एक इंच की जगह नहीं है, हज़ार लाख नहीं लाखो की संख्या में श्रद्धालु है-
ना कोई जाति है, ना कोई विशेष पहचान-
सिर्फ हिंदू और प्रभु के भक्त।
जातिवाद मुख्यतः इस देश में राजनेता समाज को बाटने और अपनी राजनीति को चमकाये रखने के लिए चलाए रख रहे है।
श्री अमरनाथ यात्रा के पावन शुभारंभ के अवसर पर बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन हेतु प्रस्थान कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।
देवाधिदेव महादेव की असीम कृपा से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय हो। यह पावन यात्रा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करे।
हर हर महादेव! 🚩🙏
#AmarnathYatra #HarHarMahadev
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य :
(नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026)
श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।
अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुँचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जाँच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर क़ानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की है। जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था एवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतु परिणामकारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था व श्रद्धा अखंड एवं अटूट बनी रहे। वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से हमारी अपेक्षा है कि सभी आवश्यक पहल मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल करेंगे। हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन हेतु निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाये रखेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य 'गुरुजी' की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
परम पूज्य गुरुजी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सशक्त वैचारिक आधार दिया और सेवा को राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में संघ ने राष्ट्रजीवन के हर क्षेत्र में जनजागरण किया और राष्ट्रीय चेतना को नई ऊँचाई दी।
सामाजिक एकता, अखंडता और आत्मगौरव को समर्पित उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। स्वदेशी और राष्ट्रोत्थान के उनके विचार युवा पीढ़ी को सदैव राष्ट्रहित के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाचे द्वितीय सरसंघचालक परमपूज्य 'गुरुजी' यांच्या पुण्यतिथीनिमित्त त्यांना विनम्र अभिवादन.
परमपूज्य गुरुजींनी सांस्कृतिक राष्ट्रवादाला एक भक्कम वैचारिक अधिष्ठान दिले आणि 'सेवा' ही राष्ट्रनिर्मितीची सर्वात मोठी शक्ती असल्याचे स्थापित केले. त्यांच्या नेतृत्वाखाली संघाने राष्ट्रजीवनाच्या प्रत्येक क्षेत्रात जनजागृती केली आणि राष्ट्रीय चेतनेला एका नव्या उंचीवर नेऊन ठेवले.
सामाजिक एकता, अखंडता आणि आत्मगौरव यांना समर्पित त्यांचे संपूर्ण जीवन हे राष्ट्रसेवेचे एक अद्वितीय उदाहरण आहे. स्वदेशी आणि राष्ट्रोत्थानाचे त्यांचे विचार युवा पिढीला सदैव राष्ट्रहितासाठी प्रेरित करत राहतील.
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥
अर्थ -
श्रेष्ठ व्यक्ति जैसा आचरण करता है, सामान्य लोग भी वैसा ही करने लगते हैं। वह जिसे आदर्श या प्रमाण मानकर प्रस्तुत करता है, समाज उसी का अनुसरण करता है।
"RSS दुनियां की सबसे बड़ी संस्था है, संघ को पश्चिमी देश कभी समझ नहीं पाए, RSS करता क्या है?"
Hudson Institute , Washington, D.C. में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी से पूछा गया प्रश्न -
आदिगुरु शंकराचार्य का जन्म 8वीं शताब्दी में हुआ था, उनका जन्म स्थान केरल माना जाता है।
उनके पिता का नाम शिवगुरु था।
उनका मूल नाम शंकर था, लेकिन उन्हें श्री शंकराचार्य के रूप में प्रसिद्धि मिली।
अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज की जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम।
वे हमें सिखाते हैं कि आत्मा और परमात्मा एक ही हैं, यही अद्वैत का परम सत्य है।
उनका अनमोल वचन:
“ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या, जीवो ब्रह्मैव नापरः।”
अर्थात
ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है, जगत मिथ्या है, और जीव तथा ब्रह्म में कोई भेद नहीं है।
“शंकर: शंकर: साक्षात”
अपनी अलौकिक प्रतिभा, प्रकांड पांडित्य,
दिव्य कर्म से सनातन धर्म की जड़ों को सिंचित कर,
भारत की मूलभूत मान्यताओं और संस्कृति का एक विशाल वट वृक्ष बना देने वाले,
अद्वैत वेदांत के प्रणेता,
सांस्कृतिक चेतना के प्राणाधार
जगद्गुरु “आदि शंकराचार्य” की जयंती पर
उनके चरणों में कोटि - कोटि नमन !
यह अपने मन का दृढ़तम विश्वास है कि आपके दिखाए अद्वैत वेदांत के पुण्य पथ पर चलकर ही समस्त विश्व का कल्याण संभव है ...!!
आप सभी को भगवान परशुराम जयंती की ढेरों शुभकामनाएं। उनसे हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा मिलती है। अतुलनीय पराक्रम और विवेक के प्रतीक भगवान परशुराम की कृपा से हर हृदय में नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास का संचार हो। उनका आशीर्वाद सभी के जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से आलोकित करे।
जय श्री परशुराम 🙏
‘अधर्म का नाश’ किए बिना ‘धर्म की जय’ नहीं होती है।
परशुराम जी की नीतियों को लागू किए बिना रामराज्य स्थापित करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. #parshuramjanmotsav
पहली बार लोकसभा में वन्दे मातरम का पूरा छंद गया गया।
पहली बार राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' का पूर्ण स्वरूप में सामूहिक गान के साथ लोकसभा सत्र का समापन हुआ।
बाबरी ढांचा गिराना किसी मज़हब के खिलाफ नहीं था,
ये तो आक्रमणकारियों द्वारा किए गए कुकृत्य को ठीक करने का काम था।
आज भी दिल्ली में औरंगजेब लेन है और महाराष्ट्र में औरंगाबाद है, ये अब बदलना चाहिए।
: सुरेश भैयाजी जोशी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, रा. स्व.सं