@vishwakarma_pwr
वेदों के अनुसार ये बात तो बिल्कुल सत्य है पर तथाकथित ब्राह्मण वॊ अन्य समाज इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखते यहां तक अपने लोग भी l इसका प्रचार-प्रसार एवं शाब्दिक अर्थ भरी सभाओं में आम लोगों तक पहुंचाना होगा l
ॐ
एमएलए एमपी एमएलसी पार्षद कोई सरकारी नौकर नहीं जिससे उन्हें पेन्शन दिया जाय। इन पर होनेवाले प्रति वर्ष 500 करोड़ का वित्तीय घाटा को अविलंब बंद किए जाय!
सांसदों, राज्य सभा के सदस्यों, विधायकों, विधान पार्षदों, का
पेन्शन तत्काल प्रभाव से बंद किये जाय क्योंकि ये असंवैधानिक है। ं इनके पेन्शन पर भारत सरकार को 500 करोड़/वर्ष अतिरिक्त वित्तीय खर्च वहन करना पड़ता है।
आज तक इपीएस-95 पेन्शनर केस के संदर्भ में
* ईपीएफओ कहता है-बजटरी सपोर्ट के बिना ये संभव नहीं?
* सरकार-ईपीएफओ में लुका-छिपी का मस्त गेम !
* सुप्रीम कोर्ट के उचित आदेश के बिना केस वर्षों से अधर में। 65 लाख बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों को-दो जून की रोटी नसीब नहीं! जिम्मेदार कौन?
उ0 प्र0 में स्वजनों ने पंचायती चुनाव में आश्चर्य है जिस नायाब तरीके से अपनी जीत सुनिश्चित की है,वाकई काबिले तारीफ है! अगर यही ट्रेन्ड रहा तो अब दिल्ली भी दूर नहीं। मन के हारे हार है मन के जीते जीत। सन्निकट होने पर आपके "हार" से ही जीत परिलक्षित होती है।
बसुद्धैव कुटुम्बकम। भारत जनसंख्या की मार से त्रस्त है। यह सदियों से गुलाम भी था और भिन्न भिन्न शासकों के मार झेलते आया है। प्रजातंत्र से देशवासियों को बहुत बड़ी राहत मिली है वहीं निजीकरण से जनता को बहुत बड़ी क्षति। जनता देश की सम्पत्ति को निजी हाथों सौपने की कभी अनुमति नहीं देती
ॐ नमः विश्वकर्मणे!
शिक्षा विकास की सबसे बड़ी कुंजी है! क्यों न हम अपने बच्चों को शुरु से ही ऊँच्च कोटि की शिक्षा दिलाए और उन्हें प्रेरित करते रहे भारतीय प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा के लिए ताकि वहां अधिक से अधिक बच्चे सफल हो देश व समाज का नाम रोशन करें!
हर गुण सम्पन्न विश्वकर्मा समाज लाख प्रयत्नों के बावजूद राजनीतिक लड़ाई में हार जाती है आखिर क्यों?
निम्नलिखित प्रसंग में इसका उत्तर आपको मिल जायेगा। मरते वक्त रावण ने राम से वार्तालाप में क्या बोला था? अवश्य पढें और समझें। हम सुधरेंगे जग सुधरेगा!
राजनीति में राष्ट्रीय स्तर पर विश्वकर्मा समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर राजनीतिक पहल करना ये बहुत बड़ी बात है। आये दिन फेसबुक पर राजनीति की ऐसी गर्मजोशी देखने को मिलती है। चुनावों के परिणाम का गर संज्ञान लें तो सभी ज़ीरो है। बिखरे समाज को जो जोड़ेगा वही समाज का आईडल बनेगा।
ॐ नमः विश्वकर्मणे!
कॉरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक व जानलेवा है। इस बिमारी से बचने के लिए टीकाकरण आवश्यक है। दो गज दूरी, मास्क है जरूरी सिद्धांत का पालन करें।
भय भूख बेरोजगारी और कॉरोना से निपटने के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा व साथ-साथ अनाज वित्तरण भी कराए जांय ।
एन0 ए0 सी0, के राष्ट्रीय अध्यक्ष
मा0 कमान्डर अशोक रावत एवं
अन्य राष्ट्रीय संगठनों के मिलीजुली प्रयास/दबाव से, सरकार, 65 लाख संगठित/असंगठित, इपीएस-95 पेन्शन धारकों के डिमांड-7500+डीए+ मेडिकल को फरवरी'21 से पहले लागू करने की अपनी सहमति जताई है। इससे लोगों में खुशी की लहर जगी है।
हिन्दूस्तान के वीर बाकुड़ों ने अपनी कुर्बानी देकर जिस तरह अंग्रेजों से आजादी दिलाई थी!आजादी के लिए पुनः वंशवाद तथा झूठी कसमें वादे करने वाले राजनितिज्ञों का प्रतिकार कर आजादी लेनी होगी। वरना फूट डाल राज करने वाले, ये वही एन्गलों इण्डियन हैं, जिन्हें आपसे कोई लेना-देना नहीं ।
प्राणि जगत के उत्तम गुणवता हेतु समय-समय पर वैज्ञानिक अनुसंधान हो रहें हैं,उत्प्रेरक जीन के चलते अद्भुत परिणाम,अन्य जीव-जन्तुओं के अलावा मनुष्यों पर भी प्राप्त हो रहें हैं। उत्तम वर्ण सुधार हेतु विश्वकर्मा वंशज को भी चाहिए कि वो अपने उपजातियों में वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित करें!