Congratulations to the salaried class: your hard-earned money, once again funds the massive haircuts for anonymous billionaires.
Please plan to work 70 hours a week for the ultra-rich, 70 hours a week for the revdians, and 70 hours a week for your family.
सोना नहीं खरीदना चाहिए
विदेश यात्रा नहीं करनी चाहिए
विदेशों में शादी नहीं करनी चाहिए
लेकिन,
मंत्रियों को देश घूमना चाहिए
50- गाड़ियों के काफिले के साथ चलना चाहिए
करोड़ों की ज्वेलरी खरीदनी चाहिए
बीमारी सिर्फ SC/ST को होती है क्या?
GC/OBC बीमार नहीं होते?
बीमारियों के इलाज में भी जाति देखकर इलाज़ होगा, गरीबी देखकर नहीं???
आखिर हम देश को कहाँ लेकर जा रहे हैं, और ऐसी नीतियों से जातिवाद खत्म होगा क्या?
Real currency notes worth Rs 7.4 crore were replaced with fake ones at a #Punjab National Bank (PNB) money vault in #Saharanpur, #UttarPradesh.
Police have registered an FIR against bank officials and private individuals, and a Special Investigation Team (SIT) has been formed to probe the improbable heist.
Know more 🔗https://t.co/gc5HI0nH0U
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People believe that once politicians start getting trapped under SC/ST Act, they will realise how draconian & anti human it is.
Just yesterday, a case was filed against Rahul Gandhi under SC/ST Act, but despite the provision for immediate arrest, there has been no arrest so far.
This means politicians can escape immediate arrest.
That's exactly why they don't care about quota politics.
Politicians aren't affected by reservation in the medical field. They can simply go abroad even for something as minor as a fever.
The same goes for education standards. Their children study abroad, so they don't have to worry about the quality of education available to other students.
The same goes for corruption. No matter how bad living conditions become, politicians' families are already settled abroad or are planning to settle there so why would they care?
4 महीने पहले अडानी जी द्वारा बनाए गए 36 हज़ार करोड़ के गंगा एक्स्प्रेस वे पर नेहरू जी ने हथौड़ा मारकर गड्ढा कर दिया,
पिछले 12 सालों से नेहरू जी सरकार को काम नहीं करने दे रहे
"My frnd suddenly got her period, she needed a washroom but Someshwar (Almora) has no public toilet. the one that exists doesn't evn hv a door."
This is beyond shameful fr any civilized society. the MLA here is a woman who's also Uttarakhand's women & child development minister.
This is not a soccer stadium. It is a church.
This is not US. This is Chennai, India.
This is an Indian branch of Pentecostal assemblies of God denomination.
Just last year, their US headquarters faced a massive abuse scandal. Around 200 pastors were convicted of raping 500 children. In 2023, their director resigned over sexual abuse and trafficking of minors.
After losing face among US public, they seem to be concentrating their operations in India, which explains the massive foreign funding needed to build this Church. Does India provide safe haven for abusers and pedophiles as they are protected by minority appeasement?
भाजपा दीर्घकाल से एक मेरिट विरोधी पार्टी रही है! हर स्तर पर आरक्षण का समर्थन करती रही है। प्राइवेट में आरक्षण के लिए लम्बे समय से दलील दे रही है। मुसलमानों को ओबीसी में हर जगह घुसा रखा है। न्यूनतम मार्क्स का क्राइटेरिया इन्होंने ही हटाया।
और यह जान लीजिए कि राहुल गाँधी विपक्ष में रहते हुए, भाजपा से प्राइवेट में आरक्षण 2028 में ही करवा लेगा। कास्ट सेंसस पर इनकी सहमति केवल और केवल उसी बकलोली के लिए है।
कास्ट सेंसस में कोई री-चेक नहीं है। हमने पढ़ा है कि किसी जगह जैन समाज के लोगों की जातियों के कॉलम में ‘ओबीसी’ लिखा जा रहा है। ऐसे घटिया आँकड़ों के साथ भाजपा सामान्य वर्ग की पीठ में पुनः तलवार मारेगी ही।
इनमें आज तक यह साहस नहीं हुआ है कि ये UGC पर दो शब्द ढंग से बोल सकें। ये पतितों की तरह, ‘स्टे तो लग गया न’ बोल कर काम चला रहे हैं। अबे पापियों, तुम्हारा स्टैंड क्या है इस पर, वो तो बताओ। कोर्ट में तो हम गए तब स्टे मिला, तुमने घंटा दिया?
अतः, जो भी आपको यह चूरन बाँट रहा है कि सोचो, फलाना आ जाएगा, तो उसको बोलिए कि फलाना जो सोच रहा है, वो भाजपा पहले ही कर चुकी है।
Bollywood Bimbo strikes again.
Twinkle Khanna @mrsfunnybones says Mughals invented Kofta, Korma and Kabab so we have no right to eat them.
Someone tell this 20 IQ Moron. Koftas and Kormas are ancient Persian dishes that existed BEFORE Islam.
Mughals were beggars who lived in tents before coming to India.
Vast majority of Chagatai Turks/Mughals used to eat insects and locusts in their native homeland before coming to India.
हाल ही मेरे एक मित्र ने उज्बेगिस्तान से #हींग का थोक भाव पता किया। भारतीय मुद्रा में करीब 25000 ₹ किलो का भाव सामने आया। एकदम शुद्धतम रूप में।
इस शुद्ध हींग में 35 गुना मिलावट (आटा वगैरहा) की गुंजाइश है। तभी खाने योग्य बनता है। लेकिन कानून से इस मिलावट पर कोई कानूनी नियंत्रण नहीं। क्योंकि कानून #शुद्ध की परिभाषा नहीं तय करता।
यानी 35 गुना मिलावट के बाद हींग का भाव पड़ा 750 ₹ किलो। ज्यादार ब्रांडेड हींग में 50 गुना तक मिलावट है। इस मिलावट पर भाव पड़ा 500₹ किलो। लेकिन ब्रांडिंग कर बेचा जा रहा है 10 हजार से 40 हजार किलो के भाव से।
इसमें हींग की प्रोसेसिंग, जीएसटी, रिटेलर का कमीशन, पैकेजिंग, विज्ञापन और अन्य खर्च को शामिल कर अंतिम मूल्य स्वयं निकाल लें। यहां से शुरू होता है, विज्ञापन और टीवी चैनल का खेल। चुपचाप एक बात मान लीजिए, टीवी के हर चेहरे के पीछे आपकी गाढ़ी कमाई भी शामिल है।
हम #मुक्त_बाजार के युग में जी रहे हैं। कानून से सरकार किसी उत्पाद की #गुणवत्ता तो निर्धारित कर सकती है, लेकिन मुक्त बाजार में #कीमत तय करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है।
मात्र #लाभ पर टैक्स लेने का हक सरकार को है। एक तरह से देखा जाए तो #उपभोक्ता खुले बाजार में असहाय खड़ा है। एकदम अकेला।
आज पीवी नरसिंह राव और डॉ मनमोहन सिंह खूब याद आ रहे हैं। आइए! उदारीकरण का स्वागत करें। हालांकि अपन बीस साल से सचेत करते आ रहे हैं। लेकिन विद्वानों की सभा में सुनता कौन है?
स्पेन में एक बच्ची खुले नाले में गिर गई, जब तक उसे निकाला गया उसकी जान जा चुकी थी. ये है स्पेन का कथित विकास.
कोई अंधा ही होगा जो इसे गोरखपुर बोलेगा. है ना @ravikishann जी?
अठालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
🚨 SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण और क्रीमी लेयर पर बड़ा मतभेद!
जीतन राम मांझी SC/ST. वर्गीकरण के समर्थन में हैं।
वहीं चिराग पासवान क्रीमी लेयर के प्रावधान का विरोध करते हैं।
She is Dashodri Pandey of Madhya Pradesh. She's crying because her house got drowned in the rain. She has become homeless.
According to the BJP, She is privileged. She is an oppressor. People like Chirag Paswan will get reservations but not this poor lady.
इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हॉस्पिटल के उपर सख्त कार्रवाई हो सके
मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए
खबर मेरठ की है....
जिस सरकारी CHC में दवाई और इंजेक्शन लगने चाहिए वहां मेंहदी लगवाने का रंगारंग कार्यक्रम चल रहा है।
मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए भटक रहे है।
श्री चिराग पासवान जी, आपने कहा आरक्षण पर समीक्षा तो छोड़िए, चर्चा भी नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ को इतने लोग सड़कों पर आ जाएँगे कि सँभालना कठिन हो जाएगा।
मुझे नहीं लगता कि आपको ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का अर्थ भी पता है। नौ बार के सांसद और विधायक पिता के पुत्र, आज भी आरक्षित सीट से राजनीति कर रहे हैं। और दुर्भाग्य कि आज भी अपने समर्थकों को आप आगजनी-दंगा करने वाले गुंडों की तरह ही देखते हैं कि इन्हें सँभालना मुश्किल हो जाएगा।
आप ऑप्रेस्ड हैं, दलित हैं, पीड़ित हैं और आप सड़कों पर आने की धमकी भी दे देते हैं, ये विरोधाभास कैसे बाँच लेते हैं आप?
और हाँ, आपके चाहने, न चाहने से कुछ नहीं होता। घर में टीवी है तो एकाध बार डिबेट देखिए कि ‘चर्चा’ किस विषय पर हो रही है। और @JPNadda जी आरक्षण पर सोच रहे हैं या नहीं, यह भी आपको पता चल जाएगा।
वैसे यह भी ठीक है कि जब आपको ही ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का नहीं पता, तो जिन्हें आप सड़कों पर लाना चाह रहे हैं, वो कितना ही समझ पाएँगे। आपकी जाति SC का सबसे बड़ा हिस्सा ले जाती है। पासवान, चमार, धोबी और पासी 95% आरक्षण ले रहे हैं।
तो देखिए, युवा बिहारी @iChiragPaswan जी, चर्चा तो आरंभ हो चुकी है और @BJP4India ने एक कदम आधिकारिक रूप में बढ़ाया है, एक कदम अनाधिकारिक रूप से अन्य लोगों से रीच आउट कर के।
आप ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते थे, ये अचानक से माफिया की भाषा क्यों बोल रहे हैं। आप तो मोदी जी के हनुमान हैं, मोदी जी पर विश्वास रखिए। वो चर्चा करवा रहे हैं, वरना आपको लगता है कि अनिल बेलूनी जी की कृपादृष्टि के बिना कोई भी टॉपिक चर्चा में आ सकता है?
गेम समझिए। परिस्थिति बदल रही है। महबूबा ने भी धमकी दी थी। वीपी सिंह को भी लगा था कि वो अनंत काल पीएम रहेगा। जनता से उसी पार्टी को चुना जिसके नेता ने संसद में खड़े हो कर ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था।
नेहरू ने OBC को 1955 में ही कोटा देने का विरोध किया था। 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। पर वो लगातार चुनाव जीतते रहे। तो ऐसा तो है नहीं कि यदि @narendramodi आज इस पर समीक्षा करें, और वह चुनाव हार जाएँगे!
संभव है कि सवर्ण और अनरिप्रेजेंटेड ओबीसी, एससी एकमुश्त वोट दे दे! इसीलिए, चर्चा और समीक्षा दोनों हो रही है, और हम रिफॉर्म भी करवा लेंगे।
There is no national Hindu holiday in Pakistan. No national Hindu holiday in Gulf where large number of Hindus reside.
But in India, both the Eids, Muharram and Prophet's birthday are mandatory national holidays whereas Janmashtami and Rakhi are optional.
Why is the onus upon Hindus to sacrifice even our happiness and festivity to uphold fake Indian secularism?