According to RBI's own Weekly Statistical Supplement dated 29 May 2026, the value of India's gold reserves fell from ₹11,45,045 crore on 15 May to ₹10,98,889 crore on 22 May.
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That is a fall of ₹46,156 crore in just one week.
In dollar terms, RBI's own table shows a decline of $4.53 billion, roughly equivalent to 31 tonnes of gold at prevailing prices.
Gold prices moved only marginally during this period, nowhere near enough to explain such a sharp fall.
So the question is simple:
If RBI says physical gold holdings did not change, then what exactly explains this massive drop in the reported value of India's gold reserves?
India deserves a clear, transparent answer.
I extend my heartfelt congratulations to Shri @DKShivakumar and the Council of Ministers on taking oath to serve the people and build a brighter future for Karnataka.
As Congress President, I also express my sincere gratitude to former Chief Minister Shri @siddaramaiah for serving Karnataka with unwavering sincerity, commitment and dedication.
I am confident that the collective leadership of the Congress party will further strengthen the ideals of social justice, economic empowerment and inclusive development, in line with our commitment to the 7 crore people of Karnataka.
The transfer of CBSE Chairman and Secretary is a mere eye-wash.
Modi ji should immediately sack Dharmendra Pradhan. Nothing less than that would provide a sense of justice to 18.5 lakh CBSE students.
“Big Breaking” is not this whitewashing, the Real News is Pradhan’s continuation despite all this!
शिक्षा मंत्रालय में आग का पता नहीं …पर हमारी शिक्षा व्यवस्था पर असली आग भाजपा ने अपने कुकर्मों से लगाई है।
भाजपा ने शिक्षा को पेपर लीक माफियाओं के ज़रिये लूट का धंधा बना लिया है। जो कहानी व्यापम घोटाले से शुरू की थी, उसका ख़ामियाज़ा अब CBSE के छात्र तक भुगत रहे हैं।
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions - but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they get it.
Best wishes to the people of Goa on its Statehood Day.
Goa is truly one of India's most treasured lands, known for its enchanting natural beauty, rich history, and unique cultural heritage.
Wishing the state continued progress, prosperity, and success.
A denial is not an answer.
Why are the Education Minister and CBSE unable to answer the four simple questions I have asked?
The future of 18.5 lakh students have been put in jeopardy. They deserve the truth.
आज से शिवनन्दनपुर में भाजपा सरकार के सत्ता के दुरुपयोग से विपक्ष की आवाज को दबाने के षड़यंत्र के खिलाफ़ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर हूं।
हम कांग्रेसी, गांधीवादी तरीके से, सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचारी शासन की जड़ें हिलाने का हौसला रखते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न राजीव गाँधी जी के 35वें बलिदान दिवस पर हमारी विनम्र श्रद्धांजलि।
21वीं सदी के आधुनिक भारत की नींव रखने में राजीव गाँधी ने ऐतिहासिक और दूरदर्शी भूमिका निभाई। युवा भारत की शक्ति पर विश्वास करते हुए उन्होंने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की, पंचायतों को अधिकार देकर लोकतंत्र को गांव गांव तक मजबूत किया, तथा दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से भारत को नए युग की दिशा दी।
महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने अनेक परिवर्तनकारी कार्य किए। शांति और संवाद के माध्यम से देश को स्थिरता देने का उनका प्रयास सदैव स्मरणीय रहेगा।
राजीव जी ने समाज के हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखकर अपने कार्यकाल में अनेक दूरगामी नीतियों की आधारशिला रखी। नई शिक्षा नीति, नई स्वास्थ्य नीति, आवास नीति और सिंचाई नीति जैसे महत्वपूर्ण कदमों ने विकास को नई दिशा प्रदान की।
उन्होंने पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, बाढ़ नियंत्रण, खाद्य तेल, दुग्ध उत्पादन और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी मिशन प्रारंभ कर भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। उनकी सोच केवल वर्तमान तक सीमित नहीं थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भारत को गढ़ने की थी।
मोदी सरकार में "अमृत काल" भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए "मृत काल" साबित हो रहा है।
खबरों के मुताबिक़ कई छात्र-छात्राओं ने NEET के पेपर लीक के सदमें से आत्महत्या की है।
लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा,
दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय,
राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल,
गोवा में रह रहे बेंगलुरु के छात्र - सबने ये आत्मघाती क़दम उठाया है।
किसी ने बचपन से सपना देखा, किसी ने परिवार की उम्मीदों के लिए सब कुछ दाँव पर लगा दिया, सालों तैयारी की।लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था ने उनके सपनों को रोंद दिया।
मोदी राज में 90 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं।
9 करोड़ से ज्यादा छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।
बेरोजगारी की आग पहले ही युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। भाजपा संरक्षित पेपर लीक माफिया सरकार के निष्पक्ष व पारदर्शी तरीक़े से परीक्षा कराने के दावों की धज्जियाँ उड़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी जी अब तो खुद “फैक्ट चेक” करने लगे हैं… कल उन्होंने "Ease of Living" पर tweet किया, पर NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चुप्पी साधे रहे।
2024 NEET पेपर लीक में जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें सज़ा नहीं मिली, बल्कि मलाईदार पद दे दिए गए। यही कारण है कि हर साल युवाओं का भविष्य लूटा जा रहा है।
हालत ये है की अब Delhi Medical Association ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा है।अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें।
मोदी जी "परीक्षा-लीक पर चर्चा" कीजिये,
चुप रहने से कुछ नहीं होगा !
देश की जनता को ये समझना होगा कि इस समय International Fuel Crisis के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में Leadership Crisis, दूरदर्शी सोच का आभाव है और Incompetency कूट-कूट कर भरी है।
ये Crisis Modi-Govt-Made crisis है। जिसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को पेट्रोल, डीज़ल और LPG पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है।
जब डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो पूरे देश में महँगाई का Cascading Effect पड़ता है। उद्योगों से लेकर घरेलू बजट व किसानों - सब पर बुरा असर पड़ता है।
जब West Asia War शुरू हुई तो देश को बताया गया कि “सब चंगा सी” और कांग्रेस पार्टी के सवालों को नकारा गया। कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया, उल्टा अमरीकी “Permission” और “Allow” के चलते हमारी Sovereignty को गिरवी रखा गया।
चुनाव के दौरान मोदी सरकार ऐसे बरताव करती है कि “सब सामान्य है” और केंद्र सरकार का काम केवल राज्यों में चुनाव लड़ना है।
अब जब Crisis बढ़ रही है तो मोदी जी Work From Home और Fuel बचाने का झुनझुना बजाने लगे।
हमारे दो सवाल —
1. मार्च में जो रूसी तेल ख़रीदने का 30-दिन का waiver दिया था जिसमें अमरीका ने “allow” और “permission” जैसे अपमानजनक शब्द लिखे थे, ख़बरों के अनुसार अब भारत सरकार उस Waiver का Extension चाहती है। सवाल है कि मोदी जी ने देश को “permission” माँगने की स्थिति में क्यों पहुँचा दिया है।
2. क्या ये सच नहीं है कि जब अंतरराष्ट्रीय Crude Oil के दाम कम थे, तब मोदी सरकार ने आम जनता को कोई राहत नहीं दी, उल्टा Central Taxes से 10 सालों में ₹43 लाख करोड़ कमाए? तो अब जनता पर महँगाई का बोझ क्यों लादा जा रहा है?
चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार!
29th April के बाद देखिए - पेट्रोल, डीज़ल, सब महंगे होंगे।
जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफ़ा रखा। अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी।
सस्ते की लूट मचाती सरकार - जनता को बस महंगाई की मार।
@girdharmittalPB भाई ना तो तुम आसमान से टपकाए गए हो
ना तो तुम ऊपर से गिराए गए हो
कहां मिलते हैं तुम जैसे एंटीक पीस
लगता है स्पेशल ऑर्डर देकर बनवाए गए हो !
Happy Birthday Bro !
🤣😂🤣😂
#happybirthdaygirdhar