स्टालिन का नफरती स्टॉल हटने की असली खुशी होगी।
हिंदू संस्कृति की आदि भूमि में दूषित, हिन्दू विरोध की मिशनरी राजनीति कर रहे एक कुटिल राजनेता का जाना, जनता के मन में आए सकारात्मक बदलाव का ही प्रतीक होगा।
#electionresult2026
ये सच है कि कई बार जान बूझ कर सिर्फ हिंदू त्यौहारों को पर्यावरण के नाम पर टारगे�� किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी हिंदू समाज की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि रीति रिवाज़ों में समय समय पर ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाएँ, जो आस्था के साथ साथ इस समय की आवश्यकताओं का भी ध्यान रख पाएँ।
हिंदू तो सबसे उदार धर्म है, और हमें सर्वहितकारी परिवर्तन स्वीकार करने में तुलना नहीं करनी है। ये किसी और धर्म से कॉम्प्टीशन नहीं है, ये तो हमारे अपने धर्म का समसामयिकीकरण है। ये नितांत आवश्यक है कि हम अपने रीति रिवाज़ों को पर्यावरण के अनुकूल बनाएं, और अन्य धर्मों को भी पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित करें।
#EcoFriendlyGaneshChaturthi
भारत में 25 करोड़ बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं। एक तरफ़ सरकारी स्कूल बंद हो रहे और उधर 3 साल में Private स्कूलों की फीस 50-80% बढ़ी।
सवाल कि क्या syllabus बदला? क्या Facilities दोगुनी हुईं? Uniform, जूते, किताबें सब स्कूल का ख़रीदना मजबूरी। स्कूल अब पैसा कमाने की Factory हैं.
सतगुर की महिमा अन���त, अनंत किया उपकार।
लोचन अनंत उघाड़िया, अनंत दिखावण हार॥
आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मेरे आराध्य, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य, अद्वैत वेदांत के प्रकांड विद्वान, योग विद्या के मर्म���्ञ, अनंत विभूषित युग पुरुष पूज्य श्री परमानंद जी महाराज के चरणों में कोटि कोटि नमन 🙏🏻
#GuruPurnima
माता पिता के चरणों में स्वर्ग होता है, दिखता नहीं है
कण कण में भगवान होते हैं, दिखते नहीं हैं
पौराणिक निरूपण सांके��िक होते हैं, उनका अर्थ अभिधा में नहीं, लक्षणा और व्यंजना में समझा जाता है। अव्यक्त में व्यक्त को समझने के लिए चिंतन लगता है, कुतर्क नहीं
लेकिन जब बुद्धि अध्ययन की जगह सोशल मीडिया के कचरे से अपनी क्षुदा पूर्ति करने लग, तो फिर आदमी के दिमाग़ से ऐसा ही कचरा निकलता है
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले भीषण बारिश में भी मजबूती के साथ शिक्षकों एवं छात्रों के अभिभावकों ने धरना किया एवं ज्ञापन दिया
@vipinUPPSS
@TrHarshvardhan
संबंधों में पारदर्शिता का इससे आस��न दौर नहीं आ सकता। किससे कितनी बन रही है ये जानने के लिए अब किसी का मन पढ़ने की कठिन जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती है। सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट करने वालों की सूची देखकर ही बताया जा सकता है कि किससे निभ रही है, किससे बिगड़ गई है। टेक्नोलॉजी कमाल चीज़ है । ज़िंदगी में और कितनी आसानी चाहिए आदमी को? 😃
रिंकू सिंह का पूरा सम्मान है। ये बात सही है कि उन्हें ��ेसिक शिक्षा अधिकारी केवल सम्मानित करने के लिए बनाया गया है, और वे शायद ही कभी दफ्तर में वास्तविक कार्यभार ग्रहण करेंगे। लेकिन सम्मान में कोई और पद दिया जा सकता था। कक्षा 9 पास व्यक्ति को शिक्षा अधिकारी बनाना विडंबना ही कही जाएगी। ये बात रिंकू सिंह का अपमान करते हुए नहीं कही जा रही है, शिक्षा व्यवस्था का सम्मान बचाए रखने के लिए कहीं जा रही है।
#rinkusingh
इटावा के जसवंतनगर में यादव समाज के एक कथावाचक आचार्य के साथ हुई जातिवाद��� हिंसा भर्त्सनीय है। समाज जब एक अच्छी समन्वयवादी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है, तब सामाजिक अराजकता का ऐसा उदाहरण वैमनुष्य पैदा करता है। सनातन धर्म सबका है और व्यासगद्दी पर बैठा हर व्यक्ति जाति, वर्ण और लिंग के भेद से परे, पूज्यनीय है।
दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा मिले।