War is over now:
U.S. bases in the Middle East are gone, Iran is getting paid billions, Iran will now charge Hormuz tolls & Israel was forced to withdraw from Lebanon.
🇮🇷 GREAT JOB IRAN!
अमेरिका-ईरान युद्ध का अंत होना और नए सुपरपावर का जन्म होना
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जो युद्ध ईरान को तबाह करने के लिए हुआ था वह उसे सुपरपावर बना गया!
याद कीजिये जिस तरह 28 फ़रवरी को अमेरिका और इजराइल ने पूरी ताकत से ईरान पर हमले किये और चंद घंटों में उनकी पूरी शीर्ष लीडरशिप को समाप्त कर दिया तब लगा की अमेरिका ईरान को ताभ कर देगा! इस्राईल ईरान की मदद से इलाके में अपनी स्थिति और मजबूत कर लेगा!
लेकिन इस बात से सभी बेखबर थे की इस जंग की तयारी ईरान ने सालों से कर राखी थी और उसके पास प्लान A B C D सब तैयार था! इंटेलिजेंस से लेकर टारगेट,वॉर स्ट्रेटेजी सब पूरी तरह से तैयार था!
पहले राउंड में ईरान ने इतना सुनिश्चित कर दिया कि अगर उसे अमेरिका और इसराइल सीरिया बनाने की कोशिश करेगा तो आसपास के देश भी इससे अछूते नहीं बचेंगे और तबाही में वे भी बहेंगे। तब उनके देशों के लोग दूर से इस तबाही को नहीं देखेंगे नहीं बल्कि उसका हिस्सा बन जाएंगे। पूरे विश्व के अमीरों के अरबों डॉलर का निवेश भी खतरे में आ जाएगा। नतीजा यह हुआ की आसपास के देश जो ईरान के खात्मे का इंतजार कर रहे थे वे युद्ध समापत होने की दुहाई देने लगे! साथ ही जिस तरह ईरान में इन देशों में अमेरकी ठिकानों पर जिस ताकत और परफेक्शन से अटैक किया उससे सन्देश गया की चीन और रूस जैसे देश का पूरा अपरोक्ष साथ रहा है! यह रणनीति आउट ऑफ़ सिलेबस रही अमेरिका के लिए!
ईरान की रणनीति रही ईरान "अटैक एज दि बेस्ट डिफेंस"!
फिर दूसरा आउट ऑफ़ सिलेबस रणनीति रही स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को बंद करने की ! ईरान ने ऐसा कर विश्व के बाकी देशों को भी इस युद्ध में बिना चाहे शामिल कर दिया! इसके बाद जिस तरह एनर्जी लॉक डाउन की स्थिति पैदा हुई उससे विश्व के बाकी देश युद्ध भड़काने की जगह इसे रोके में लग गए!
इजराइल पर काउंटर अटैक, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर सफल हमला करने के बाद इस कदम से ईरान ने अपनी जमीन तैयार कर ली! साथ ही जिस तरह अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर को मारा उससे मुस्लिम ब्रदरहुड भी ईरान के पक्ष में गया! सोचें जिस देश पर ईरान ने हमला किया वह भी ईरान के पक्ष में रैली निकली!
इसके बाद ईरान की रणनीति माइंड गेम खेलने की थी! ईरान का कैलकुलेशन था, की अब जितना लम्बा युद्ध खींचेगा,उसकी बार्गेन स्थिति और मजबूत होती जाएगी! यहाँ भी उसे सफलता मिली! बीच में ईरान ने यह भी सन्देश दे दिया की इस युद्ध में इसराइल बाधक की भूमिका निभा रहा है और कहीं न कहीं अमेरिका और इजराइल के बीच दरार करने में भी सफलता पा ली!
यही कारण है की कई बार डील नजदीक होने के बाद ईरान ही दूर गया ! वह इस मसले का स्थायी समाधान अपनी शर्तों पर समाप्त करना चाहता था!
ईरान को पता था अधिकतर आयल रिज़र्व जून तक है और उससे आगे युद्ध खिंचा तो पूरा विश्व तबाह होगा! उसे बस यहाँ तक युद्ध को लाना था!
अमेरिका में आंतिरक विरोध के कारण ट्रम्प भी जल्द से जल्द युद्ध से निकलना चाहते थे!
अंततः ईरान को सही वक़्त और मौका दिखा!
जो युद्ध उसे तबाह करने के लिए शुरू हुआ था वह उसे बहुत कुछ दे गया! सालों की बंदिश हटेगी! मुस्लिम देशों के बीच बड़ी ताकत बनकर सामने आया! इजराइल को कमजोर किया! और अपने आसपास के देशों को मिलजुल कर रहने का सन्देश दे गया!
युद्ध समाप्त हो रहा है लेकिन ईरान की रणनीतिक जीत ग्लोबल समीकरण को बदल देगी!
साथ ही यह युद्ध ईरान के resilience के लिए हमेशा जाना जाएगा!
Ibrahim Zulfiqari said...
Wherever you are, please share this video, so that the world knows that Iran will not lack missiles, because America says that Iran has run out of missiles, while we produce modern missiles every day. Please share this video, hurt them, because we will destroy them (America and Israel).
@IranUpdatesNow Gaurav Arya is a bhagoda , he deserted the Indian army & later resigned when assigned a border duty.
He served only 5 years in the Indian army.
Last year, when Abbas Araghchi visited Delhi, Indian TV defence analyst Major Gaurav Arya called him a pig.
This same man now wants Israel to drop more bombs on Gaza and Lebanon.
Crass, as always.
इजराइल के डिफेंस एक्सपो में वीडियो बनाते हुए लोग इजराइल के स्टैंड पर जाकर पूछते हैं -- "हमने सुना है कि आपके पास बच्चों को मारने की सबसे अच्छी तकनीक है।
क्या ये बच्चे - मारने वाला सेक्शन है?"
ज़लील लोगों का सामना कड़वी बातों से होने लगा है, अब बस लात जूतों की कमी रह गई है!