छात्रों के नाम पर शुरू हुआ CJP Protest अब "हम देखेंगे" और "बस नाम रहेगा अल्लाह का" तक पहुँच चुका है।
सभी 'बुत' तोड़ने और 'तख्त' गिराने का वादा करने वाली फ़ैज़ की नज़्मों से वामपंथियों का लगाव फिर से जाग उठा है।
क्या है इस नज़्म का असली मतलब और मक़सद? क्यों इसकी कुछ ख़ास पंक्तियों को जानबूझकर बार-बार मंचों से दोहराया जाता है?
क्या जंतर-मंतर का CJP प्रोटेस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के एक और जिहादी अभियान की तरफ़ बढ़ रहा है? फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, हम देखेंगे और CJP धरने की आड़ में चल रहे इस्लामी षड्यंत्र का पर्दाफाश कर रहे हैं @rahulroushan
बस्ती में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष थे, उनके घर के पास कब्रिस्तान के नाम पर जबरदस्ती कब्जा हो रहा था...
एक दिन मेरे पास आए और कहने लगे कि लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान दिखाई देता है, हम जैसे लोग नहीं दिखाई देते।
उस समय हमने कार्यकर्ताओं को भेजा और कब्रिस्तान के नाम पर हो रहे कब्जे को हटवाया था...
Fake News abt Indian Army
Mohsin Kazmi (@mohsinkazmi7 3 Lakh Insta followers) from Jamshedpur repeatedly making fake videos against Indian Army. He is ISI Puppet.
Latest- AI video of Indian soldier humiliated + Thailand/Cambodia clip passed as China invasion in India. 9M views, 6L likes …This is ALARMING !
@SpokespersonMoD Pl take action against this info-war on our Army.
@adgpi
कल सुप्रीम कोर्ट में लखनऊ के वकील प्रबल प्रताप ने जो किया, उसके दो फलित दिखाई दे रहे हैं...
■ सत्ता संघर्ष की दृष्टि से देखें तो "सड़क से संसद तक" हारते #विपक्ष के लिए प्रबल प्रताप हीरो है। जो संसदीय लोकतंत्र के अंतिम गढ़ न्यायपालिका को अराजक करने का प्रयास है।
■ न्याय व्यवस्था की दृष्टि से देखें तो दशकों से तिल-तिल प्रतिष्ठा खोते आ रहे #न्याय_व्यवस्था को सजग होने का अलार्म है। यह बता रहा है, संवैधानिक व्यवस्था के हर अंग को अपनी-अपनी जिम्मेदारी स्वयं वहन करनी होगी। एक-दूसरे के पीछे छिपने का वक्त गया।
जो भी निर्णय लीजिए। जो भी राय बनाइए, सोच-विचार कर। संभल कर।
मुस्लिम समाज कहता है, "राम मंदिर हमने आपको दे दिया।" सवाल है—क्या दिया? राम मंदिर का फैसला किसी की मेहरबानी से नहीं, बल्कि वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्णय से आया।
“It would have been an honor for me to serve under KPS Gill.”
-Capt Amarinder Singh, CM of Punjab
“As a Sikh, I can wear my turban with pride again, because of KPS Gill.”
-Manmohan Singh, ex-PM of India.
For decades, Britain and its Western allies tolerated the Khalistan movement as a distant separatist cause, granting space to organizations, activists, and networks that India repeatedly identified as extremist threats.
Beginning with Jagjit Singh Chauhan’s London-based “government-in-exile,” Khalistani activism benefited from Cold War calculations, diaspora politics, and a reluctance to confront radicalization framed as political expression.
Over time, this permissiveness enabled intimidation, attacks on Indian diplomatic missions, and even assassination attempts such as the 2012 stabbing of General K.S. Brar in London.
The 2025 murder of British student Henry Nowak by a Sikh man carrying a large religious dagger exposed the domestic consequences of decades of accommodation. The case raises broader questions about extremism, legal exemptions, and the costs of institutional complacency.
Read the rest @IHindudvesha
https://t.co/k3u5DX7v7p
Viewer: "Let's assume one person is sitting and worshiping an idol. Another is rping an underage girl. Which is the greater sin?"
Chicago-based, Deobandi mufti Yasir Nadeem al- Wajidi: "Idol worship."
1993 में जो नारा लगाते थे
"मिले मुलायम कांशी राम. हवा में उड़ गए जय श्री राम"
वो आज 2026 में कहते हैं "सनातन ही समाजवाद है"
राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वाले लोगों का दिल बदल गया है...या देश की राजनीति बदल गई है ?
#DoTook
Her name is Nandita Narain.
She is the wife of Rashid Ansari.
Rashid Ansari comes from a family of ex-VP Hamid Ansari.
Nandita Narain is a Marxist member, but she runs an NGO, Mazdoor Kitchen, which has received funds from The Ford Foundation and a few others.
राम मंदिर की समर्पण राशि में चोरी की जांच और चोरों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करना सबका अधिकार है। जिन्होंने राम मंदिर के लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ी, जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया उन्हें भी। लेकिन इस मुद्दे की आड़ लेकर अरविंद केजरीवाल अगर अमित शाह की हिंदू आस्था पर सवाल उठाएं तो ये बहुत हास्यास्पद है। खुद अरविंद केजरीवाल राजनैतिक दिखावे के लिए मंदिर गए हैं। आज वो अमित शाह को हिंदुत्व सिखा रहे हैं। अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं, राम मंदिर मुक्ति अभियान की लड़ाई में वो भी शामिल थे और आज वो भारत में हिंदुओं की सुरक्षित रखने के लिए इस्लामी आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगे हैं, नक्सलियों को समाप्त कर चुके हैं और अब मुस्लिम घुसपैठियों से भारत को आजाद करने की मुहीम में लगे हैं।
🚨 Congress when In power,
Invited Zakir Naik to address IPS, IFS
officers !
🚨 Zakir Naik had donated Rs 50 lakh to Rajiv Gandhi Trust !
- That is why his illegal activities Flourished during Congress Era ??
🚨Now it is Revealed that Chinese had Donated to Rajiv Gandhi Foundation during 2005-2006
- Is this why Congress shows extra loyalty to China but not India ?
🚨You take 5 years of any Congress ruled states And check the Religious Conversion happened in those states in 5 years !
- Caste census is actually part of a Religious Conversion project called Project Joshua !
🚨 CONGRESS did more Damage to India
than the BRISTISHERS !
"ब्यूरोक्रेट बनना चाह रहा हूं लेकिन ब्राह्मणवाद ने रोक रखा है"
"24 घंटे के लिए शिक्षा मंत्री का पद मुझे दो, खाल उतार दूंगा..."
मेरठ में गार्ड की नौकरी छोड़ जंतर-मंतर पहुंचे कॉकरोच के साथ @Keshavmalan93 की बातचीत
रूस के पेट्रोल पंप पर कई किलोमीटर लंबी लाइन लगी है।
रूस पेट्रोल और डीजल की किल्लत से जूझ रहा है।
इस मुश्किल घड़ी में भारत ने रूस को मदद के रूप में 60 हजार टन पेट्रोल भेजा है।
जिनके बाप भरे सदन में
राम लला के आस्तित्व को नकार रहे थे...
राम भक्तों पर गोलियां चलवा रहे थे.....
उनकी औलादें आज कट्टर रामभक्त बनकर
मंदिर को बदनाम करने के लिए दिनरात एक किये है ✍️
"सबसे बड़ी सनातनी पार्टी" आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता घनेंद्र जी को #DoTook में चंदा चोरी को लेकर चंपत राय, विहिप और भाजपा की धज्जियां उड़ाने का पूरा मौका दिया। पर जब आज अपनी नानी को भूल कर नए नए रामभक्त बने अरविंद केजरीवाल के पुराने ट्वीट दिखाए तो पार्टी के प्रवक्ता को अपने नेता के ट्वीट्स की कोई जानकारी ही नहीं थी! गजब है !
आज सबको राम मंदिर और सनातन याद आ रहा है लेकिन वो दौर भी था कि संसद में खड़े होकर कहा जाता था कि प्रभु श्रीराम की मूर्ति उठाइये और हटा दीजिए वहाँ से क्यूंकि वो बाबरी के अवैध ऑक्यूपेंट हैं।
सुनिए ये बयान