नूह में सांप्रदायिक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार कांग्रेस विधायक मामन खान पहले चार दिन पुलिस हिरासत में रहा और अब उसको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मामन खान को उसके किए की सजा ज़रूर मिलेगी, लेकिन उससे ज़्यादा ख़तरनाक टीवी स्टूडियो में बैठे कुछ वामपंथी पत्रकार हैं जिन्होंने एक बार भी नूह में हुए दंगों के लिए इसका नाम नहीं लिया, लेकिन मोनू मनेसर का नाम बार बार उछाला।
इन वैचारिक आतंकवादियों को पहचाना ज़रूरी है।