सरकार इनकी सुविधा के लिए रास्ता बनाती है, गुलाब के फूल बरसाती है फिर भी इनकी हिंसा को रोकने का इक़बाल नहीं रखती। समाजसेवी संगठन भी इंतज़ाम करते ��ैं। कैंप लगाते हैं। तब भी ये लोग हिंसा करने से बाज़ नहीं आते। कहने का मतलब है कि ये लोग राज्य और समाज दोनों से शिकायत नहीं कर सकते कि किसी ने परवाह नहीं की, फिर इनके भीतर इतनी हिंसा क्यों भरी है।
हर साल का यही हाल है। इन लोगों का फेस रिकॉग्निशन से रिकॉर्ड नहीं निकाला जाता है? पुलिस क्यों नहीं इनके घर चली जाती है? कम से कम इन सभी को एक गाइड लाइन पकड़ा देती कि कोई दिक्कत हो तो रास्ते भर पुलिस खड़ी है। आप पुलिस को बुलाइये। ख़ुद से मारपीट और तोड़ फोड़ मत कीजिए। कुछ तो काउंसलिंग करनी चाहिए और फिर कार्रवाई भी। कब तक स्टेट एक्शन नहीं लेगा और ये लोग हिंसा करते रहेंगे। इन्हें ये सब करने के लिए आप जेन ज़ी को दोष नहीं दे सकते। कई जेनरेशन से हो रहा है।
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल पर��क्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों ��े अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा ह���ता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
BJP is desperately trying to make India into a one party dictatorship.
Shiv Sena, NCP, AAP, BJD, TMC..
They are breaking up one political party after another using money power, bribery, threats of arrest, extortion. This is not just highly undemocratic but it is setting a new precedent for the future.
It is pretty much a guarantee now that the day BJP goes out of power in centre, they will also be broken up into multiple pieces.
This is the screen recording of our audience demographic which we have shared with media before our account was hacked.
More than 94% of the audience is from India.
Why is a Union Minister @KirenRijiju labelling Indian youth as Pakistani?
USA has agreed to release frozen US$ 2000 billion of Iran to stop war. While India has agreed to buy US$100 billion goods per year from America to make Trump happy. Means Rupee will become more weak against dollar. Good deal.🙏