ठीक है, एक बड़ी कामयाबी मिली है, खुशी तो मनानी चाहिए। लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि आपके बहुत सारे साथी जेल में हैं। आपको उनके लिए लड़ना चाहिए। हर प्रदेश में जाकर अपने उन साथियों से जाकर मिलना चाहिए, उन्हें छुड़ाने के लिए धरना प्रदर्शन करना चाहिए, जिन्होंने तमाम तरह के जोखिम उठाकर आंदोलन को इस मुकाम तक पहुँचाया।
नेहा बोरा जो कर रही हैं, वही आपको भी करना चाहिए। अगर आप ऐसा कर रहे होते तो लोग आपको और गंभीरता से लेते। मगर आप तो इस तरह मस्त हो रहे हैं जैसे काम पूरा हो गया।
क्या मोदी सरकार देश को नेपाल की राह पर धकेलना चाहती है...क्या वह भूल गई कि पूर्व की नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाकर जेन ज़ी को नाराज़ कर दिया था और उसका नतीजा क्या निकला था....
अब वह दिल्ली पुलिस से मोदी के विरोध वाली पोस्ट हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कह रही है तो जेन ज़ी इसे कैसे लेगी ये भी उसे सोच लेना चाहिए।
जेन ज़ी चुप नहीं बैठेगी, वह पलटकर जवाब देगी और दोगुने आक्रोश से देगी।
बिहार में छात्रों की आवाज़ को गोलियों से दबाने की कोशिश?
सिवान से आई खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ दबाना नहीं, सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
ये कौन है? क्या पुलिस-प्रशासन का कोई रिश्तेदार है? या सरकार का इतना चहेता कि कानून इसके सामने बेबस हो जाता है?
आख़िर ऐसे नफ़रत फैलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? या फिर सरकार ऐसे लोगों को संरक्षण देती है? अगर नहीं, तो कानून अब तक इनके दरवाज़े तक क्यों नहीं पहुँचा?
''अमित शाह जवाब दो - लाठी का हिसाब दो''
विपक्ष के सांसदों ने छात्रों पर हुई लाठीचार्ज के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मोदी सरकार को छात्रों पर किए गए जुल्मों का हिसाब देना होगा।
📍 संसद परिसर, दिल्ली
लुटा के ख़ुद को कई चेहरों को बचा लाया हूँ,
अपनों की जीत में… ख़ुद को ही हार आया हूँ।
इल्ज़ाम सारे ओढ़कर भी मुस्कुरा आया हूँ।
चेहरा तो सलामत है… मगर दिल जला आया हूँ।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हो रहे FIR पर बोले, उन्होंने X पर लिखा-
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है। खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है। दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी। मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।