#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
अजन्मा परमेश्वर कबीर साहेब
कबीर साहेब जन्म-मृत���यु से परे, अजन्मा और अविनाशी पूर्ण परमात्मा हैं। वे जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट होते हैं।
2Days Left Kabir Prakat Diwas
अजन्मा परमेश्वर कबीर साहेब जन्म और मृत्यु के बंधन से परे माने जाते हैं।
कबीर साहेब के न माता हैं, न पिता—वे स्वयं सशरीर प्रकट होते हैं.................
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
गरीब, मात पिता जाके नहीं, नहीं जन्म प्रमाण।
यौह पूर्ण ब्रह्म कबीर है, करता
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
♦️ जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान
आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतार�� तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा तालाब, काशी में विद्यमान हैं।
1Day Left Kabir Prakat Diwas
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा♦️ कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
"कबीर साहेब प्रकट दिवस" वह पावन दिन है, जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
पांच तत्त्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।
जीव उदारन तुम को तारन, सीधा s
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
अजन्मा परमेश्वर, जन्म-मृत्यु से परे कबीर साहेब
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं, न उनका ��न्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा हैं, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है 3 कबीर भगवान
बदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज
की पावन उपस्थिति में 629 वां कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस, 29 जून 2026
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
कबीर साहेब ��्रकट दिवस, वह पावन दिन है, जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए 2Days Left Kabir Prakat Diwas
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर���त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए। उसी पावन घड़ी की स्मृति में संत रामपाल जी महाराज की उपस्थिति में 629वां प्रकट दिवस 27, 28 व
#GodKabir_Prakat_Diwas
गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ, जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) क�� ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ। इसी ऐतिहासिक सत्य के उपलक्ष्य
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता वह सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी
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#GodMorningSunday
पूर्ण ब्रह्म का शरीर का नाम (कविर देव) है।
उस परमेश्वर का शरीर नूर तत्व से बना है। परम���त्मा का शरीर अति सूक्ष्म है जो उस साधक को दिखाई देता है जिसकी दिव्य दृष्टि खुल चुकी है।
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है?
जी हाँ, और जवाब है कबीर साहेब!
ऋग्वेद मण्डल 9, ���ूक्त 93, मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेता, वह शिशु रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं।
1Day Left Kabir Prakat Diwas1
ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया। पूर्ण परमात्मा कभी भी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता वह स्वयं प्रकट होते हैं।
#न_ज���्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
अजन्मा परमेश्वर
जन्म मृत्यु से परे कबीर साहेब
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं,न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है।वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा हैं,जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
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