तू भी तीसरा गांधी है , दुसरा केजरीवाल था जो बच्चो की झूठी कसम खाता था और नानी कृ कहने से मंदिर नही जाता था। तू तीसरा है जो दादी की मौत पर राजनीती के लिए नही गया।
Why did you delete the part where I was asking for my phone so I could retrieve my cousin’s number? And where I was asking to let me speak to my lawyers?
The same Delhi Police which is now taking the moral high ground for informing me about my grandmother’s demise and offering me a ride home came to me at 3:30 in the morning with arrest papers, demanding that I sign them.
Where did all that humanity go at 3:30 AM? Despite knowing that I had just lost my grandmother, they still insisted that I sign the arrest papers. I refused until I was allowed to speak to my lawyers.
आप पागल हो गईं हैं क्या?
आपने लड़कियों के साथ हुई बदसलूकी देखी?
आप दिल्ली पुलिस का किस चीज़ के लिए साधुवाद कर रही हैं?
देश के युवाओं को राक्षसों की तरह पीटने के लिए? गुंडों के आगे मूक दर्शक बने रहने के लिए
दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री हैं आप
दो कौड़ी की ट्रोल तो न बनिए
बंगाल में दुर्गा पूजा का भव्य 'पुनरारंभ' बताता है कि जितने शुंभ-निशुंभ, मधु-कैटव, चंड-मुंड आते हैं, वो निपटा भी दिए जाते हैं। सनातन सभ्यता निरंतर प्रवाह में चलती रहती है। वह ना तो मुगलों से हारी, ना अंग्रेजों से, और इन भीतरघाती नेताओं से तो घंटा कुछ नहीं उखड़ने वाला है।
इसलिए, इसे सनातन के विशाल कालखंड की अविरल धारा में एक सड़े हुए बहते नाले की तरह देखिए जो नदी में कोई डंप कर रहा है।
जो भी समाज का शत्रु होगा, जो भी स्वयं को भगवान समझेगा, जो भी राष्ट्र को तोड़ने-बाँटने का प्रत्यक्ष (या परोक्ष) संकल्प ले कर उतरेगा, उसको निपटा दिया जाएगा।
वो या तो ऐसे निपटेंगे, या वैसे। आप सबको माता दुर्गा स्वस्थ रखें, समृद्धि दें, शक्ति दें और देश के लिए लड़ने का सामर्थ्य भी।
ज्ञानियों और 'लेकिन मोदी, लेकिन योगी' करने वालों के नाम
दस महीने से बातें चल रही हैं। इन दस महीनों में कई ‘नेता’ बने। किसी ने कॉन्ग्रेस से पैसे ले कर आंदोलन को खराब करने का प्रयास किया, कोई भाजपा के नेताओं की गोद में बैठ गया ताकि आंदोलन में टूट पड़ जाए। कोई गाँव-गाँव भटक कर ₹40-50 लाख जुटा चुका है, पर स्टेज पर गाली सुनता है, गद्दार कहलाता है।
जैसे-जैसे चुनाव समीप आता जाएगा, पार्टियों के फंड बढ़ते जाएँगे। इनमें से कई ने यह तक कहा कि फलाना आ जाएगा, हमने बताया कि जिसका भय, जो कह कर दिखा रहे हो, वही सब तुम्हारी फेवरेट पार्टी कर चुकी है। यह नैरेटिव ध्वस्त हो गया।
अब नया चल रहा है: सारी बातें सही हैं, हर नीति जिस पर GC नकारात्मक लाइन ले रहा है, सब उचित है! लेकिन मोदी जी… लेकिन योगी जी…
कैंचो! ये कौन सी लाइन है बे? जब सारी नीतियाँ, जिस पर हम बोल रहे हैं, गलत ही हैं। सब समाज को विभाजित करने वाली ही हैं, तो हम बोलेंगे किसको? विरोध किसका करें? तिलचट्टा पार्टी का?
तुमने ये जो कुत्ते की विष्ठा समाज के आँगन में फेंकी है, उसका हम करें क्या? और उल्टा हम पर ही आक्षेप कि हम मोदी विरोध में राष्ट्र विरोधी हो गए? मेरे मुँह से निकला एक वाक्य बता दो जहाँ मैंने भारत के विरोध में कुछ बोला हो पिछले दस महीनों में!
वो नहीं निकाल पाओगे। हाँ, तुम्हें यदि लगता है कि मोदी या योगी ही राष्ट्र हैं, तो मैं बता देता हूँ कि मोदी एक छपास का भूखा, निकृष्ट स्तर का जातिवादी हो चुका है। या, पहले ही था, हमें दिखा नहीं कभी।
योगी भी राष्ट्र नहीं हैं। राष्ट्र न मैं हूँ, न तुम हो, राष्ट्र हम सब हैं। नेता उतना ही अच्छा होता है जितनी उसकी गवर्नेंस। बाकी चीजें फ्लफ हैं। योगी जी के नाक के नीचे यूपी में जो भ्रष्टाचार, जातिवाद चल रहा है वह किसी को क्यों नहीं दिखता? सब भूल जाएँ क्योंकि वो भाजपा के हैं और हमारे पास कोई विकल्प नहीं! तो हम विकल्प बनाएँगे, समय लगेगा, लेकिन बनाएँगे। और कोई चारा नहीं है।
ध्यान रहे कि 2024 के बाद, हिन्दू समाज ‘बँटेंग तो कटेंगे’ पर एकजुट हो कर भाजपा को लगातार वोट दे रहा था। फिर इनके मलद्वार में UGC का कीड़ा घुसा कि राहुल गाँधी क्या ‘रोहित वेमुला एक्ट’ लाएगा, हम उस एक्ट से भी विकृत चीज ले कर आएँगे और OBC को बताएँगे कि तुम्हें भी सुरक्षा दे दी गई है। अब शत्रु केवल एक है: सवर्ण!
सरकार की अपनी रिपोर्ट में अब उच्च शिक्षा के कॉलेजों में SC/St/OBC की संख्या 62% हो चुकी है, सवर्णों (मुस्लिम आदि समेत) के बच्चे EWS समेत केवल 38% में हैं। जहाँ मुस्लिम, दलित का एनरोलमेंट 200% से अधिक बढ़ा है, अनारक्षित की संख्या, 2020-21 से 2023-24 में 37 लाख से घटी है! जी हाँ, प्रतिशत ही नहीं, संख्या भी घटी है!
हम अंधे नहीं हैं। हमें ओडीशा, मध्यप्रदेश समेत सब दिख रहा है। हमें कर्नाटक में वेमुला एक्ट पर तुम्हारी चुप्पी भी दिखी। हमें ओबीसी में मुस्लिम को घुसाना भी दिखा। हमें भर्तियों में लगातार कम होती सवर्ण सीटें भी दिख रही हैं।
हमारा माय-बाप अब हमारे घर वाले ही बचे हैं। हमने वह आउटसोर्सिंग अब बंद कर दी है। हम नहीं जानते कि यूपी चुनाव में क्या होगा, लोकसभा चुनाव कैसा बीतेगा, पर हम बिना लड़े नहीं मरेंगे। और जो हमारे साथ नहीं है, जो हमें शर्तें गिना रहा है, वह सब ही शत्रु है।
मेरे मन में ऐसे किसी भी व्यक्ति को ले कर कोई सम्मान नहीं है जो 'किंतु-परंतु' में उलझा हुआ है और किसी अस्तित्वहीन 'RW' की दुहाई दे रहा है। RW जैसी कोई भी सुसंगठित व्यवस्था ना कल थी, ना आज है।
मैंने फ़रवरी में ही यह सब सुना था कि 'अब बस कर दो भाई, कितना UGC करते रहोगे'। मैं तब भी नहीं रुका था। और जब आज भी तुम सब वही कह रहे हो कि 'ये साला पागल हो गया है, सबसे लड़ रहा है, एक ही बात हर दिन बोलता है', मैं आज भी नहीं रुकूँगा। क्योंकि फ़रवरी में न रुकने का परिणाम हमे सितंबर में दिखा, और आज ना रुकने का मार्च में दिखेगा।
मैं लाखों की भीड़ में अकेला भी एक तरफ़ रहूँ और मैं कनविंस्ड रहूँ कि मैं सही हूँ, तो मुझे भीड़ ना तो दिखाई देती है, ना उसकी ध्वनि सुनाई देती है। मैं जो कर रहा हूँ, और जो करता रहूँगा उसका एक कॉस्ट है जो मैंने इन किसी भी 'मठाधीशों' से नहीं माँगा।
आज ये ज्ञान देने लगे, तो बताया कि ये कितने बड़े दोगले हैं। आगे और भी बहुत कुछ बताऊँगा कि किसके लिए कोई विषय केवल एक विषय है, और किसके लिए फण्ड उगाही का एक मार्ग। डेढ़ हज़ार लोग को जोड़ नहीं सकते और 'चार लोग नहीं आएँगे सड़क पर' का ज्ञान देते थे ये सब। हमने कितने उतार दिए, वो सबको दिख गया।
अभी हमारी लड़ाई का पहला चरण है। और इसकी टाइमलाइन छः महीने की नहीं, छः वर्ष की है। तुम्हें हमारी भीड़ नहीं दिखेगी क्योंकि हम भीड़ जुटा ही नहीं रहे। बाक़ी, समय सबको उत्तर देता है। बड़े-बड़े सिंहासनों को इन्हीं ब्राह्मणों ने उठाया और गिराया है।
जो सत्ता अपने समाज की प्रतिभा का सम्मान नहीं करती, वह मिट्टी में मिल जाती है।
कॉकरोच दुनिया में तब भी रहेंगे जब परमाणु हमले से पूरी मानव सभ्यता नष्ट हो जाएगी,
तो ये हज़ारों पुलिस और बंद मेट्रो स्टेशन कैसे कॉकरोचों क़ो रोक पाएंगे,
Not Shocking: Cockroach Founders openly accept that CJP protest at jantar mantar was all planned by the AAP Maharashtra leader Ajinkya Sinde.
Aam Aadmi Party was managing the stage and backstage activities of Abhijeet Dipke and CJP.
Ashutosh Ranka and Abhijeet Dipke were on stage just for 'Masti'!
यह घटिया और जिहादी महिला स्वरा भास्कर @ReallySwara मुंबई में आजाद मैदान में मुसलमानो द्वारा लातों से शहीद स्मारक के तोड़फोड़ को घटिया फोटो साफ बता रही है
सुन ले दोगली महिला
तेरा जिहादी खसम जिस संगठन का सदस्य है यानी रजा एकेडमी उसने म्यांमार में रोहिंग्याओं के मुद्दे पर मुंबई में मुसलमानो को इकट्ठा किया था और उन मुसलमानो ने आजाद मैदान में जो शहीद स्मारक बना है उसको लातों से तोड़ा था
यह उसे वक्त का न्यूज़ कवरेज देख लेना बे
He's Nandan Yadav, a voter of @yadavtejashwi.
Tejaswi called it a Bhagwan R*pe just because he used a saffron scarf to hide his face.
The audacity of these anti-Hindu clowns to defame Hinduism.
Dhruv Tàtti’s Bangladesh 😱😱
An 11-year-old minor girl, Anamika Akter , was married to a 22-year-old man and became a mother at just 13. A child is now raising another child.
Beauty of lsIam 😍😍
Dipika Kakar
Before marriage:
Azaan and Aarti can live together. Biryani on Eid, diyas on Deepavali. "Hamara mazhab mohabbat hai."
After marriage:
The vlogs show namaz, and Islamic rituals being taught to the child. Have you ever seen vlogs on Ganesha Aarti or welcoming Ram or Lakshmi on Deepavali?
Love as a religion sounds beautiful in a promo.
A child, however, is raised in one house, one routine, one set of prayers.
इस बार काशी में ‘देव दीपावली’ की जगह ‘नमो दीपावली’ मनायी जानी चाहिए!
वैसे, आप सारे भारतवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ। क्षमा करें, कुछ घंटे विलम्ब हो गया।
Some gestures remain very special!
#AshirwadKaDiya is one such expression of affection that has deeply touched me.
Every blessing strengthens my resolve to serve our beloved Bharat with even greater devotion.
"Females of Kafirs are to be captured in conflicts as s€x sl@ves. They are personal properties of Muslims."
- Pakistan's 3rd highest Civilian awardee, Islamic scholar Dr Israr Ahmed
A s€x-sl@ve of this cult from B'wood hates Hindu women who chose Jauhar (honor) over sl@very.