#आध्यात्मिक_ज्ञान_चर्चा
गीता अध्याय 16, श्लोक 23 यः शास्त्र-विधिम उत्सृज्य वर्तते काम-कर्ताः न स सिद्धिं अवाप्नोति न सुखं न परम गतिम्
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हरे राम, हरे कृष्ण, हरि ओम आदि नामों
के जाप से सुख एवं मुक्ति संभव है या नहीं?
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#आध्यात्मिक_ज्ञान_चर्चा
गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है कि शास्त्र विधि को त्यागकर जो साधक मनमाना आचरण करते हैं
उनको ना तो कोई सुख होता है, ना कोई सिद्धि प्राप्त होती है
तथा ना ही उनकी गति अर्थात मोक्ष होता है।
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आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा
- क्या श्री कृष्ण जी अविनाशी हैं?
- क्या गीता का ज्ञान श्री कृष्ण जी ने बोला है?
- ब्रह्मा, विष्णु, महेश जी किसकी साधना करते हैं?
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#गीता_तेरा_ज्ञान_अमृत
गीता अध्याय 7 श्लोक 12 से 15
में कहा है कि तीनों प्रभुओं (त्रिगुणमाया) के पुजारी राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच, शास्त्र विरूद्ध साधना रूपी दुष्कर्म करने वाले, मूर्ख मुझे (ब्रह्म को) नहीं भजते ।
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मुस्लिम धर्म की प्रसिद्ध भक्त राबिया के विषय में यथार्थ जानकारी देते हुए संत गरीबदास जी ने बताया है “गरीब, राबिया परसी रबस्यों, मक्का की असवारि। तीन मंजिल मक्का गया, बीबी के दीदार।।” अर्थात राबिया ने अल्लाहु अकबर द्वारा बताई भक्ति को चार वर्ष करके पारंपरिक भक्ति करने लगी और मक्के की यात्रा में चली तो 4 वर्ष में की गई सतभक्ति के कारण राबिया के लिए मक्का भी 60 मील चलकर आ गया था। पढ़िये राबिया की कथा: https://t.co/p1rxgVIZFi
गोवा मुक्ति दिवस पर देशवासी गोवा के इतिहास, संघर्ष और स्वतंत्रता के सफर को याद करते हैं। गोवा ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए बहुत संघर्ष किया हैं और इसलिए इस दिवस का महत्व बहुत बढ़ जाता हैं। आइए इस खास दिन के संघर्ष के विषय में लेते हैं पूर्ण जानकारी तथा आत्मा की सच्ची मुक्ति के उपाय के बारे में भी जानते है विस्तार से।
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#Goa
गीता के अमृत रूपी ज्ञान को पूर्ण रूप से ना समझ पाने के कारण भक्त समाज अब तक पूर्ण परमात्मा से होने वाले लाभों से अपरिचित है। वह ज्ञान समझने के लिए Sant Rampal Ji Maharaj द्वारा लिखित #गीता_तेरा_ज्ञान_अमृत पुस्तक अवश्य पढ़ें।
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गीताजी अध्याय 18 श्लोक 62 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा गीता ज्ञानदाता से भिन्न है।
हे भारत! तू संपूर्ण भाव से उस परमेश्वर की ही शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा से ही तू परम शान्ति को तथा सदा रहने वाले अविनाशी स्थान को अर्थात् सतलोक को प्राप्त होगा।