देखा ताव और दुकानदार को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया।
कानपुर, उत्तर प्रदेश
यूपी के हमीरपुर जनपद की बहादुर पुलिस का कारनामा देखिए...!
दरोगा सुरेंद्र पाल ने निर्दोष युवक को पकड़कर पहले चौराहे पर परिजनों के सामने पीटा..फिर थाने ले जाकर बुरी तरह पिटाई की..!
मां और बहन चिल्लाती चीखती रही लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा..थाने में पिटाई के बाद युवक की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया
गया है..!
जानकारी अनुसार पुलिस शिवराज नाम के वारंटी को गिरफ्तार करने गई थी..लेकिन उसी नाम के दूसरे शख्स को जबरन पकड़ लाई और बुरी तरह पिटाई की...!
यूपी पुलिस धन्य हो आप,
इतना शोर शराबा होने के बाद भी आपको पता नहीं चल पाया कि उसके बाप का नाम आपके अभियुक्त के अनुसार गलत है।
सिर्फ अपनी खीज मिटाने के लिए उसको जमकर पीटा, अपना गुस्सा निकाला, अपनी पर्सनल खुन्नक निकाली।
तुम लोगों और राक्षसों में कोई अंतर नहीं है।
@Uppolice@dgpup@India_NHRC
क्या ये मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं है, क्या क्राइम नहीं है?
Meet Sadiq ali, the pakistani canadian, living in toronto, he's the head of TF-2990, and runs dozens of similar accs, his soul purpose is to spread misinfo and hatred against indians on a massive scale by manipulating twitter algorithm.
EXPOSING HIS ENTIRE SYNDICATE. 🧵
🚨 BREAKING: Female Chief Manager of Indian Bank alleges harassment by Deputy Zonal Manager at Nagpur Zonal Office.
She claims the Deputy ZM regularly called her to his cabin, monitored her through CCTV cameras, and subjected her to harassment.
Serious questions raised over workplace safety for women employees in the banking sector.
अब समय है भू माफियाओं और उनके साथी नेताओं अधिकारियों और राजस्व विभाग के कर्माचारियों को एक्सपोज करने का,
आप सभी से अनुरोध है कि अगर आपके साथ कभी भी जमीन कब्जे वाला मामला हुआ है और प्रशासन की तरफ से अब तक मदद नहीं मिली है तो हमसे [email protected] पर संपर्क करें।
आदरणीय @CMOfficeUP@myogiadityanath@Uppolice महोदय, जिला औरैया (Auraiya), तहसील बिधूना के ग्राम गेहुँचना पुरवा में मेरे निजी खेत पर बिना मेरी अनुमति के अवैध रूप से सड़क निर्माण किया जा रहा है, जिससे मेरी पुश्तैनी ज़मीन छीनी जा रही है। ओर मेरे खेत का पानी तालाब में नही जा पायेगा
बनारस में राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने बेटे के लिए दवा लेने जा रहे थे। महानगर बस से सुंदरपुर के लिए बैठे। सीट के लिए एक यात्री से विवाद हो गया। मामला सुंदरपुर चौकी पहुंचा। दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह ने यात्री की जेब से 100 रुपए चुराने का आरोप लगाकर राजेंद्र को जेल में डाल दिया। जेल में पुलिस ने राजेंद्र को इतना प्रताड़ित किया कि उनकी मौत हो गई। मामले जी जांच दरोगा राधेश्याम को सौंपी गई। राधेश्याम ने कहा कि राजेंद्र ने अपने शॉल को फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। अगले दिन बीएचयू में पोस्टमार्टम हुआ। मंडलीय अस्पताल के डॉक्टर केके जैन ने पोस्टमार्टम किया और अपनी रिपोर्ट में बताया कि मौत फंदे की वजह से हुई है। पुलिस ने परिजनों को बिना बताये अंतिम संस्कार कर दिया।
राजेंद्र की पत्नी ने मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। तत्कालीन दरोग नरेंद्र प्रताप सिंह को 10 साल और राधेश्याम सिंह को 6 महीने की सजा हुई है। जानेमाने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके जैन को 5 साल की सजा और 40 रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला 29 साल पुराना 1997 की है। अब जाकर फैसला आया है। सोचिए हमारा सिस्टम कितना भ्रष्ट और घुना हुआ है।
'मम्मी और अंकल साथ सोते थे, मैं बेड के किनारे': BPSC टीचर गुंजन का बेटा बोला- घंटों फोन पर बात करती थी; मैं पापा के साथ रहूंगा
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#BiharNews#HindiNews#BPSCTeacher#BPSC
पत्रकार महोदया ने इन दोगलों की पोल ही खोल दी,
इनको गाजा, फिलिस्तीन, ईरान का सब पता रहता है, लेकिन इनके ही पड़ोस में सूर्या चौहान को असद ने मार दिया और इनको कुछ पता ही नहीं है।
ससुर पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला का ऑडियो सोशल मीडिया पर आने से नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है !
ऑडियो में महिला ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है कृपया हेडफोन लगाकर ही ऑडियो प्ले करें !
#RapidoRide#ModiWeakPaperLeak@Uppolice@LkoCp
यह वही महिला पुलिसकर्मी है जो कल जिसका वीडियो खूब वायरल हो रहा था कि इसका मुकदमा दर्ज नहीं हो रहा है
इस महिला पुलिसकर्मी के कॉल सुनो पति से कहते हुए
"दो दिन बिटिया के यहाँ गां@ड मरा के आ रही हैं। मर क्यों नहीं जाती सुअर।
ऐसे ही गां@ड गुलामी कर लो तुम इनकी"
पत्नी के मुँह से सिर्फ़ इसलिए गालियाँ निकल रही हैं क्योंकि उसका पति माता-पिता के लिए दवाइयाँ खरीदने जा रहा था
योगी जी,
आपका बुलडोजर सिर्फ कुछ लोगों के घर ही पहुंचता है,
आपके स्वजातीय अपराधियों के घर नहीं पहुंचता है।
1- राजा भैया (कुंडा)
2- अभय प्रताप सिंह (फतेहपुर)
3- देवेंद्र सिंह भोले (कानपुर देहात)
4- हमीरपुर पुल बनाने वाला ठेकदार
ये सब आपके जाति के हैं।
उत्तरप्रदेश में ज़मीन कब्जा करने का आसान तरीका:
> दो तीन बड़ी स्कॉर्पियो टाइप बड़ी गाड़ियां हों,
> 4-5 लौंडे हमेशा साथ चलते हों
> राजस्व एवं पुलिस की निचली इकाइयों से अच्छा व्यवहार हो
> बजाए SP या DM के , दरोगा और लेखपाल को अपनी तरफ़ रखो उनकी सुबह शाम खातिरदारी करो उनको अपना लॉयल बनाओ
> गरीब , मजबूर , या अपनी ज़मीन से दूर वालों को टारगेट करो क्यूँकि ये लोग लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे
> किसी भी तरह का अवैध कब्जा करने के लिए रात का समय चुनो
> बनी बनाई बाउंड्री और तार वालो को एडवांस देके रखो
> उस ज़मीन के फ़र्ज़ी पेपर बनवा लो या जबरन एक एप्लीकेशन की इसमें मेरा भी हिस्सा है, टाइप का ड्रामा फैलाओ
> चूँकि वहाँ आपने अपनी बाउंडरी यार तार बिछा लिया है तो ज़मीन का असली मालिक सिर्फ़ गुहार लगाएगा।
> गुहार लगाने के क्रम में आप उसी दारोग़ा या लेखपाल के पास सबसे पहले जाएँगे जो आलरेडी आपके आदमी है
> वो सब असली भू स्वामी को नियम क़ानून गाइडलाइंस और ला एंड ऑर्डर का पूरा चूरन चटायेंगे और पेपर बाजी में उलझा देंगे
> उधर प्लॉट पे अगले दिन एक कमरे की दीवार खड़ी हो जाएगी आप बस फ़ोटो खीच के पुलिस और राजस्व को दिखाएँगे वो लोग असली भू स्वामी को फिर कोर्ट से स्टे लेने की बात कहेंगे
> इस प्रक्रिया में कम से कम 15 दिन निकल जाएँगे और आपका आधा निर्माण हो चुका रहेगा
> उधर फ़रियादी dm और sp के पास गुहार लगाएगा तो वो लोग उसी लेखपाल और दरोगा को बोलेंगे और वो लोग तो आपके फ़ेवर में ही रिपोर्ट लगाएँगे
> आप वहाँ डेली उठना बैठना स्टार्ट कर दीजिए
> धीरे से थक हार के आदमी आदमी के पास आएगा की आप चाहते हैं क्या हैं
> फिर क्या 1 करोड़ की उस ज़मीन के 30 लाख दाम लगा दीजिए
> 6 महीने बाद रजिस्ट्री करा लीजिए और फिर दूसरी जगह देखने लगिए
नोट: अपने क्षेत्र के बाकी भू माफियाओं से अच्छा व्यवहार रखिए क्यूँकि एक ही भूमि पे कई लोगों की नज़र होगी तो इसका लाभ असली भू स्वामी को मिल सकता है इसलिए मिल बाट के काम कीजिए।
थैंक मी लेटर