Youth today are fully aware and determined to claim their rights.
In Jalore, Rajasthan, students held a peaceful sit-in outside their government school for hours over a severe shortage of teachers.
Their collective voice was heard.
Officials responded by ordering the appointment of four teachers immediately and three more within ten days.
This shows that when young people stand united and firm, change is possible.
Rights are secured through awareness and persistent action.
'ना किसी से भीख मांग रहे. हम हमारा हक मांग रहे...'
बच्चे भी सवाल पूछना सीख गए हैं. ये कितने अच्छे संकेत हैं...
राजस्थान के जालौर के एक स्कूल का मामला. जय हो...
राजस्थान के जालौर जिले में एक शासकीय स्कूल में शिक्षक की कमी से छात्रों में रोष व्याप्त हुआ तो स्कूल के बाहर घंटों तक धरना प्रदर्शन किया और जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों समझाईश देकर धरना प्रदर्शन समाप्त कराया !!
@RadhaKeliKunj गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं एवं शत-शत नमन। 🌸🙏
#GuruPurnima
The government must fully implement all the demands it accepted on 25 July!
End to all forms of witch hunting, false cases and arrests.
Ensure accountability for the police firing and violence on students.
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🌸🙏
#GuruPurnima#GuruPurnima
जेन अल्फा का आंदोलन उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक स्कूल में बच्चों द्वारा बुनियादी सुविधाओं के लिए किया गया एक नया और अनोखा विरोध प्रदर्शन है, जिसमें हर क्लासरूम में पंखे, पानी के लिए आर-ओ कूलर और डेस्क-बेंच जैसी मांगें तुरंत मान ली गईं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
आप लोग अंदाजा लगाइए धर्मेंद्र प्रधान की यह तस्वीर कब की है?
जब धर्मेंद्र प्रधान कोई चुनाव जीते थे?
जब धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री बनाया गया था?
जब धर्मेंद्र प्रधान सांसद बने थे?
नहीं, धर्मेंद्र प्रधान की यह तस्वीर आज की है इस्तीफ़े की खुशी मनाई जा रही है, सोचने वाली बात है।
पेपर लीक की वजह से 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर लिया, इसी इस्तीफे के लिए छात्रों को क्या क्या सहना पड़ा।
लेकिन बेशर्मी देखिए इस्तीफे को भी सेलिब्रेट किया जा रहा है, हद है।
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS