केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री @JPNadda जी के अस्वस्थ होने और AIIMS में भर्ती होने का समाचार मिला।
उनके सफलतापूर्ण उपचार और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूँ।
@railcomplaint
It has been observed that since more than a year there is lack of availability of "Rail Neer" water at Siwan railway station. All the vendors of station are seliing local water at price of 20 INR per bottle. Kindly take appropriate actions. @AshwiniVaishnaw
@PapaSanjay1@amitmalviya महोदय जब गुजरात के रहने वाले मोदी जी बनारस से साँसद बन सकते हैं तो बिहार का रहने वाला त्रिपुरारी तिवारी उर्फ मनीष कश्यप तमिलनाडु जेल का कैदी क्यूँ नही बन सकता ??
@amitmalviya एक ऐसा बॉस तो हमें भी मिलना चाहिए जो नौकरी भी दे और हमारी गलतियों पर पर्दा डाले ! बहुत खुशनसीब हो @sudhirchaudhary जो तुम्हे अमित मालवीय जैसा बॉस मिला है !
कांग्रेस और INDIA को सत्ता में आने पर एक आयोग बनाने की घोषणा करनी चाहिए.
यह आयोग नफ़रत फैलाने वाले चैनलों/अखबारों, उनके मालिकों, संपादकों और एंकरों के ख़िलाफ़ सुबूत इकठ्ठा करके उन पर धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने, अफ़वाह फैलाने, दंगे भड़काने, देश की छवि ख़राब करने आदि से सम्बन्धित धाराओं में मुकदमे दायर करेगा.
इसके लिए विशेष कोर्ट्स और विशेष जांच टीम की स्थापना की जाएगी. मुकदमे फास्ट ट्रैक मोड में चलेंगे. आयोग का फोकस हाई प्रोफ़ाइल एंकरों/अखबारों पर रहेगा.
आप बताइए, कैसा रहेगा?
हरियाणा की सरकार-पुलिस-प्रशासन सख्ती से कारवाई करे और आप महाशय मोनू मानेसर को ताऊ के लड़के की तरह ट्रीट करें !
इस पूरे हिंसा के रूट कॉज आपकी अक्षमता है
मणिपुर के बाद अब हरियाणा में हो रही हिंसा पूरे देश के लिए चिंताजनक है। मैं सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। पुलिस-प्रशासन को सख्ती से कार्रवाई कर हिंसा रोककर शांति बहाली करनी चाहिए। पड़ोसी राज्य होने के कारण हमारा चिंतित होना स्वभाविक है।
हमारे सीमावर्ती जिलों में राजस्थान के पुलिस-प्रशासन चौकस है एवं यहां पूर्णत: शांति है। प्रदेश में अशांति फैलाने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।
हरियाणा के उस मुस्लिम परिवार को मेरा सलाम पहुंचे जिसने करण सिंह और विवेक नाम के पिता पुत्र और एक महिला पुलिसकर्मी को पनाह देकर उनकी की रक्षा की।
सोहना के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर करण सिंह अपने बेटे विवेक के साथ नूंह गये थे प्लॉट देखने। वहां दोनो अपनी फरचूनर के साथ बृज मंडल यात्रा में शामिल हो गये। यात्रा के कुछ किलोमीटर चलने के बाद दंगा भड़क गया। भीड़ ने पिता-पुत्र को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उनकी पिटाई की।
जान बचाने के लिए दोनों भागकर एक घर में घुस गये। यह घर 15 सदस्यों वाला संयुक्त मुस्लिम परिवार था। परिवार ने आश्वासन दिया कि घबराओ मत, आप यहाँ सुरक्षित हो।
थोड़ी देर बाद बाहर शोर हुआ और फिर दरवाजे पर दस्तक हुई। परिवार ने दरवाजा खोला। एक महिला पुलिसकर्मी थी। उसे भी अंदर बुला लिया गया।
करण सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया है कि हम तीनों को घर के अंदर पनाह देकर वह परिवार बाहर पहरा देता रहा ताकि कोई खतरा न हो। वे हमारे लिए उस दिन देवदूत थे। उन्होंने हमें खाना खिलाया और जो चोट लगी थी उसका प्राथमिक उपचार किया। ये तीनों लगभग पांच घंटे उस घर में रहे।
जब थोड़ी शांति हुई तो परिवार के लोगों ने इन तीनों का हुलिया बदला, लड़के को एक मुस्लिम प्रतीक वाली टीशर्ट पहनाई। महिला पुलिस कर्मी को बुरखा पहनाया और सुरक्षित वहां से उनके घर भेजा।
करण सिंह बाद में अपनी गाड़ी खोजने गये जिसे शैतानों ने जला कर राख कर दिया था। लेकिन जहां उन्होंने पनाह ली, वहां इंसानियत बसती थी। इंसानियत बच गई।
सिर्फ यह परिवार ही नहीं, वह हर व्यक्ति जो मारने वालों में नहीं बल्कि बचाने वालों में शामिल है, वही हिंदुस्तान की उम्मीद है। वही असली हीरो है।
दंगाइयों ने दुनिया को बर्बाद किया है। लेकिन इंसानों ने इंसानियत में यकीन रखते हुए हमेशा इसे खूबसूरत बनाया है।
आप क्या बनना चाहते हैं? इंसान या दंगाई शैतान?
@RubikaLiyaquat रूह बिका तुम अभी तक दलाली करने से बाज़ नही आ रही हो मुख्यमंत्री को टैग कर सकती हो पर प्रधानमंत्री को टैग करने में तुम्हारी दलाली खत्म होने का खतरा है !
चलो जाने दो मृत लोगों से क्या बात करना तुम्हारा सिर्फ शरीर जीवित है आत्मा और ज़मीर तो जर रोज मरते हैं तुम्हारे कुकर्मों से
@RubikaLiyaquat मंत्री जी क्या इसलिए डटे हैं कि लाशों को ठिकाने लगाया जा सके ??
जिस तरह से लाशों को पिक अप में डाला जा रहा क्या उन लाशों की गिनती घोषित मृतकों में होगी ??