किसी के भी अंधभक्त मत बनो - चाहे वह क्रिकेटर हो, फिल्म स्टार हो, नेता हो या किसी भी फील्ड का बड़ा नाम।
किसी का सपोर्ट करने से पहले उसका पूरा आचरण देखो, सिर्फ उसकी उपलब्धियाँ नहीं। उसके विचार, नैतिकता, इंसानियत और व्यवहार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
अगर आप खुद नैतिकता और इंसानियत में विश्वास रखते हैं तो।
गलत, गलत ही होता है - चाहे वह किसी के भी साथ हो।
अपनी पसंद के हिसाब से किसी को सही और किसी को गलत ठहराना इंसाफ नहीं, बल्कि मक्कारी है।
अगर सच में सबका साथ चाहिए, तो सबके लिए एक ही पैमाना रखो। न्याय व्यक्ति देखकर नहीं, सिद्धांत देखकर होना चाहिए।