जिस सीढ़ी से हम ऊपर चढ़े उसको लात न मारने में ही बुध्दिमानी है । अगर वह सीढ़ी निकाल दें तो निसैनी गिर जाये, यह हमे याद रखना चाहिए । हम बचपन से जवानी में आते हैं तब बचपन से नफरत नहीं करते, बल्कि उन दिनों को प्यार से याद करते हैं ।
This is pathetic. I am traveling by train no. 12860. Traveled 20 km in 1 hr and still waiting between Tata to Ckp with PNR 6660300737. This has become a routine in this route. No one is answering for the delay. #IndianRailways
This is pathetic. I am traveling by train no. 12860. Traveled 20 km in 1 hr and still waiting between Tata to Ckp with PNR 6660300737. This has become a routine in this route. No one is answering for the delay. #IndianRailways
@HemantSorenJMM एक अदम्य साहसी व्यक्तित्व के धनी और पिता को खोने से बड़ा दुःख कोई नहीं है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और आपको और आपके पूरे परिवार को शक्ति।
@DC_Chaibasa@prdjharkhand@PRDChaibasa@ChaibasaPolice@SDM_sadarcbsa@CkpSdo भर पिचकारी,उड़ा रंगोली
फागुन है आई, आई होली।
रंगों की बरसात,
मौसम की सौगात,
कोयल की कूक पर
रंगीन हुई रात।
सजनी साजन की हो ली,
फागुन है आई, आई होली।
बहारों की नज़ाकत,
फूलों की शरारत,
पूरे शबाब पर है
गुलशन की नफ़ासत।
फ़िजा तो मदमस्त हो ली,
फागुन है आई,आई होली।
भर पिचकारी,उड़ा रंगोली
फागुन है आई, आई होली।
रंगों की बरसात,
मौसम की सौगात,
कोयल की कूक पर
रंगीन हुई रात।
सजनी साजन की हो ली,
फागुन है आई, आई होली।
बहारों की नज़ाकत,
फूलों की शरारत,
पूरे शबाब पर है
गुलशन की नफ़ासत।
फ़िजा तो मदमस्त हो ली,
फागुन है आई,आई होली।
JPSC के तत्वाधान पर 17 मार्च-24 को जिले के 28 केंद्रों पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा के सफल संचालन के तदर्थ कोल्हन वि.वि.भवन परिसर के सभागार में पु.अधीक्षक संग आहुत ब्रीफिंग के दौरान दंडाधिकारियों/केंद्राधीक्षकों को दायित्व की जानकारी दी गई।
@JharkhandCMO@prdjharkhand
आप कर लीजिए लाख कोशिशें…
- प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठा लीजिए
- मंदिर पूरा है कि अधूरा है पर बहस कर लीजिए
- घड़ी शुभ है,नहीं है पर घंटो चर्चा कर लीजिए
- निमंत्रण नहीं मिला, ठुकरा दिया कर लीजिए
- कहते रहिए कि धार्मिक है कि राजनैतिक है..
कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा
ये देश राममयी हो चला है, हर घर में बुज़ुर्ग से लेकर बच्चे तक में राम मंदिर का सुख साफ़ झलक रहा है..हर गली में रामधुन बज रही है.. और जान भी लीजिए अच्छे से मान लीजिए इस सुख में शरीक हो गए तो देश सर-आँखों पर बिठाएगा.. नहीं तो -
होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥
@priyankagandhi जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@ChampaiSoren जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@Geetakora1 जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@RajeshThakurINC@INCIndia@INCJharkhand जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@RahulGandhi जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@HemantSorenJMM जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@ppbajpai जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया
@AnumaVidisha जीवन के वितान का,सांसों के विस्तार का
अचला के बाग का,फूल एक झड़ गया
हर्ष और विषाद का,आस औ निरास का
काल के बहाव का,पड़ाव एक आ गया
साल एक गुज़र गया
अंत के आरम्भ का,नवीन उत्कर्ष का
अनिवार्य कर्म का,छण नया आ गया
नूतन विहान का,नये उच्छास का
सर्वांग विकास का,साल नया आ गया
साल नया आ गया