“बहन जी की पहली सरकार सिर्फ़ 137 दिन… जिसने सत्ता की परिभाषा बदल दी!”
3 जून 1995,
पहली बार दलित समाज की बेटी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी।
नाम था बहन कु. मायावती।
ये सरकार सिर्फ़ 137 दिन (18 अक्टूबर 1995 तक) चली।
लेकिन इन 137 दिनों में बहन जी ने वो कर दिखाया,
जो कई दलित-विरोधी सरकारें 50 साल में भी ना कर सकीं।
आइए जानते है, इन कुछ महीनों में बहनजी ने क्या किया?
अंबेडकरनगर- बाबा साहेब के नाम पर बना पहला जिला।
दलित बस्तियों में पुलिस चौकियाँ और सुरक्षा कैंप -पहली बार सत्ता ने झुग्गियों का दरवाज़ा खटखटाया।
सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में सख़्त आरक्षण लागू करवाया “कागज़ों की नहीं, जमीन की शिक्षा” दी।
इंटर कॉलेजों और डिस्पेंसरी के नए प्रस्ताव पास कराए, ताकि गाँव का बच्चा भी डॉक्टर- अफ़सर बन सके।
अंबेडकर गाँव योजना शुरू कराई -
जहाँ सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य एक साथ पहुँचे।
ये सरकार छोटी नहीं थी... ये बहुजन समाज की पहली बार ली गई सुकुन की साँस थी!
किसी अमीर के लिए 137 दिन कुछ नहीं होते,
लेकिन एक बहुजन बच्चे के लिए उस दिन पहली बार उसकी माँ ने कहा
“बेटा, अब हमारी भी सरकार होती है।”
धन्यवाद मान्यवर साहब अपने हमे सपने देखने के लिए आसमान दिया।
#मायावती #बहुजन_गौरव #राजनीतिक_स्वाभिमान #BahujanHistory #DalitCM
#9_अक्टूबर_लखनऊ_चलो
सरकार जिस रिसर्च और स्टडी के आधार पर E-20 पेट्रोल लायी उसमें ख़ुद नीति आयोग ने माना था कि 6-7% पेट्रोल एफिशिएंसी (माइलेज) कम होने की बात थी।
अब जब लोग 15-20% माइलेज कम होने की बात कह रहे तो आश्चर्य नहीं।
दूसरा ये कि पुरानी गाड़ियों को नुक़सान की कई शिकायतें हैं।
इसलिए एक बार इसको लेकर लोगों के कंसर्न को समझने, एड्रेस करने और विचार करने की ज़रूरत है।
दलित अधिकारीयो जो डिमोट करके, दलित महापुरुषों के नाम पर बने जिले, उद्यान, हॉस्पिटल आदि के नाम बदल कर, अपनी चुल्ल मिटने वाले श्री @yadavakhilesh चीर फाड़ जन्मदिन की शुभकामनाएं।
आप दोबारा कुर्सी की शक्ल न देखे।
आपके स्वस्थ जीवन की अनंत शुभकामनाएं।
इस देश में और भारतीय राजनीति में इससे बेहतर स्टेटमेंट इस प्रकरण में अगर कोई हो सकता हैं तो मुझे टैग करे।
मै दावे के साथ बोल सकता हूं बहन जी से मुखर और खुल कर बोलने वाला कोई नहीं हैं।
बाबा साहब और मान्यवर साहब के भरपूर गुण का व्यक्तित्व हैं बहन जी का।
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहाँ व्यवस्था है तो उनका यहाँ अयोध्या में भी अनुशरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये तो यह उचित होगा।
इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील।
@narendramodi कोरा झूठ,
हम रात दिन मार्केट में है, हम सब जानते है।
एक्सपोर्टर खून के आंसू रो रहे है, पहले ड्यूटी ड्रॉ बैक मिलता था ईस्पोर्ट करने पर अपने सब बंद कर दिया।
नए नए कानून का कर एक्सपोर्ट को ठप्प की कगार पर ले आए जूता और लेदर उद्योग का डेटा उठवा लीजिये।
कहा से कहां आ गया, झूठ मत बोलो
योगी जी जिस बसपा की आप बात कर रहे हो उसका शक्त डंडा आज भी पूरा प्रदेश याद करता है, बसपा सरकार के दौर में सांप्रदायिक सौहार्द चरम पर था, न कोई मौलाना को अपर एज था न किसी तिलकधारी को।
बस राज था तो संविधान का, जिसको आप घोट कर पीना चाहते है, आपके जैसे ही आपके मित्र श्री अखिलेश है।
माँझी जी की अपनी कसक है, मंदिर दर्शन के बाद दूध से मंदिर धुलवाना वो अभी तक नहीं भूले।
पर जो भरत के साथ हुआ वो नाकाबिले बर्दाश्त है।
और धन्यवाद चित्रा जी अपने मुसहर समाज की दशा पर प्रकाश डाला।
एक प्राइम टाइम डिबेट तो इसके ऊपर बनती हैं।
जीतन राम माँझी जी आप हम लोगों के बहुत प्रिय और महादलित समुदाय से आने वाले बड़े नेता है. माँझी साहब आपको किसी के जवान बेटे की हत्या/एनकाउंटर पर अपनी पीठ थपथपा लेने से समय मिल जाये तो अपनी ही जाति के लोगों पर भी नज़र डाल लें ताकि उनका कुछ भला हो जाये. क्योंकि ये समुदाय आपको वोट करता है लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता- ये महादलित लोग हैं बिहार में हर पैमाने पर बहुत पिछड़े और गरीब. मैंने चुनाव के वक्त जब इनके बीच जाकर रिपोर्टिंग की थी तो सोचा जिसने बिहार को अपनी “जाति” का सीएम दिया उनका ये हाल क्यों है ?
“”अभी बिहार में करीब 42 लाख मुसहर जाति के लोग हैं. जिनमें मात्र 98 हजार ही मैट्रिक पास है. यानी दो फ़ीसद से थोड़ा ज़्यादा . भोजपुर जिला में करीब 50,000 की आबादी में मात्र 400 मैट्रिक पास है. स्नातक की डिग्री लेने वाले लगभग दर्जन भर.
Ma के केवल 4 विद्यार्थी हैं.
@Bebakjai57 अपनी बहन के लिए भी यही शब्द प्रयोग करोगे? ये माँ के लिए?
मै नहीं जानता इस लड़की को पर मुझे पता हैं आपकी नियत गर्त तक खराब हैं, आप मानवता के न्यूनतम पर हो।
अगर आपको मनु को दोगली संतान बोला जाए तो कुछ गलत नहीं होगा।
मेरे हाथ में हो तो मैं 5 लाख नहीं। 5 करोड़ दे दूं बहन जी की एक झलक पाने के उन्हें सुनने के, अपनी देवी से मिलने के लिए मैं पैसे देखूंगा धिक्कार है हम जैसे लोगों पर।
जिन लोगों ने चंदे के लिए वनतारा के हाथी के सामने मुजरा किया हो वो हमें ज्ञान न दे।
#बसपा#bsp
मोदी जी काश इनसे ही कुछ सीख लेते।
रीढ़ की हड्डी किसे कहते है मीलोनी से सीखने की जरूरत।
बात बात पर दाँत फाड़ने से काम नहीं चलता, बल्कि फूहड़पंती झलकती है।
@mukeshdeshka राय एक दम बढ़िया है, मजबूत रीढ़ की हड्डी हैं बहन जी की, बिकाऊ नेता नही है, हमारा स्वाभिमान है, हमारी जिंदा देवी है, अगर बहन जी न होती तो आज एक कंपनी में मैनेजर की जगह मजदूरी कर रहा होता, क्योंकि बहन जी के कार्यकाल में 0 फीस पर एडमिशन मिला और हमने कॉलेज का मुंह देखा।
दिक्कत क्या है लक्ष्मण? बहन जी उद्योगपतियों से नहीं पार्टी के लोगों से ले रही है, और आपको मिलना नहीं है तो आपको खुजली क्यों?
अपने नेतृत्व को बोलो उद्योगपति से चंदा लेना बंद करे और पार्टी चला के देख ले समझ आ जाएगा कैसे पार्टी चलती हैं।
एक दिन में अंडू बाहर आ जायेगे।