“महिलाओं के खिलाफ कई बातें मनुस्मृति में लिखी गई हैं, इन शब्दों पर शर्म आनी चाहिए!” — राहुल गांधी!
सनातन संस्कृति को समझने के लिए 'इटालियन सोच' नहीं, 'संस्कृत और भारतीय संस्कार' चाहिए!
मनुस्मृति को कोसने वाले राहुल गांधी कभी मनुस्मृति पढ़ी भी है?
जिन ग्रंथों को समझने के लिए भारत की मूल संस्कृति और संस्कृत का ज्ञान चाहिए, उन पर विदेशी चश्मे से ज्ञान देना बंद कीजिए।
मनुस्मृति (3/56) स्पष्ट कहती है—
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” अर्थात, जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता वास करते हैं!
आधी-अधूरी राजनीति चमकाने से पहले मूल ग्रंथ पढ़ने का साहस जुटाइए!
किताब का एक पन्ना बिना पढ़े पूरी संस्कृति को कठघरे में खड़ा करना सस्ती राजनीति का परिचायक है।
मनुस्मृति 3/56 का एक श्लोक ही आपकी राजनीति के खोखलेपन को उजागर करने के लिए काफी है— “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” अर्थात, ज्ञान बांटने से पहले थोड़ा स्वाध्याय जरूरी है!