BBC Investigation: वो 6 छोटी पार्टियां जिन्हें मिला करोड़ों का चंदा
बीबीसी की टीम ने उन राजनीतिक दलों की पड़ताल की, जिन्हें चंदे में करोड़ों रुपये मिले लेकिन चुनावों में ये पार्टियां लगभग नदारद रहीं.
पूरी रिपोर्ट देखिए- https://t.co/0wPyHAMC2V
#RUPP#BBCINVESTIGATION
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा ( @shubhangi_misra ) और दीपक जसरोटिया ( @DeepakJ0710 )
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले, साल 2023-24 के वित्त वर्ष में कई छोटे दलों को काफ़ी ज़्यादा चंदा प्राप्त हुआ.
बीबीसी की टीम ने लगभग दो महीने इस मामले में पड़ताल की, उन्होंने छह ऐसे दलों के बारे में पता किया, जिन्हें 'रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज़्ड पॉलिटिकल पार्टीज़' यानी RUPPs कहते हैं.
बीबीसी की टीम को पता चला कि इन पार्टियों को सैकड़ों करोड़ का चंदा मिला, जोकि कुछ मामलों में किसी राष्ट्रीय दल से भी ज़्यादा रहा.
लेकिन ये पार्टियां चुनावी राजनीति में अधिकतर गायब ही रहीं.
एक्सपर्ट कहते हैं कि हो सकता है ये पार्टियां असल में स्वतंत्र राजनीतिक संगठन ना हों, इसके बजाय ये पार्टियां टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेनदेन और दूसरी वित्तीय अनियमितताओं के लिए एक तरह से मोर्चे के तौर पर काम कर सकती हैं.
देखिए बीबीसी की यह ख़ास पड़ताल.
रिपोर्टः शुभांगी मिश्रा
शूट एडिटः दीपक जसरोटिया
ग्राफ़िक्सः वासिफ़ ख़ान और चेतन सिंह
अतिरिक्त रिपोर्टिंगः तेजस वैद्य
होल्डिंग एडिटरः अभिक देब
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
My grandfather was a farmer. My father served in the Army. That celebration came from the deepest part of who I am and where I come from.
I’ve grown up seeing their hard work, strength and sacrifices up close. A lot of who I am today comes from the values they’ve passed on to me.
This one was for them, and for every farmer who feeds our country and every soldier who protects it. We can never fully repay their sacrifices, but we can always carry their pride in our hearts.
Jai Jawaan, Jai Kisaan. 🇮🇳
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
आपको स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ ! देश आज़ाद रहे, आबाद रहे, हर नागरिक इस आज़ादी का उत्सव मनाए, हर कोई इस आज़ादी को महसूस करे !
जय हिन्द ! 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” - कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए - गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं।
@AmitShah जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले - और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा।
छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
#ChhatronKiGoonj
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।
छात्रों पर बर्बरता के ज़िम्मेदार अमित शाह हैं!
या तो उन्होंने इस हमले का आदेश दिया - ऐसे में वो सीधे गुनहगार हैं।
या फिर उन्हें हमले की कोई जानकारी नहीं थी - ऐसे में वो नाकाबिल गृह मंत्री हैं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.