वक्त का रुख हमें बदलना आता है,
कांटो पर भी अच्छे से चलना आता है,
अभिमन्यु समझकर उन्होंने चक्रव्यूह रच दिया,
भूल बैठे की चक्रव्यूह से हमें निकलना आता है।
वक्त का रुख हमें बदलना आता है,
कांटो पर भी अच्छे से चलना आता है,
अभिमन्यु समझकर उन्होंने चक्रव्यूह रच दिया,
भूल बैठे की चक्रव्यूह से हमें निकलना आता है।
सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से है,
पर हम #दुनिया नहीं #दिल जितने आये हे.
जिसका #दिलो पर राज होता है।
वही असल मे वही #सरताज होता है।।
#युवा देवीलाल_एकविचारधारा
#दुष्यन्तराज_रामराज
चलो चलें दुष्यंत के साथ
काफिला बढ़ रहा है और संघर्ष जारी है,
जो सच के साथ खड़े है उनका अहसान भारी है,
दौगुना करके दूँगा पसीने की कीमत,
आपके भविष्य की सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है।