मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, पुलिस महानिदेशक @DGP_MP , @minlaw5
ओबीसी आरक्षण के समर्थन में प्रस्तावित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन हेतु दिनांक 27 मई 2026 को पुलिस प्रशासन के समक्ष विधिवत अनुमति आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवेदन प्राप्त होने के बावजूद आज तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं दिया गया है।
27% ओबीसी आरक्षण का प्रश्न लाखों युवाओं के भविष्य, सामाजि��� न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए अनुमति मांगने वाले नागरिकों को अनिश्चितकाल तक प्रतीक्षा कराने का कोई औचित्य नहीं है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्ण और निःशस्त्र सभा करने का अधिकार प्रदान करता है। प्रशासन यदि अनुमति आवेदन पर समयबद्ध निर्णय भी नहीं देता, तो यह इन संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी उपयोग में बाधा उत्पन्न करता है।
हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि आवेदन पर तत्काल निर्णय लिया जाए। यदि कोई आपत्ति या कानूनी बाधा है तो उसका लिखित कारण सार्वजनिक किया जाए। अन्यथा ओबीसी समाज यह मानने के लिए ब���ध्य होगा कि 27% ओबीसी आरक्षण की मांग को प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ओबीसी समाज न्याय चाहता है, टालमटोल नहीं। अधिकार चाहता है, बहाने नहीं।
जारीकर्ता
कमलेन्द्र सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ओबीसी महासभा
लोक��ंत्र में विशेषाधिकार privilege वह अधिकार और सम्मान है,जो किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को उसके पद और जनता के जनादेश के कारण प्राप्त होता है।
लेकिन भारत में सदियों से एक और प्रकार का विशेषाधिकार भी मौजूद रहा है — जन्मजात विशेषाधिकार।
जन्मजात विशेषाधिकार वह व्यवस्था है, जिसमें किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता, मेहनत या जनता के समर्थन के आधार पर नहीं, बल्कि केवल उसके जन्म के आधार पर सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक या राजनीतिक लाभ प्राप्त होते हैं।
अब इस विकास कार्य के शिलापट पर ध्यान दीजिए, यदि किसी क्षेत्र की जनता ने एक विधायक को चुनकर विधानसभा भेजा है, तो उस जनादेश का सम्मान होना चाहिए किंतु जन्मजात विशेषाधिकार ने निर्वाचित विधायक की उपेक्षा ही नहीं की,
बल्कि उस क्षेत्र की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और जनादेश की भी अनदेखी है।
इसको सब जानते ही होगे यह कौन सी लड़की है,
इसका काम है केवल मुस्लिमों को गाली देना बदनाम करना भड़काऊ भाषण देना मुस्लिमों के लिए,
आंदोलन हो कहीं पहुंच कर माहौल खराब करना हिन्दू मुस्लिम मंदिर मस्जिद करने लग जाना,
इसका पहुंच बीजेपी के बड़े नेताओं से है देखिए खुद आप इस फोटो मे 🤔🚨
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले ���ुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
- @RahulGandhi जी
"सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..."
इस अमर हुंकार से युवाओं के हृदय में क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित करने वाले महान क्रांतिकारी, अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती पर उन्हें शतश: नमन।
उनका त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति सदैव भारत के युवाओं को राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।
🚲PDA के ख़ुशहाली के 288 दिन बाकी! 🚲
मुख्यमंत्री पद की शपथ तक — 288 दिन बाकी!
हर दिन के साथ बदलाव की उम्मीद और मजबूत हो रही है,
हर दिन के साथ जनता का विश्वास और बढ़ रहा है।
युवाओं का जोश, किसानों का भरोसा, महिलाओं का सम्मान और समाज के हर वर्ग की आकांक्षाएं
एक नए उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्��� लेकर आगे बढ़ रही हैं।
जनता का विश्वास, PDA का संकल्प — विकास, सम्मान और सामाजिक न्याय का नया अध्याय!”
✊ संघर्ष हमारा, समर्थन जनता का।
🌟 लक्ष्य हमारा — खुशहाल, सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश।
288 दिन बाद — उम्मीदों का नया सवेरा, विकास का नया दौर! 🚲❤️💚
#PDA #288दिनबाकी #AkhileshYadav #Mission2027 #समाजवादीपार्टी #साइकिल_चलेगी #PDA_का_संकल्प #उत्तरप्रदेश_का_भविष्य @yadavakhilesh @samajwadiparty
अब इंडिया गठबंधन का भविष्य क्या होगा!
क्या इंडिया गठबंधन बीजेपी की तानाशाही से देश के संविधान की रक्षा करपाएगा?
ऐसे तमाम सवाल अब जनता के मन में है, ऐसे ही मुद्दों को लेकर दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक अहम बैठक सोमवार को होगी, जो देश की राजनीति की दिशा और दशा को तय करेगी!
यहाँ हर किसी को समझना जरूरी तो नहीं ...
���ुनर और ज्ञान का कोई भी मजहब नहीं होता,
जो दिल रोशन करे,वो शक्स कभी कमतर नहीं होता..
तुम ढूँढते रहो नाम में हिंदू और मुसलमां उनका,
कलम जो थाम ले,वो हर गरीब का रहबर हो��ा…
#GoodMorningEveryOne🙏
#khansir #khansirpatna #EducationFirst
2018 से 2026 तक लगभग पांच लाख युवा दो_दो परीक्षाएं पास कर नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं।
कई युवाओं की उम्र निकल गई,
लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब भ��� चयनित शिक्षकों की स्थाई भर्ती करने की बजाय 80,000 अतिथि शिक्षकों की भर्ती की तैयारी में जुटी है।
पात्र युवाओं ओर नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों ?
#शिक्षक_भर्ती
#MPTET #युवा_न्याय_दो