#SupremeCourt#delhidogs हम सब जीवों को जो सांस ले रहे है, भगवान ने बनाया, ये मनुष्य कैसे तय कर सकता है की किस जीव को खायें किसे बंधक बनायें और किस किस को स्वंत्रत रहने दें।
मनुष्य कलयुग की चरम सीमा पर आ गया है।
हम ख़ुद को छोड़कर हर जीव को अपना नौकर मान चुके है। चाहे वो सांस लेने वाले धरती के हो या पेड़ या पानी में रहने वाले जीव।