चांगल्याला चांगलं व वाईटाला वाईट म्हणणारा मी कार्यकर्ता आहे... पुरुष आंदोलकाला पकडताना महिला मध्ये आली असेल तर तेव्हाच पोलिसाने थांबणे अपेक्षित होते. परंतु पोलीस कर्मचाऱ्याने पाहिल्यानंतर देखील आंदोलक महिलेला अस्वस्थ वाटत असतानाही हात बाजूला केला नाही, ही वस्तुस्थिती आहे.
दिल्लीत असेल किंवा नागपुरात असेल, मुलींना पुरुष पोलीसांकडूनच मारहाण झाली. हे होत असतानाही मुंबईत तुम्ही आंदोलनाच्या बंदोबस्तासाठी महिला पोलीस ठेवू शकत नव्हता का? तसेच हे पोलीस कर्मचारी साध्या वेशात का होते, याचे उत्तर जनतेला द्या.
उगाच मलमपट्टी करण्यापेक्षा आणि पोलीस कर्मचाऱ्याच्या वागण्याला पाठिशी घालण्यापेक्षा पोलिसांबद्दल आदर वाढेल अशी कारवाई संबंधित पोलीस कर्मचाऱ्यावर कराल, ही अपेक्षा...
महोदय, सदर व्हिडिओमार्फत आमच्या कर्मचाऱ्याच्या वर्तनाचा अत्यंत बेजबाबदारपणे चुकीचा अर्थ लावला जात आहे. जेव्हा सदर अधिकारी एका पुरुष आंदोलकाला पकडून दुसऱ्या दिशेला पाहत होता, तेव्हा एक महिला आंदोलक नकळतपणे मध्ये आली.
एक प्रथितयश व्यक्ती म्हणून, तुम्ही एखाद्या व्हिडिओच्या आधारे कोणताही अर्थ काढण्यापूर्वी तथ्यांची पडताळणी करणे अपेक्षित असते. वरिष्ठ अधिकाऱ्यांनी सर्व तथ्यांची खात्री केली आहे.
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
अगर डेमोक्रेसी में यकीन नहीं रखते तो बच्चों को स्कूलों में डेमोक्रेसी की महानता का पाठ क्यों पढ़ाते हो?
मैं इस बच्ची के सवाल से सौ प्रतिशत सहमत हूँ।
मोदी जी! आप सहमत हैं इससे?
தலைநகரில் ஜனநாயகம் நசுக்கப்படுவது வன்மையாகக் கண்டிக்கத்தக்கது!
டெல்லியில் நடைபெற்ற இளைஞர்களின் அறவழிப் போராட்டத்துக்கு ஆதரவாகக் களமிறங்கிய மக்களவை எதிர்க்கட்சித் தலைவர் திரு. ராகுல் காந்தி அவர்கள் டெல்லி காவல்துறையால் இழுத்துச்செல்லப்பட்டும் குண்டுக்கட்டாகத் தூக்கிச் சென்றும் கைது செய்யப்பட்டது ஜனநாயக உரிமைகள் மீதான அப்பட்டமானத் தாக்குதலாகும். இது வன்மையாகக் கண்டிக்கத்தக்கது.
நீட் தேர்வு நடைமுறைபப்டுத்தப்பட்டது முதலே அதன் மீதான நம்பகத் தன்மை குறைவது மட்டுமல்லாமல், மாணவர்கள் மன உளைச்சலுக்கு உள்ளாகி தங்களின் எதிர்காலக் கனவு மிகப்பெரிய கேள்விக்குறியாவதும் தொடர்கிறது.
நீட் தேர்வால் ஒவ்வொரு ஆண்டும் மாணவர்கள் பாதிப்பிற்குள்ளாவது நின்றபாடில்லை. எனவே ஒன்றிய அரசு நீட் தேர்வை முழுவதுமாக ரத்து செய்ய வேண்டும் என்று வலியுறுத்துகிறோம்.
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
क्या आप इसका समर्थन करते हैं, @RahulGandhi?
कांग्रेस ने अपने एक कार्यक्रम में दीक्षाभूमि के ऊपर हिंदुत्व का भगवा झंडा दिखाकर एक बेहद घिनोना, शर्मनाक और आपत्तिजनक काम किया है।
जिस तरह भाजपा और आरएसएस लंबे समय से मस्जिदों को हिंदुत्व से जोड़ने की कोशिश करती रही है, उसी तरह अब कांग्रेस ने दीक्षाभूमि के ऊपर भगवा झंडा दिखाकर दीक्षाभूमि और पंचशील ध्वज को हिंदुत्व के भगवा रंग में रंगकर अपनी असली मानसिकता उजागर की है!
🔴कांग्रेस ने बौद्ध धर्म पर हमला बोल दिया है।
🔴 कांग्रेस ने बौद्ध समाज पर हमला बोल दिया है।
🔴 कांग्रेस ने दीक्षाभूमि पर हमला बोल दिया है।
🔴 कांग्रेस ने पंचशील ध्वज पर हमला बोल दिया है।
🔴 कांग्रेस ने बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान किया और उन पर हमला बोल दिया है।
हमारा बौद्ध समाज से सवाल है —
क्या आप कांग्रेस के इस बेहद घिनोना, शर्मनाक और आपत्तिजनक, बौद्ध-विरोधी काम को माफ करेंगे, या फिर उन्हें इसका जवाब देंगे?
#बौद्ध_विरोधी_कांग्रेस