@rohitksingh पूर्ण आशा थी संस्कृति मंत्रालय में आपके होने से कुछ मौलिक आयोजन होगा। आज की झलकियां और तीन दिवसीय आयोजन के संयोजन को देख बहुत खुशी महसूस हो रही है कि ये आयोजन औपचारिकता की भेट नही चढ़ा बल्कि बनारस की आत्मा की अभिव्यक्ति बन कर सामने आया है।
सादर
“मन हारा तो रावण है, मन जीता तो राम।
मन ही मन में चलता है, देवासुर संग्राम ॥
मन ही अंगद, मन बजरंगी, मन की शक्ति अपार।
मन में हो यदि श्रीराम तो, हो जाए बेड़ा पार ॥”