हर कोई यहां जल्दी में क्यूं हैं,
हर राहगीर मेरे द्वारे पर
रुकता जरूर है,पर मैं जब तक
दौड़कर चोखट पर पहुंचती हूं
वह दूर निकल गया होता है,
बस ये उदास मन है
जो मै कहीं से भी लौटकर आऊं
मुझे वह वहीं देहरी पर मिलता है🖤✍️
तेरा सपना देखूं सपना
आजा री निंदिया
जन्मों से मन जागा मुसाफिर
लिखना चाहूं गीत मैं तुम पर
लफ्ज़ मिले तो लिखूं
चंद्र जगे तो मैं भी जागु
सागर ठहरे मैं भी ठहरु
दीप जले मैं जलूं
तेरा सपना देखूं सपना...
मेरे दो दोस्त है
दिन के उड़ते बादल और
रात के टूटते तारे और
उनकी दो हमजोलिया
बारिश की बरसती बूंदे और
गिरती बर्फ की तितलियां,
फिर जब कभी हम सारे
आपस मे मिल बैठते हैं
दुनिया को खोजा करते हैं
तुमको सोचा करते हैं ......
@Hindi_panktiyan
लड़कियों छुपा लो
आंखो के नीचे आई
थकावट की काली परते,
सफ़र के,धूल के निशान चहरे
से,मैकअप का आवरण ओढ़
लो,क्योंकि कविताओं में
कहना अलग बात है सच तो
ये है दुनिया की संघर्ष करती
स्त्री नही, बेदाग श्रृगांर करती
स्त्री ही पहली पंसद है,और
रहना आखिर इसी दुनिया मे है,✍️
'चम्बल में पानी नहीं ख़ून बहता है,
चम्बल में मछलियाँ नहीं लाशें तैरती हैं
चम्बल प्रतिशोध की नदी है
और वह कौन सी लड़की है
जो प्रतिशोध और ख़ून से भरी नहीं है
और जिसमें लाशें नहीं तैरतीं,
फिर भी शारदा, सई, क्षिप्रा, कालिन्दी तो--
लड़कियों के नाम हैं
चम्बल नहीं है किसी लड़की का नाम'