क्या हम 800 साल पहले मुग़लों द्वारा किये गए अत्याचारों की सज़ा आज के मुसलमानों को दे सकते हैं?
अगर नहीं तो 5000 साल पहले तथाकथित बातों की सज़ा आज ���े सवर्णों को क्यों मिल रही है?
बस इस सवाल का जवाब हर इंसान को देश की सभी राजनैतिक पार्टियों से पूछना चाहिए.
@BJP4India @INCIndia
खुशखबरी खुशखबरी
मोदी जी के पास दलितों का मसीहा बनने और अंबेडकर जी से भी बड़ा दलित चिंतक बनने का सुनहरा अवसर
��क बार फिर से सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलकर UGC पर संसद से अध्यादेश लाकर दलितों के सर्वमान्य नेता बन सकते हैं मोदी जी
सवर्णों का क्या वह तो उनका बंधुआ मजदूर है
खुशखबरी खुशखबरी
मोदी जी के पास दलितों का मसीहा बनने और अंबेडकर जी से भी बड़ा दलित चिंतक बनने का सुनहरा अवसर
एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलकर UGC पर संसद से अध्यादेश लाकर दलितों के सर्वमान्य नेता बन सकते हैं मोदी जी
सवर्णों का क्या वह तो उनका बंधुआ मजदूर है
अनिल मिश्रा जी के केस में अभी तक मध्यप्रदेश से लेकर उत्तरप्रदेश तक किसी भी ब्राह्मण सांसद विधायक मंत्री ने आवाज नहीं उठाई है
लेकिन ब्राह्मण समाज यूपी में जब ��न 52 विधायकों को पार्टी से अल्टीमेटम मिला था तो उनकी ओर से आवाज उठा रहा था
बंद करो इन ब्राह्मण नेताओं की ठेकेदारी करना
सामान्य वर्ग के बच्चे 22 साल के बाद ही बुड्ढे हो जाते हैं इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को 5 किलो अनाज के साथ-साथ सामान्य वर्ग के बच्चों को 5 किलो काजू और बादाम भी राशन के साथ देना चाहिए
जिससे उनका शारीरिक विकास हो सके।
#पुलिस_भर्ती@myogiadityanath@MohitBharatYBP@myogioffice
सामान्य वर्ग के बच्चे 22 साल के बाद ही बुड्ढे हो जाते हैं इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को 5 किलो अनाज के साथ-साथ सामान्य वर्ग के बच्चों को 5 किलो काजू और बादाम भी राशन के साथ देना चाहिए
जिससे उनका शारीरिक विकास हो सके।
#पुलिस_भर्ती @myogiadityanath@MohitBharatYBP@myogioffice
दुनियां में कितना धोखा चल रहा है इसे देख कर समझिए IIMT नोएडा ने पोस्टर लगा रखा है कि 1.8 करोड़ का पैकेज मिला है फोटो वाले बंदे को
सच्चाई ये है कि फोटो वाला बंदा ice cream बेचता है 😂
सवर्णों के बच्चे तो जब पैदा होते हैं तो सूटकेस में करोड़ों अरबों रुपए लेकर पैदा होते हैं!
सरकार केवल उन बच्चों को यह सुविधा देगी जो नंगे पैदा होते हैं!👇👇
#सवर्ण_विरोधी_सरकार
When a Dalit spoke the truth in Etawah Katha case.....
See this ground report from a village in Etawah where the Katha incident took place. We spoke to a Dalit boy who was present during the event. He clearly said that it was not a matter of caste. Mukut Mani was molesting girls, including Brahmin women.
Forget what the media is saying listen to his words. He also strongly criticized Akhilesh Yadav for honouring a molester.
बेनेगल नरसिंह राउ जी ऐसी हस्ती थे की जब भी कोई समय आती थी उसका हाल उनके पास रहता था ।
“ इंडिया कंस्टीट्यूशन इन द मेकिंग” नामक पुस्तक में फारवर्ड में डॉ ��ाजेंद्र प्रसाद लिखते हैं कि भारत को भावी पीढ़िया बीएन राव साहब को मुख्य संविधान निर्माता के रूप में जानेंगी ।
उनको क्या पता था कि भारत का इतिहास बीएन राव साहब को भूल कर डॉ अंबेडकर को संविधान निर्माता बना लेगा जिनका योगदान नगण्य है ।
संविधान का निर्माण बीएन राउ साहब के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है , लोग संविधान संविधान की त्रिमूर्ति तक अपने लेखों में कहते थे जिसमें डॉ राजेंद्र प्रसाद , जवाहरलाल नेहरू और सर बीएन राउ । इस त्रिमूर्ति को यदि ज्यामिति से समझे तो बीएन राउ साहब उसके आधार थे ।
डॉ राजेंद्र बाबू पूरे संविधान को समझने के लिए सर बीएन राउ से अलग से शिमला में मिलना चाहते थे उन्होंने इसके लिए बीएन राउ को पत्र भिनलिखा था और उनकी एक तीन दिन की मीटिंग अलग से शिमला में हुई थी उसके बाद उस मीटिंग का संदर्भ देते हुवे डॉ राजेंद्र प्रसाद को एक पत्र लिखा था उन्होंने उसमे लिखा है कि संविधान सभा में कुछ लोग पद तो ले लिए हैं लेकिन कार्य कुछ नहीं करते हैं केवल जो मैं कार्य करता हूँ उसपर टीका टिपड़ी और समय बर्बाद करते हैं यह नाराजगी उनकी डॉ भीम राव अम्बेडकर के प्रति थी इस पत्र में उन्होंने कहा है कि संविधान के मुख्य सलाहकार का पद मैंने अपनी शर्तों पर लिया है और यह पूर्णतः “स्वान्तः सुखाय” है उन्होंने आगे लिखा कि मेरे तरफ़ से यह कार्य अब पूर्ण हो चुका है इस लिए अब मैं इस कार्य से मुक्ति चाहता हूँ ।
डॉ राजेंद्र प्रसाद का बीएन राव का ये पत्र यह दर्शाता है की वह बीएन राव का ���ितना सम्मान करते हैं और उनसे मिलन��� के लिए समय माँग रहे हैं ।
यह बीएन राउ साहब को अंबेडकर का क्लर्क कहने वालों के मुँह पर करारा तमाचा है और एक बात और संविधान को समझने के लिए उन्होंने अंबेडकर को नहीं चुना उन्होंने बीएन राउ को चुना ।
आज भारत कॉमनवेल्थ का सदस्य है इसमें केवल बीएन राउ का योगदान है पूरी संविधान सभा इसके ख़िलाफ़ थी और इसे ग़ुलामी की निशानी कह कर समाप्त करना चाहती थी लेकिन सर बीएन राउ ने उसकी बारीकियों और भविष्य के दुष्परिणामों को ठीक से संविधान सभा को समझता फिर जाकर संविधान सभा सदस्यता के लिए तैयार हुई ।
जब हैदराबाद के निजाम ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी और भारत और पाकिस्तान दोनों में मिलने से इंकार कर दिया साथ ही अपने बचाव के लिए उसने संयुक्त राष्ट्र में मुक़दमा कर दिया तो वो बीएन राव ही थे जिन्होंने ए.रामास्वामी मुदलियार को क़ानूनी सलाह देकर भारत का बचाव करने के लिए भेजा और हैदराबाद का निजाम वह मुक़दमा हार गया । पटेल ने अपने भाषण में इसका ज़िक्र किया है कि किस प्रकार बीएन राव के सलाह और प्रयास से ही ऑपरेशन पोलो बना और यूनाइटेड नेशन में भी हम जीत पाए अंत में हैदराबाद रियासत को भारत में विलय कराया गया ।
जम्मू कश्मीर के विलय में भी बीएन राउ का महत्वपूर्ण योगदान है परंतु वो हमेशा से किसी राज्य को विशेष दर्जा देने के पक्ष में नहीं थे वह हमेशा 370 का विरोध करते रहे लेकिन नेहरू की जल्दबाजी के कारण जो वाले का हस्ताक्षर हुआ वो इंडिया एक्ट 1935 के अनुसार हुआ ।
एक बात और जानना चाहिए की आज असम भारत में है इसका पूरा श्रेय बीएन राउ को जाता है क्योंकि जब विभाजन हो रहा था उस समय असम को पाकिस्तान को दे दिया गया था लेकिन चुकी बीएन राउ साहब लंबे समय तक असम में मुख्य सचिव रहे इस लिए उस सघन से उनका विशेष लगाव था और विशेष प्रयास और जिन्ना तथा वायसराय से बात करके असम को उन्होंने बचा लिया ।
आज के युवाओं को बेनेगल नरसिंह राउ को खूब पढ़ना चाहिए क्योंकि भारत को ��रकार तो अंबेडकर को संविधान निर्मय बना कर बीएन राउ को भूल चुकी है लेकिन इतिहास के पन्नो में आज भी वहाँ महामानव सदेह जीवंत हैं जब आप उनको पढ़ेंगे तो आप ख़ुद अंबेडकर की संविधान निर्माण की झूठी कहानी को समझ जाएँगे, इस वोट बैंक की राजनीति को समझ जाएँगे और कहेंगे संविधान निर्माता तो बीएन राउ थे ।
#संविधान_निर्माता_BN_राव
बेचारे ब्राह्मणों की गर्दन पर दो धारी तलवार रखी है।
यदि वो किसी के यहाँ न खाएँ तो "छुआछूत करते हो" और खाएँ तो "फ्री का खा रहे हो" का ताना 🤔
अजब दोगलापन है 🥲🥹😢 जाएँ तो जाएँ कहाँ.???