@Live_Cities वाले पत्रकार को थोड़ा होमवर्क करना चाहिए, कुछ लोग नौटंकी नहीं करते हैं और सिर्फ काम करते हैं। पूर्णियां के पूर्व सांसद @udaysingh1 पहले से ही अपने इलाके के युवाओं को उनकी क्षमता और योग्यता के आधार पर रोजगार दे रहे हैं।
जबकि सम्राट चौ��री चाहते तो उन्हें भोजपुरी, मैथिली या मगही ना आने पर कूट-पीट कर वापस भेज सकते थे, पर बिहार उतना एडवांस्ड नहीं हुआ है। पता नहीं अब राज ठाकरे जी का लल्ला इन्हें महाराष्ट्र का मानेगा या नहीं!
@ajeetbharti@khurpenchh से सादर अनुरोध है कि @iChiragPaswan के लोकसभा सीट पर दलितों की स्थिति का पोस्टमार्टम किया जाए, सब के सामने तथ्य लाया जाए कि सिर्फ सीट आरक्षित होने से वहां उस जाति का विकास नहीं होता, कितने दलितों को रोजगार मिला,क्या उनके बच्चे स्कूल पढ़ने जा रहे हैं
@narendramodi@PMOIndia
ये है भारत की दो तस्वीर, अब आरक्षण पर समीक्षा जरूरी है, क्रीमी लेयर को हटाओ, ज्यादा क्रीम फैट बनाता है और हार्ट अटैक की संभावना रहती है। इसलिए इलाज जरूरी है। समय के साथ परिवर्तन जरूरी है।
https://t.co/M6mfLOgQ8U
बकलोली बंद करो चिराग जी। खड़गे के लोग ‘अल्लाहु अकबर’ का नार��� लगा रहे थे रामलीला मंचन के मैदान से। इसलिए हवन कराया गया।
क्या बात है कि @iChiragPaswan कभी दलित नेता द्वारा ब्राह्मणों के रेप को ‘शुद्धिकरण’ बोलने पर कभी कुछ ��हीं बोलता?
और हाँ, मैं और गुरु प्रकाश पासवान जी ने कई बार स्टेज शेयर किया है, अभी सांसद हैं शशांक मणि जी, उन्होंने तो शुद्धिकरण नहीं करवाया। तो ये संदर्भहीन बातें कर के क्या साबित करना चाहते हैं?
और आप आज भी अपने लिए ‘संभवतः’ का प्रयोग कर रहे हैं कि आरक्षण नहीं चाहिए? भाई, किस तर्क से आपके जैसों के लिए SC सीट रिजर्व होती है? आप तो अपने दम पर लड़ो ओपन में!
बकलोली बंद करो चिराग जी। खड़गे के लोग ‘अल्लाहु अकबर’ का नार��� लगा रहे थे रामलीला मंचन के मैदान से। इसलिए हवन कराया गया।
क्या बात है कि @iChiragPaswan कभी दलित नेता द्वारा ब्राह्मणों के रेप को ‘शुद्धिकरण’ बोलने पर कभी कुछ ��हीं बोलता?
और हाँ, मैं और गुरु प्रकाश पासवान जी ने कई बार स्टेज शेयर किया है, अभी सांसद हैं शशांक मणि जी, उन्होंने तो शुद्धिकरण नहीं करवाया। तो ये संदर्भहीन बातें कर के क्या साबित करना चाहते हैं?
और आप आज भी अपने लिए ‘संभवतः’ का प्रयोग कर रहे हैं कि आरक्षण नहीं चाहिए? भाई, किस तर्क से आपके जैसों के लिए SC सीट रिजर्व होती है? आप तो अपने दम पर लड़ो ओपन में!
"अब तुम्हारे भाई, बाप दादा हमारे खेत में ट्रैक्टर चला रहे हैं, 100-50 के लिए! अपने ल���मिट में रहकर घूम! 1990-1995 वाला समय मत समझ! ये 2026 है, अब तुझमें और मुझमें कोई फर्क नहीं है! अब चमार किसी से कम नहीं है, तुझे औकात दिखा दिया जाएगा!"
-भीम आर्मी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र भारती
जब ये खुद कह रहे हैं कि ये किसी से कम नहीं, इनके पास बहुत पैसा है, जमीन है, अब ये हर तरह से हमसे अच्छी स्थिति में हैं, तो इनको आरक्षण क्यों दिया जा रहा है????
ये रेकॉर्डिंग हर जगह फैलाइये ताकि लोगों को समझ आये कि अब इस जाति को आरक्षण की कोई ज़रूरत नहीं, क्योंकि अब ये खुद मान रहे हैं कि ये बराबरी हासिल कर चुके हैं🙏
कुछ भी अगर सावन का वीडियो है तो सोया चाप है @MrigendraSpeaks । वैसे भी यह सावन का वीडियो रहता तो सभी राष्ट्रभक्त और हिन्दू संस्कृति को आगे ले जाने ��ाले चैनल शाम को डिबेट करते नजर आते। ये गोदी मीडिया थोड़े हीं है जो सिर्फ नवरात्र में मछली खाने पर संस्कृति का अपमान कहेगा।
Some more glimpses from the banks of the Hooghly.
Tried my hand at photographing this great river. Also caught a close glimpse of the Vidyasagar Setu and Howrah Bridge.
जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही भाजपा सरकार ने भू-माफिया का सफाया कर उनके कब्जे से जमीन मुक्त कराकर गरीबों-वंचितों को पक्की छत भी उपलब्ध कराई है।
#BJP4ViksitBharat#BJP4UP#नवनिर्माण_के_नौ_वर्ष
���ुछ भी अगर सावन का वीडियो है तो सोया चाप है @MrigendraSpeaks । वैसे भी यह सावन का वीडियो रहता तो सभी राष्ट्रभक्त और हिन्दू संस्कृति को आगे ले जाने वाले चैनल शाम को डिबेट करते नजर आते। ये गोदी मीडिया थोड़े हीं है जो सिर्फ नवरात्र में मछली खाने पर संस्कृति का अपमान कहेगा।
•क्या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सावन में भी नॉन वेज खा रहे है?
•वैसे Grok ने बताया की थाली में ���ांस का टुकड़ा है
•��स तरह से ये सावन में अगर मांस खाते हैँ फिर खाने के बाद ये नहीं खाना चाहिए, सावन और नवरात्र में ये नहीं करना चाहिए इनको उपदेश भी नहीं देना चाहिए
•यही है असल में भाजपाइयों के चाल चरित्र और चेहरे में अंतर❗
@anjanaomkashyap जी क्या आपके पास इसका जवाब है, क्या आप स्कूल पर सवाल उठाएंगी और अगर एक रूपए में जमीन मिली है तो उस स्कूल की फीस क्या है, उसमें कितने गरीब बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
@atsshow7 कुल मिलाकर आप यही कह रहे हो कि @anjanaomkashyap माफिया के खिलाफ नहीं बल्कि पर्सनल लड़ाई लड़ रही है। ऐसे भी वो यूट्यूब के शिक्षकों को निशाना बना रही है जहां मुफ्त शिक्षा मिलती है, बच्चों या अभिभावकों के जेब से पैसे नहीं जाते।
फैसल खान उर्फ खान सर नेअंजना ओम कश्यप की पत्रकारिता को खारिज कर दिया उसके बाद अंजना ने यूट्यूब वाले टीचरों पर कमेंट कर दिया फिर लगभग सारे यूट्यूब वाले टीचर मैदान में आ गए। अब खान सर विदेश मंत्री एस जयशंकर को विदेश नीति का ज्ञान देने लगा है, आप सोचिए क्या ये एस जयशंकर को विदेशनीति का ज्ञान देने लायक है? खान सर युद्ध नीति पर भी ज्ञान देता रहता है। नोट पत्रकार का मजाक उड़ाओगे तो वह भी पलटवार करेगा फिर बिलबिलाना क्यों?
@KumaarSaagar शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है,शिक्षा माफिया का मनोबल बढ़ा हुआ है, पेपर लीक हो रहा है, रिजल्ट सही तरीके से घोषित नहीं हो रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
शिक्षा व्यवस्था की तमाम बहसों और शोर-शराबे के बीच एक सबसे बड़ा मुद्दा अक्सर नजरअंदाज हो जाता है कोचिंग माफिया।
बढ़ती फीस, छात्रों पर असहनीय दबाव और शिक्षा का व्यवसायीकरण लाखों परिवारों को प्रभावित कर रहा है।
अच्छा है कि अब बड़े पत्रकार भी इस मुद्दे पर सही सवाल उठा रहे हैं। शिक्षा का उद्देश्य सीखना होना चाहिए, केवल महंगी कोचिंग पर निर्भरता नहीं।
अच्छा है @anjanaomkashyap जैसी बड़ी पत्रकार इसे उठा रही है।🙏
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल प���ा है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात ��ै ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया ���ै, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई ��पवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।