शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
देश की राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले दागना लोकतांत्रिक मूल्यों के ख़िलाफ़ है।सरकार के इशारे पर किया गया यह कृत्य बेहद निंदनीय है।
पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग दबाने के बजाय उनकी बात सुनकर ठोस समाधान निकालना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी लगातार छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग उठाते रहे हैं।
अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह तानाशाही करने के बजाय छात्रों से संवाद कर उनके हित में कदम उठाए।
इस समय देश की परीक्षा प्रणालियों में आमूलचूल सुरक्षात्मक बदलाव लाने की पहल करनी चाहिए।
@RahulGandhi@INCIndia
#DharmendraPradhanResign #संसद_मार्च
#NirmalChoudhary
"हमारे MP थाने में बिठाए हुए हैं और बाहर बच्चों की पिटाई की जा रही है"
◆ सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा
#AkhileshYadav | Akhilesh Yadav | #संसद_मार्च | #CJPProtest | संसद भवन | Parliament | धर्मेंद्र प्रधान | दिल्ली पुलिस
धर्मेंद्र प्रधान पर कार्रवाई करने के बजाय जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक़ की आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना प्रधानमंत्री मोदी की कायराना हरकत है, जो बेहद शर्मनाक है।
प्रधानमंत्री की हरकतों को देखकर इनका नाम नरेंद्र मोदी से “सरेंडर चुप्पी” कर देना चाहिए।
आज ये मीडिया को एकतरफ़ा ज्ञान दे रहे थे तो इनके मुँह से पेपरचोरी, चंदाचोरी और पेट्रोलचोरी के बारे में एक शब्द नहीं फूटा।
चुप्पी तो तोड़नी पड़ेगी, इस्तीफ़ा तो देना होगा।
पेपर लीक के खिलाफ लाखों बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है!
मोदी सरकार बच्चों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर मंतर पर लाठीचार्ज का मामला सदन में उठाया!
#DharmendraPradhanResign
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करना सरकार की दमनकारी सोच को दर्शाता है।
पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
युवाओं की आवाज़ को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता।
#DharmendraPradhanResign
#SonamWangchuk
#NirmalChoudhary
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सरकार यदि युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उन्हें डंडे के बल पर दबाने का प्रयास करेगी, तो यह लोकतंत्र की भावना के साथ अन्याय होगा।
#छात्रों_की_गूंज अब दबने वाली नहीं है।
मोदी सरकार में हर परीक्षा में पेपर लीक और हर भर्ती में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।
आज सीकर में "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष @VinodJakharIN जी के साथ विरोध जुलूस निकाला एवं युवाओं की आवाज़ बुलंद की।
ये संघर्ष केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का है। हमारी स्पष्ट मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, और भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में पारदर्शी, जवाबदेह और ठोस सुधार किए जाएं, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य पेपर माफियाओं और भ्रष्ट भाजपाई तंत्र की भेंट न चढ़े।
जुलूस में सीकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला जी, मुस्तफा कुरैशी जी, जनप्रतिनिधि, पार्टी नेता व युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।
#ChhatronKiGoonj
#SackDharmendraPradhan
देश में ग़ज़ब तमाशा चल रहा है।
NEET के Re-Exam रिजल्ट में भी भारी गड़बड़ी।
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। Answer Key के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे।
2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया।
आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं।
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। आंसर–की के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे। 2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया। आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं। #neet
“NEET की निष्पक्षता पर फिर सवाल!”
कानपुर की एक छात्रा का आरोप है कि OMR शीट के मिलान के अनुसार उसके 609 अंक बन रहे थे, लेकिन NTA की वेबसाइट पर कुछ ही घंटों के भीतर उसका परिणाम 167 अंक दिखाया गया।
यह आरोप NEET परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और लाखों छात्रों के भरोसे पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
प्रधानमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी, छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कब होगी?
आखिर लाखों मेहनती छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली में कब लौटेगा?
#NirmalChoudhary
प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए।
आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
सर्वे की ओट में अधिकारों पर चोट.. आखिर भाजपा सरकार की भर्तियों में ये कैसी आरक्षण व्यवस्था है?
नागौर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती के 146 पदों में सामान्य वर्ग के लिए 126, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए 12, अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 8, जबकि SC और OBC वर्ग के लिए 0 पद। आखिर आरक्षण का ये कैसा वर्गीकरण है? ये कैसी व्यवस्था है जहां दो वर्गों के हिस्से में एक भी पद न आए?
क्या सामाजिक न्याय का अर्थ यही रह गया है कि किसी वर्ग का प्रतिनिधित्व शून्य कर दिया जाए? अगर सर्वे के आधार पर ऐसी स्थिति बन रही है, तो सरकार बताए कि फिर आरक्षण व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य क्या रह जाता है?
ये पहला मौका नहीं है, भाजपा सरकार की भर्तियों में लगातार आरक्षण के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। LDC, चतुर्थ श्रेणी, वनपाल एवं द्वितीय श्रेणी की जैसी कई भर्तियों में आरक्षण से छेड़छाड़ करके अधिकारों को छीना गया है। ये बेहद गंभीर है कि सरकार विसंगतियां दूर करने की जगह संवैधानिक हक छीनने में लगी है। सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
@BhajanlalBjp@RajCMO
आपातकाल का ढोल पीटने वाले आज देश में अघोषित आपातकाल चला रहे हैं। धरना-प्रदर्शन का अधिकार छीन रहे हैं, बोलने की आज़ादी पर पहरा बिठा रहे हैं। और जो सरकार से सवाल पूछे, उसे एजेंसियों व पुलिस के दम पर चुप करा रहे हैं.. यही BJP का नया लोकतंत्र है।
युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर 21 दिन से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जबरन उठाकर बता दिया कि मोदी सरकार संविधान में नहीं, सत्ता के अहंकार और तानाशाही में विश्वास करती है।
ये सिर्फ़ @Wangchuk66 जी का अपमान नहीं, संविधान के अनुच्छेद 19 और हर भारतीय के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। BJP की सरकारें संवाद से नहीं, पुलिस, दमन, डर और षड्यंत्र से देश चलाना चाहती हैं। उन्हें हर वो नागरिक दुश्मन दिखाई देता है जो सिस्टम से सवाल पूछता है।
लेकिन इतिहास गवाह है.. सत्ता का अहंकार कभी नहीं चला। सत्याग्रहियों पर लाठी, गिरफ़्तारी और दमन से आवाज़ें नहीं दबतीं, बल्कि और बुलंद होती है। जिस तरह किसानों, खिलाड़ियों और युवाओं ने झुकने से इनकार किया, उसी तरह पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की लड़ाई भी रुकने वाली नहीं है।
#NEETPaperLeak #Protest
#SonamWangchuk
जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने भगवान के ख़जाने में हाथ डालकर ‘धर्म-धन’ चुराने तक का दुस्साहस कर लिया, वो किसी पुजारी और इंसान का मान क्या करेंगे। बेहद निंदनीय!
वैधानिक कार्रवाई हो।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!
#CC_to_CC