🚨 ओबीसी समाज की नजर अब हाई कोर्ट के फैसले पर है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ओ��ीसी आरक्षण मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।
@BJP4MP, @drmohanoffice51,
@narendramodi, @AmitShah, सभी
कान, आंख खोलकर सुन ले,
यदि फैसला ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों, 27% आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के अनुरूप न��ीं आता, तो ओबीसी महासभा पूरे मध्य प्रदेश जनआंदोलन करेगी।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में विरोध-प्रदर्शन, धरना, ज्ञापन और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी बंद किया जाएगा।
सामाजिक न्याय हमारा अधिकार है, किसी की कृपा नहीं। 27% ओबीसी आरक्षण लागू करो।
#JusticeForOBC #OBCReservation #27percentobc #CasteistCollegium #CasteistJudiciary #SocialJustice #unhold13percentobc #27प्रतिशत_ओबीसी_आरक्षण
कान खोलकर सुन ले सरकार
हमारी पहली मांग।
78000 प्राइमरी शिक्षक भर्ती का विज्ञापन इस महीने जारी किया जाए।
बाकी सारे मुद्दे और लोगों के हक और अधिकार के लिए हम युवा खुद मोर्चा खोलेंगे।
पीएम @narendramodi ने 10% लोगों को खुश करने के लिए रातों-रात EWS आरक्षण लागू कर दिया, लेकिन हमारे OBC समाज को आज तक पूरा आरक्षण नहीं मिल पाया।
स्थिति यह है कि 14% पद भी भर नहीं पा रहे हैं। यह @BJP4MP सरकार की सबसे बड़ी विफलता है।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 की दमनकारी नीतियों के कारण आज पिछड़ा वर्ग के लाखों युवा नियुक्तियों से वंचित हैं।
यदि भाजपा को वास्तव में OBC समाज की चिंता होती, तो युवाओं को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।
अब समय आ गया है अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने का।
#10_मई_भोपाल_चलो
#MP_मांगे_27_प्रतिशत_ओबीसी_आरक्षण
बिहार जातिगत सर्वे के अनुसार ओबीसी की वर्तमान जनसंख्या लगभग 65% है लेकिन उसे अभी 27% आरक्षण मिल रहा है वो भी कई बार भर्तियों में मनुवादियों की धूर्तता और बेईमानी की भेंट चढ़ जाता है।
जबकि 10% की समूची आबादी को ही गरीब मानकर 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण दे दिया गया है क्यों?
क्या इस वर्ग के ���भी लोग गरीब हैं फिर उस आँकड़े का क्या जो कहता है कि इस देश के 89% संसाधनों पर सामान्य वर्ग का कब्जा है जबकि 11% धन संपदा ही एससी, एसटी,ओबीसी के पास है?
#ईडब्ल्यूएस_बंद_करो
भारत की न्याय व्यवस्था और सरकार अब युवाओं को "देवा की अदालत" खोलने पर मजबूर कर रही है।
उन अंधों को ये नहीं पता कि देरी से मिला न्याय अन्याय ही होता है।
उन्हें ये भी नहीं पता कि 10 गुनाहगार छूट भी जाए पर 1 भी बेगुनाह को नुकसान नहीं होना चाहिए।
और 7 साल से हजारों बेगुनाह मजबूर है।
पहले cm साहिब ने गुड की खेती कराई।
अब दूध का रकबा बढ़ा रहे हैं?
लेकिन 13% ओबीसी पदों पर जो 7 वर्षो से बीजेपी कुंडी मारकर बैठी है उसका तो नाम लेना ही बंद कर दिया ।
गज़ब का डर बनाया है सामान्य वर्ग के लोगों ने
अपनी संख्या में अनुपात में आरक्षण ले लिया और ओबीसी के 27% का विरोध कर रहे हैं।
हिंदू एकता का दुश्मन आप किसे मानेंगे??
किसी ओबीसी वर्ग के बीजेपी विधायक/ मंत्री में औकात है कि मप्र में 27% आरक्षण की माँग कर सके।
प्रदेश में सामान्य वर्ग की आबादी 13% है और आरक्षण 10% के साथ प्रतिनिधित्व 50% से अधिक।
जबकि ओबीसी की आबादी 50% से अधिक है और आरक्षण 14% के साथ प्रतिनि��ित्व 13.8%.
ओबीसी को 27% मिलने के बाद भी इसके साथ अन्याय ही है लेकिन भाजपाई 2019 में बने 27% की जगह भी सिर्फ 14% आरक्षण दे रहे हैं।
इतने अन्याय के बाद भी ओबीसी वर्ग के नेताओं के मुंह में दही जमा है , दम होना चाहिए अन्याय के खिलाफ अपने वर्ग के संरक्षण की तभी वह वर्ग आपका साथ देगा।
जितने भी ओबीसी के विधायक उनके मुंह पर टेप लग गई हे अब वो बोल नहीं सकते
ओबीसी का 13 प्रतिशत अनहोल्ड करे सरकार
जब सरकार होल्ड कर सकत��� होल्ड हटा भी सकती ये विषय सरकार के हाथ में
जबरन कोर्ट का बहाना लिया जा रहा हे
@DrMohanYadav51 @jitupatwari @UmangSinghar
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