"बिहार की जनता के नाम संदेश "
प्रिय साथियों,
आप सभी को राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! बिहार के करोड़ों लोगों के लिए 5 जुलाई का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1997 को आज ही के दिन अनेक वरिष्ठ साथियों के साथ मिलकर हमने गरीबों, शोषितों, दबे कुचले वर्गों एवं अकलियतों के हक़ों और अधिकारों की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी। यह कोई साधारण दिन नहीं है। इस दिन बिहार एवं देश की राजनीति की दशा एवं दिशा का कायापलट हुआ था।
राष्ट्रीय जनता दल द्वारा गरीबों,शोषितो एवं आम जनमानस की भलाई के लिए किये गए संघर्ष, त्याग एवं बलिदानों के बारे में अगर मैं वर्णन करुं तो शब्द भी कम पड़ जाएंगे। बिहार में व्यापत सामाजिक एवं आर्थिक असमानता और फिरकापरस्ती को नेस्तनाबूद करने के साथ-साथ एक विकसित,मजबूत, समृद्ध, खुशहाल व समतामूलक बिहार के निर्माण के लिए राजद के असंख्यक निस्वार्थ कार्यकर्ताओं एवं वोटरों ने सेवा, त्याग, बलिदान और परिश्रम की देश भर में एक अनूठी मिसाल कायम की है। पार्टी के प्रति समर्पित इन कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही पार्टी का विस्तार सम्भव हुआ है। यह हमारे कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और समर्पण का ही परिणाम है कि प्रतिदिन राजद और मजबूती से आगे बढ़ रही है। पार्टी का हर दौर में साथ देने वाले तमाम नेताओं, साथियों और कार्यकर्ताओं को मैं तहे दिल से सलाम करता हूं।
राजद की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता गरीब, पीड़ित, बहिष्कृत, कमज़ोर व मजलूम तबकों की वकालत रही है। बदलते दौर में भी हमारी राजनीति मूलतः सामाजिक आर्थिक ग़ैरबराबरी और फिरकापरस्ती के खिलाफ़ रही है। हमारे विकास का मॉडल चमकते हवाई अड्डे, आलीशान मॉल और चमचमाते होटलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि विकास के हरेक पहलू में हम समाज के गरीब एवं आखिरी व्यक्ति की भागीदारी और उसकी हिस्सेदारी के लिए संकल्पित हैं। इन मॉल, होटलों और हवाई अड्डों का निर्माण करने वाले शिल्पकारों, कामगारों, कारीगरों और इनमें काम करने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के जीवन में गुणात्मक तथा सकारात्मक परिवर्तन आए यही हमारा ध्येय है। इससे कम हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
हमने सामाजिक और राजनीतिक संरचना में व्याप्त असमानता के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर अपने लोकतंत्र को व्यापक, समृद्ध और समावेशी बनाया है। अपनी इस यात्रा में हमने कई ऐसे मुक़ाम हासिल किये हैं जिनकी चार-पाँच दशक पूर्व कल्पना भी असंभव थी। लोहिया, जेपी, कर्पूरी और अंबेडकर के इन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और प्रगाढ़ हुई है साथ ही हमने वो मंजिल हासिल की है जहाँ से अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सबलीकरण की लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाना है। यह विरासत हमारी शक्ति भी है और पूँजी भी!
देश में तमाम जनवादी, प्रगतिशील, समाजवादी और लोकतान्त्रिक विचारधारा से लैस दलों पर निराशा के क्षणिक बादल छाये हैं। Compromised constitutional institutions, आक्रामक बाज़ार, वोटर ही नहीं निर्वाचित जनप्रतिनिधि खरीदने में पूंजी का असीमित उपयोग तथा दक्षिणपंथी प्रतिक्रियावादी राजनीति ने लोकतंत्र के अस्तित्व पर कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। पिछड़ों की भागीदारी, शिक्षा और रोज़गार के अवसरों की समानता, अकलियतों के हक़ूक़,उनकी सुरक्षा,असमान विकास के मुद्दों तथा सरकार की नाकामियों को एक तथाकथित ‘हिंदुत्व के आवरण’ से ढंका जा रहा है।
साथियों, विगत कई राज्यों के चुनाव नतीजों की अगर पड़ताल करें तो मालूम होगा कि बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं को कब्जे में लेकर संविधान को दरकिनार कर तानाशाही के बल पर देश को फिर से पीछे धकेलने का प्रयास कर रही है।हमारी राजनीति हमें इस परिस्थिति को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देती। अतः राजद के सभी साथियों को बिना वक़्त जाया किये इस ऐेतिहासिक भूमिका के लिए तैयार होना पड़ेगा।हर कार्यकर्ता और नेता को यह समझना होगा कि हमारा दल सिर्फ ‘चुनाव लड़ने की मशीन’ नहीं है।
समर्थक समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों के साथ लगातार संपर्क रखकर यह भरोसा दिलाना होगा कि राजद उनके मुद्दों और चिंताओं के लिए संसद और सड़क दोनों ही जगह लड़ने में सक्षम है। साथियों, यह लड़ाई पिछली सारी लड़ाईयों से अलग होने वाली है क्योंकि यह लड़ाई ‘असंवेदनशील सम्पन्नता’ और ‘चेतन विपन्नता’ के बीच कि लड़ाई है।यह लड़ाई ‘मज़बूत’ और ‘मजबूर’ वर्गों के बीच की है,यह लड़ाई संवैधानिक संस्थाओं के असंवैधानिक तरीकों को ख़त्म करने की है,यह संघ और कोर्पोरेट घरानों की नयी जुगलबंदी के बीच की लड़ाई है।ये हिंदुस्तान में गरीबों, किसानों और वंचितों के अस्तित्व की लड़ाई है।अतः छोटी-मोटी चिंताओं और मतभेदों को ताक पर रखकर इस लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाने के लिए मिलकर लड़ना होगा।
आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। मंत्रिपरिषद् के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले बिहार सरकार के सभी मंत्रियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
आशा है नई सरकार जिम्मेदारीपूर्ण लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतर अपने वादों एवं घोषणाओं को पूरा करेगी तथा बिहारवासियों के जीवन में सकारात्मक व गुणात्मक परिवर्तन लाएगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी, आज पूर्णिया में जुमलों की बारिश करने से पूर्व कृपया अपने सभा स्थल से 2-3 किलोमीटर के दायरे में अवस्थित जर्जर ग्रामीण सड़क, शिक्षकविहीन स्कूल, बदहाल स्वास्थ्य केंद्र तथा महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी व पलायन से परेशान महिलाओं व युवाओं की जनसमस्या आपको जाननी चाहिए। पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्थिति कल आपने अवश्य ही देखी होगी।
महोदय, आपकी एक रैली से बिहार जैसे गरीब राज्य पर 100 करोड़ का भारी-भरकम वित्तीय बोझ पड़ता है। आप बिहार में कई रैलियां कर चुके है। हजारों करोड़ की इतनी बड़ी धनराशि से तो बिहार के स्कूलों की चारदीवारी, खेल के मैदान तथा लड़कियों के लिए स्कूल में अलग से शौचालय का निर्माण हो सकता था, स्वास्थ्य केंद्रों में मानव संसाधन और दवा का प्रबंध हो सकता था।
आपके आने से शिक्षकों से पढ़ाना छुड़वाकर कंडक्टर बना दिया जाता है तथा सरकारी कर्मचारियों, जीविका दीदियों, आशा-ममता, शिक्षा मित्र, विकास मित्र और आंगनवाड़ी सेविका/सहायिकाओं को भीड़ लाने का मुश्किल टारगेट और तनाव दिया जाता है।
प्रधानमंत्री जी, क्या आपको याद है आपने 11.5 वर्ष पूर्व इसी पूर्णिया जिला से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था? क्या हुआ आपकी उस जुबान का? क्या आप फिर चुनाव पूर्व बिहारवासियों को ऐसे ही झूठ और जुमले बेचने आ रहे है?
प्रधानमंत्री जी, आप 11 वर्षों की अपनी केंद्र तथा 20 सालों की NDA सरकार की विफलताएं देख जोर-जोर से जंगलराज-जंगलराज कहिए ताकि आपकी असफलताएं और जनहित के मुद्दे इस काल्पनिक शोर में दब जाएं। लेकिन बिहार और बिहारवासी आपके बनावटीपन से अब अच्छे से अवगत हो चुके है इसलिए बिहार में अब फिर झूठ नहीं चलेगा।
#TejashwiYadav #Bihar #RJD
Khan Sir का चुनाव आयोग पर ज़बरदस्त तंज 🚨
“एक महीना में चुनाव करा लिया,
लेकिन CCTV देखने में 9 साल लगेंगे?” 🤯
“पोलिंग बूथ है या OYO होटल?
कैमरा में हम लोग नहा रहे हैं क्या?” 🛁📷
EC बोले: माताओं-बहनों का वीडियो नहीं दिखा सकते
Khan Sir 😂😂: बाप-दामादों का दिखा दो भैया
🎯 CCTV ही आख़िरी सबूत होता है… और वही नहीं मिलेगा!
गज़ब टोपीबाज़ी है चुनाव आयोग की 😡
प्रिय निर्यातकों
हम सब जानते हैं कि टैरिफ़ की वजह से उप्र का निर्यात बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- प्रतिशोधात्मक टैरिफ़ भाजपा सरकार की नाक़ामयाब नीतियों का परिणाम है, उसका ख़ामियाज़ा निर्यातक व उन पर निर्भर बाक़ी व्यवसाय यथा पैकिंग व ट्रांसपोर्ट उद्योग तथा कामगार-कलाकार-शिल्पकार व उनके परिवार क्यों भुगते।
- बनारसी साड़ी से लेकर, कार्पेट उद्योग, पीतल उद्योग, ताला व हार्डवेयर उद्योग, चमड़ा उद्योग, इत्र उद्योग, स्पोर्ट्स उद्योग, फूड व प्रोसेस्ड प्रॉडक्ट्स, स्टोन-मार्बल उद्योग, रेडीमेड गारमेन्ट्स, मूंज, ज़री जरदोज़ी, होम फ़र्निशिंग, बांस, सुनारी, बिंदी, वुड प्रॉडक्ट्स, शज़र पत्थर शिल्प, सिरेमिक, लकड़ी के खिलौने, घुंघरू-घंटी, आयरन फैब्रिकेशन, कांच उद्योग, जूट वॉल हैंगिग, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, टेराकोटा, हींग, हैंडमेड पेपर, सॉफ़्ट ट्वॉयज, केला फ़ाइबर, एल्यूमीनियम बर्तन, चिकनकारी, फ़र्नीचर, गौरा पत्थर शिल्प उत्पाद, तारकशी, मेटल क्रॉफ्ट आइटम्स, बांसुरी, हैंडलूम व हस्तशिल्प के अरबों-खरबों रूपये के प्रॉडक्ट्स बीच समंदर जहाज़ों में फँसे पड़े हैं।
- उप्र के निर्यातक तबाही के कगार पर खड़े हैं।
- एक्सपोर्ट्स का पेमेंट साइकल बिगड़ गया है।
- निर्यातकों के सप्लायर्स और वेंडर्स अलग से परेशान हैं।
- यही वो समय है जब सरकार सामने आए और ODOP के तहत आनेवाले सभी उत्पादों को विशेष राहत प्रदान करे व अन्य प्रॉडक्ट्स को भी सुरक्षा-कवच प्रदान करे, जिससे कि वो विदेशी पाबंदियां से अपने को बचा पाएं।
- अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो लाखों निर्यातकों का काम-कारोबार ठप हो जाएगा और करोड़ों लोग बेरोज़गार हो जाएंगे।
- इससे प्रदेश में बेरोज़गारी की समस्या और भी विकराल रूप से लेगी।
- सरकार अगर इस कठिन समय में प्रदेश के उद्योगों को सहायता और संरक्षण प्रदान नहीं करेगी तो फिर सरकार के होने का क्या मतलब रह जाएगा।
ये समय हर भेद को भूलकर एकजुट होकर, बात-बात पर दबाव बनाकर चंदा वसूलनेवाली भाजपा सरकार के सामने अपनी मांगों को पुरज़ोर तरीक़े से रखने और मनवाने का है।
हम आपके साथ हैं क्योंकि ये लाखों परिवारों की आजीविका और जीवनयापन का विषय है। साथ ही ये उप्र में उद्योग-कारोबार व निवेश के भविष्य का भी सवाल है। सरकार के पास ऐसे कई उपाय हैं, जिनसे वो इस ‘टेरिफ़ाइंग टैरिफ़ इमर्जेंसी’ के बुरे असर से प्रदेश के निर्यातकों को बचाने के लिए मदद कर सकती है।
हम फिर दोहराते हैं :
दरअसल कमी कोष की नहीं सोच की है।
हम आपके साथ हैं!
आपका
अखिलेश
#ODOP
#TerrifyingTariffEmergency
“श्रीकृष्ण का जन्म ही जेल में हुआ था, हम लोग भी उन्ही के वंशज हैं, डरे वाले थोड़ी हैं! जेल जाना मंजूर है पर झुकना मंजूर नहीं है! कमाई, पढ़ाई, दवाई, सुनवाई, कार्रवाई वाली सरकार तेजस्वी आपको देना चाहता है”- @yadavtejashwi जी
#Trending#Viral#TejashwiYadav#Bihar
देश के युगांतकारी महायोद्धा राहुल गांधी जी के
समक्ष अपने लोगों के बीच अपने दिल का उद्गार
आज भारत तथा इसके संविधान और आम
आवाम के हक तथा सम्मान की रक्षा सिर्फ़
राहुल गांधी जी ही कर सकते हैं! अपने नेता
और अपनी आवाम के लिए सबकुछ कुर्बान!
जनता का शोर, वोट चोर गद्दी छोड़
इंडिया वालों की जिद्द, जोश, जुनून, जज़्बा और मोहब्बतें!
विकसित बिहार, बेहतर भारत और नई युवा सरकार के समर्थन में बदलाव के लिए प्रतिबद्ध युवाओं का हार्दिक वंदन और अभिनंदन!
📍पूर्णिया, #Bihar#TejashwiYadav#india
ऐ पीएम जी,
काहे बोलते है इतना झूठ सुबह शाम जी?
गया में आज जुमलों की बारिश करने से पहले ये गाना जरूर सुन लेना, बिहार की जनता के उद्गार हैं आप के लिए। #TejashwiYadav#Bihar#RJD