बहुत सुंदर कविता❤️
अबकी बार 15 अगस्त थोड़ा पहले
आ गया
यही है असली भारत, युवाओं ने सबको इंसानियत का पाठ पढ़ाया, सही को सही कह ग़लत को आइना दिखाया
जय हिन्द जय भारत
🚨 BREAKING: देश में एक नया नारा गूंज रहा है—"हिसाब दीजिए!"
अब सिर्फ़ वादे नहीं…
अब सिर्फ़ भाषण नहीं…
अब सिर्फ़ नारों से काम नहीं चलेगा…
अब सवालों का जवाब चाहिए।
अब काम का हिसाब चाहिए।
"हिसाब दीजिए" किसी एक व्यक्ति, दल या विचारधारा का नहीं, बल्कि जवाबदेही की मांग का संदेश है।
लोकतंत्र में जनता का सबसे बड़ा अधिकार है—सवाल पूछना।
और सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है—जवाब देना।
क्या आपको लगता है कि "हिसाब दीजिए" आने वाले समय का सबसे बड़ा जननारा बन सकता है?
अपनी राय कमेंट में लिखिए और अगर आप मानते हैं कि लोकतंत्र में जवाबदेही ज़रूरी है, तो इस पोस्ट को रीपोस्ट कीजिए।
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शहजाद पूनावाला आख़िरकार भावुक होकर उन्होंने इस्तीफ़े की वजह बता ही दी।
कहने लगा
"मंदिर से चंदा कोई और उठाकर ले जाता था... लेकिन टीवी डिबेट में गालियाँ खाने के लिए सबसे आगे मुझे बैठा दिया जाता था।"
"मीटिंग में कहते थे—'आप हमारे सबसे बहादुर योद्धा हैं।' अब समझ आया कि बहादुर नहीं... बलि का बकरा बोलना चाहते थे ।"
उन्होंने आगे बताया—
"चंदा गया किसी की जेब में, ट्रोलिंग आई मेरी टाइमलाइन पर। पोस्ट किसी और ने लिखी, सफाई मुझे देनी पड़ी। गलती किसी और की, मीम मेरे ऊपर बन गए।"
आख़िर में आंसू पोंछते हुए बोले—
"अब मैंने तय कर लिया है... जिस टीम में विकेटकीपर ही हर गेंद पर हेलमेट खाए और बल्लेबाज़ पवेलियन में चाय पीता रहे... वहाँ नौकरी नहीं करूँगा!"
"बलि के बकरे की आत्मकथा – भाग 1" 😭😂
अभी मैने चुनाव लड़ने पर नहीं सोचा है अभी मेरे चुनाव लड़ने पर बहुत समय बाकी हैं....!
जब भी मेरी पार्टी मुझे कहेगी में चुनाव लड़ूंगी, ऐसे भी नहीं की चुनाव लड़ना है तो में पार्टी छोड़ दूं..!
मेरी पार्टी पहले भी बहुत लोग चुनाव लड़े और बहुत अच्छा चुनाव लड़े थे, तो चुनाव भी लड़ लेंगे..!
एबीवीपी में भी मेरे बहुत दोस्त हैं जो कोई उनको समझ नहीं आता तो कॉल करके पूछते हैं कि नेहा दीदी ये क्या था...?
जब कोई नेता जनता के रिवलेंट हो जाता है तो फिर उनके कोई सत्ता पक्ष या विपक्ष मायने नहीं रखता है...!
में कभी गद्दारी नहीं करूंगी – नेहा बोरा
इरफान अपनी नई शुरुआत कर रहे हैं. आज से पहले वो मंच तलाशते थे अपनी और अपनों की बात कहने के लिए. लेकिन अब वो अपना मंच तैयार कर रहे. इस मुहिम में हम सब को साथ देना होगा. इरफान का ये मंच उन तमाम इरफ़ानों को भी हिम्मत देगा जो अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे.
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे गए है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विचार है ?
आप लोगो के सहयोग से अजीत अंजुम सर अथक प्रयास मेहनत से
आज ही के दिन
अब तक यूटूब मै इरफ़ान पर 65 k पुरे हो गये
मुझे यकीन ही नहीं हो रहा
इतना प्यार इतनी मोहब्बत
इनका कर्ज मै कैसे अदा कर पाउँगा 🙏
मेरा प्रयास रहेगा आमजन मानुष का मुद्दा उठाता रहूँगा
https://t.co/KdLKaYKzPc