आइए अपने देशी सोशल मीडिया Koo( कू ) पर! चार दिन में नए दस हजार लोग जुड़े!महीने भर में 42 हजार से ज्यादा लोग ! ये बदलाव है!आइए अब यहीं संवाद करते हैं..!
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शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी जी कह रही हैं कि "सिंक्रोनाइज ट्वीट्स" की जाँच पारदर्शिता के लिए ज़रूरी है।
@CMOMaharashtra कृपया इन सिंक्रोनाइज ट्वीट्स की भी जांच करा दें।
शायद कोई मुख्यमंत्री इन्हें धमका कर इनसे कॉपी-पेस्ट ट्वीट करवा रहा है।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हूं, जो कभी पाकिस्तान नहीं गया. जब मैं पाकिस्तान में परिस्थितियों के बारे में पढ़ता हूं, तो मुझे एक हिंदुस्तानी मुस्लिम होने पर गर्व महसूस होता है.
विपक्ष के नेता भले ही #PMModi के लिए बार-बार अपशब्दों का प्रयोग करते हैं,लेकिन #नरेन्द्र_मोदी अक्सर विपक्ष के बड़े नेताओं की भी प्रशंसा करने से भी नहीं हिचकते। 2014 में मुझे दिए इंटरव्यू में उन्होंने अहमद पटेल की प्रशंसा की थी, जिसे उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने सेंसर कर दिया था।
पीएम ने कहा आंदोलनजीवी तो तमाम खैरातजीवी बिलबिलाए अपने आकाओं के लिए ..गांधी क्या थे! सुभाष क्या थे! जेपी क्या थे ! अन्ना आंदोलन क्या था। अरे चिरकुटों PM हर आंदोलन मे जीविका ढुंढने वाले खैरातियों की बात की है। समझ तो गए होगे लगी जोर से है..
#andolanjivi#andolanjeevi
भारत सरकार की शिकायतों को नज़रंदाज़ करने पर सरकार ने @TwitterIndia के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। कल तक अकड़ दिखा रहा ट्विटर अब सरकार से बातचीत करने के मूड में है।
मेरे लिए कल का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा..
मैं विगत 30 वर्षों के पत्रकारिता जीवन में #नेताजी_सुभाष_चंद्र_बोस जी को भारत का प्रथम प्रधानमंत्री लिखता और बोलता आया हूँ..
कल प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने भी संसद में इसी बात को कहा तों गर्व से सीना चौड़ा हो गया, आत्मिक समाधान मिला
आंदोलन के लंबा खिंचने की पीड़ा व नहाने से बचने को अस्पताल सही था।वहां से भी लंबा फेसबुक लाईव पूरे कुटिल मुस्कान और मिसरी बोली में हां मैं आंदोलन जीवी हूं प्रधानमंत्री जी। फिर आंदोलनकारियों के नाम गिना दिए।ढोंगी सलीम यादव जी pmआंदोलनकारियों को नही आंदलोनजीवी की बातकी #andolanjivi
आज एक प्रोफाइल देख यूँ ही विचार आया कि दर्जनों युवा बिना किसी की मदद या सहयोग के सोशल मीडिया पर पत्रकारिता कर रहे हैं। ऐसे सभी युवा मित्रों से मिलने का मन है, कोई मकसद नहीं इसके पीछे,बस उन्हें, उनके संघर्ष को समझना चाहता हूँ। मिलने के इच्छुक हों तो अपना ईमेल दें,संपर्क करूँगा।