NSUI | जिला महासचिव, रामगढ़ (झारखंड)
DUSU | पूर्व सांस्कृतिक अध्यक्ष • 2015–16
DUSU | पूर्व खेल अध्यक्ष • 2016–17
संघर्ष • नेतृत्व • जनसेवा
📍झारखंड | दिल्ली
@DrLaxman_Yadav सत्ता के गुंडों को पुलिस सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय के लिए धरना—यही आज की तस्वीर है।
Article 14 सबके लिए कानून के सामने बराबरी की गारंटी देता है। सवाल सीधा है: संजय कुमार पर हमले के आरोपी की गिरफ्तारी कब होगी?
कानून का राज चलेगा या सत्ता का?
@nsui लाठी और गोली से सवाल दबाए जा सकते हैं, खत्म नहीं।
Article 21 हर व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। घायल छात्रों के साथ खड़ा होना सिर्फ राजनीति नहीं—न्याय की लड़ाई है।
सवाल रहेगा: युवाओं पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया?
@IYC संविधान ने छुआछूत को खत्म किया, Article 17 इसे अपराध घोषित करता है।
फिर किसी दलित नेता के भाषण के बाद “शुद्धिकरण” किस सोच की निशानी है?
समस्या सिर्फ BJP-RSS की राजनीति नहीं, उस मानसिकता की है जो आज भी बराबरी स्वीकार नहीं करती।
@IYC जब न्याय मांगने आए पत्रकारों को थाने के अंदर ही पीटा जाए, तो सवाल सिर्फ पुलिस का नहीं, उस व्यवस्था का है जो उन्हें संरक्षण देती है।
Article 14: कानून के सामने बराबरी। Article 19(1)(a): सवाल पूछने की आज़ादी।
अब FIR भी नहीं होगी तो कानून किसके लिए है?
@RahulGandhi बिहार में परीक्षा में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले युवाओं पर लाठी और AK-47 चली।
Article 19(1)(a) आवाज़ उठाने का अधिकार देता है। पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी से बिहार सरकार बच नहीं सकती।
सवाल है—आदेश किसने दिया और जवाबदेही कौन लेगा?
#ChhatronKiGoonj
@SanjayAzadSln राम का मंदिर या RSS का नियंत्रण?
₹582 करोड़+ दान के बावजूद नियुक्तियों और कथित गड़बड़ियों पर पारदर्शिता क्यों नहीं?
Article 19(1)(a) सवाल पूछने का अधिकार देता है। रामभक्तों को हिसाब चाहिए, मनमानी नहीं।
@DrLaxman_Yadav “लाठी के बाद बंदूक चलाएंगे”—इतना सत्ता का नशा?
Article 14 कानून के सामने बराबरी की बात करता है, Article 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है।
@DelhiPolice और @AmitShah — अगर कैमरे पर खुलेआम हिंसा की धमकी भी कार्रवाई के लायक नहीं है, तो फिर कानून किसके लिए है?
@IYC सवाल पूछने पर 2 महिला पत्रकारों के साथ थाने में कथित मारपीट—लोकतंत्र के लिए इससे शर्मनाक क्या होगा?
Article 14: कानून सबके लिए बराबर।
Article 19: अभिव्यक्ति की आज़ादी।
सत्ता के इशारे पर संविधान को कुचलना बंद कीजिए—जनता की आवाज़ दबाने वालों से जवाब लिया जाना चाहिए।
@SupriyaShrinate@DelhiPolice “अब लाठी नहीं, बंदूक चलाएंगे”—यह राजनीति नहीं, खुलेआम हिंसा की धमकी है।
संविधान का Article 14 कहता है कि कानून की नजर में सब बराबर हैं।
तो @DelhiPolice बताइए—कानून सिर्फ़ छात्रों के विरोध पर चलेगा, या बंदूक की धमकी देने वालों पर भी?
@VinodJakharIN@RahulGandhi जिस सरकार को अपने युवाओं के सवालों से डर लगता है, वो सरकार लाठी से भी जवाब दे तो इतिहास में डरपोक ही कहलाएगी।
युवा सवाल पूछ रहा है—और यही सवाल सत्ता की सबसे बड़ी बेचैनी है।
#ChhatronKiGoonj
@RahulGandhi छात्रों की आवाज़ उठाने वालों को डराना और दलित परिवार पर कथित हमले के आरोपी पर कार्रवाई न होना—ये दोहरे मापदंड क्यों? अनुच्छेद 14 समानता और अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता के अंत की गारंटी देता है। न्याय सबके लिए समान होना चाहिए। जय भीम, जय संविधान। 🇮🇳
@BhimArmyChief पत्रकार का धर्म सवाल पूछना है, सत्ता का धर्म जवाब देना। धर्म, लिंग या पहचान के आधार पर पत्रकार को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर संकेत है। अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं—लोकतंत्र की आत्मा है। 🇮🇳
@SupriyaShrinate@kharge 25 दिन बाद भी Haldwani की घटना पर कार्रवाई नहीं, लेकिन सवाल उठाने पर Rahul Gandhi पर कार्रवाई—यह दोहरा मापदंड क्यों?
अगर दलित सम्मान पर चोट हुई है, तो निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। संविधान किसी सत्ता के दबाव में नहीं, न्याय के साथ खड़ा है। 🇮🇳
@yadavtejashwi पत्रकार का धर्म सवाल पूछना है, सत्ता का धर्म जवाब देना। धर्म, लिंग या पहचान के आधार पर पत्रकार को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर संकेत है। अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं—लोकतंत्र की आत्मा है। 🇮🇳
@VinodJakharIN पोस्टर फाड़ने से विचार नहीं फाड़े जा सकते। अगर NSUI के सवालों से डर लग रहा है, तो जवाब पोस्टर फाड़कर नहीं—छात्रों के सामने देना चाहिए।
अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। लोकतंत्र में पोस्टर नहीं, जनता का फैसला चलता है। ✊🇮🇳
@AadeshRawal 7.8% GDP पर सवाल आंकड़े से ज्यादा भरोसे का है। जब पूर्व वित्त सचिव जैसे Subhash Chandra Garg भी GDP गणना पर सवाल उठाते हैं, तो सरकार को आलोचना नहीं, स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
अनुच्छेद 19(1)(a) सवाल पूछने की आज़ादी देता है। भरोसा भाषणों से नहीं, पारदर्शिता से बनता है। 🇮🇳
रामगढ़ से दिल्ली तक 🇮🇳✊
DU छात्रसंघ चुनाव में NSUI के साथ छात्रहित और युवा आवाज़ को बुलंद करने के लिए रामगढ़ के कार्यकर्ता दिल्ली रवाना।
छात्र एकता • युवा शक्ति • बदलाव🔥
#nsui#dusu#chhatrokigoonj
@IYC मुद्दा साफ़ है—भारत मनुस्मृति से नहीं, बाबा साहेब के संविधान से चलेगा। अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता को समाप्त करता है और अनुच्छेद 14 समानता की गारंटी देता है।
जातिगत अपमान के खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध नहीं, संवैधानिक कर्तव्य है। संविधान ज़िंदाबाद! 🇮🇳✊