जिन्हें संविधान की सपथ लेने के बाद संविधान की रक्षा करनी थी वो पालतू कुत्ते की तरह मालिक के इशारों पर काटने दौड़ रहे हैं, कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं कानून के रक्षक
लड़की का गाली देना गलत है लेकिन जो सरकार कर रही है वो खतरनाक है शर्मनाक है अतः नीच को ताकत नहीं मिलनी चाहिए👇
Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
इनका नाम उदित गुप्ता है इन भाई साहब ने बड़े अच्छे से समझाया है कि "आरक्षण" क्यों खत्म नहीं होना चाहिए।
और इसका सॉल्यूशन क्या है।
इनकी ये वीडियो पूरी देखी जानी चाहिए और इनके तर्क सुने जाने चाहिए।
मैं इन भाई को नहीं जानता, इनका क्या नाम है मुझे नहीं पता।
लेकिन इन भाई के चंद मिनटों के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र क्या है, संविधान क्या है और भारत देश क्या है।
मैं स्वयं तथा तमाम राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नीति निर्माताओं, देश के जिम्मेदार पदों पर बैठे ओहदेदारों से लेकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक को यदि किसी एक चीज के पालन की जरूरत है तो वो है देश के संविधान की मूल भावना की। हमारा सच्चा राष्ट्रवाद हमारे संविधान में निहित है।
21 मिनिटांचा हा व्हिडिओ वेळ काढून नक्की बघा.
इरफान फक्त अंगणवाडीपर्यंत शिकला. त्यानंतरचं त्याचं विद्यापीठ म्हणजे Google, YouTube आणि स्वतःची जिज्ञासा.
त्याच्या बोलण्यातला अभ्यास, समाज-राजकारणाची समज, भाषेवरची पकड आणि कष्टकरी माणसांविषयीची संवेदनशीलता पाहिली की एक गोष्ट स्पष्ट होते—प्रतिभेला महागड्या पदवीची गरज नसते; संधीची गरज असते.
आणि लल्लनटॉपचा पत्रकार रजत पांडे… त्याने घेतलेली ही मुलाखत म्हणजे केवळ प्रश्नोत्तर नाही, तर एका दुर्लक्षित भारताला आवाज देण्याचा प्रयत्न आहे.
देशाच्या झोपडपट्ट्यांमध्ये, छोट्या गावांत आणि दुर्लक्षित वस्त्यांमध्ये असे कितीतरी इरफान आजही आहेत. प्रश्न त्यांच्या क्षमतेचा नाही, तर त्यांना व्यासपीठ मिळतं का याचा आहे.
@AamAadmiParty@msisodia Aap अजीब पार्टी है कभी सच मे सच बोलते है कभी झूठी पार्टी लगती है बीजेपी जैसे आरोप लगाते है उसमे न सर न पैर होते है कुछ भी बोलते है
@RahulGandhi Please🙏 सर x मे लिखने से अच्छा है छात्रों को ग्राउंड लेवल मे स्पोर्ट कीजिये आज आप भी चुप हो जायेंगे तो इस देश मे सच मे डेमोक्रेसी नहीं बचेगी
@ArvindKejriwal ऐसा लग रह नितिन नवीन कोई साइंतिस् है जंतर मंतर में छत्र द्वारा भूख हड़ताल क्या जा रह उसमे प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोले और जिस आदमी का बारे बोल रहे है उसको देश के लोगों से कोई लेना देना नहीं है
@kaankit अग्रेजों ने इससे कम ही लूटे है जितने बीजेपी की नेताओ ने देश को लूट रहे है राम मन्दिर के नाम पे वोट मांगते है वही मन्दिर से 200 करोड़ की चोरी हो जाती है wow re बीजेपी के नेताओ