मै हमेशा उन महफ़िलों से बागी रहा हु,
जहां शोहरत तलवे चाटने पर मिलती है।
Be Positive...
Enjoy your life always...
सब कुछ यहीं रह जायेगा कुछ साथ नहीं जाएगा🥳🌹
@dineshbohrabmr ji aapke har tweet se saf saf lagta h ki aap BJP se sambandhit har mudde ko saf ya suljhakar BJP k paksh m karne ka prayas krte rehte ho..
Chodo n yar patrkarita
BJP join kro or party m sudhar lao
BJP join krte hi aap apne priy RAWSA bhati ji ko b la skoge...🫡
किसानों पर दिए गए बयान के बाद जिस तरह सोशल मीडिया पर लगातार कंटेंट बन रहा है, उससे स्पष्ट है कि मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। आसपास के लोग भी सही समय पर उचित सलाह देने के बजाय स्थिति को संभालने में नाकाम रहे हैं।
जब बातें बार-बार फिल्टर होकर सामने आती हैं, तो वास्तविक स्थिति का सही आकलन नहीं हो पाता और जमीनी हकीकत से दूरी बन जाती है।
दिल्ली में RSS हेडक्वार्टर पर पार्किंग की जगह कम होने पर 1400 साल पुराने मंदिर को ढहा कर पार्किंग बना ली गई हिंदुओं, जाग जाओ और धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों से सावधान रहो यह सनातन के सबसे बड़े दुश्मन हैं
@ashokgehlot51@arvindchotia के कमरे में छिपा कैमरा, मोबाइल की रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल आम हो गया है। एक पल का सुख जिंदगी भर का कलंक बन जाता है।
गलती हो जाए तो तुरंत पुलिस के पास जाएँ। शर्म और डर के कारण चुप रहने से ठग और मजबूत हो जाते हैं। रामस्वरूप ने हिम्मत दिखाई, इसलिए उनकी इज्जत और आजादी दोनों बच गईं।
जमाना बहुत खराब है जरा संभल कर रहे नहीं तो जो आपने वर्षों से इज्जत बनाई है मिट्टी में मिलते देर नहीं लगेगी
राजस्थान के चुरू जिले में बसा छोटा-सा कस्बा बीदासर। यहाँ की गलियाँ शांत हैं, लोग सीधे-सादे। मुख्य बाजार में एक पुरानी मोबाइल की दुकान थी, जिसके मालिक थे 55 साल के
@ashokgehlot51@arvindchotia कड़ी होता है।
प्रेम और वासना में फर्क समझना जरूरी है । सच का प्रेम कभी इतनी जल्दी, इतनी सस्ती जगह और इतने गंदे तरीके से नहीं होता। जो दो दिन में बिस्तर तक पहुँच जाए, वो प्रेम नहीं, जाल ही होता है।
अनजान व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने से पहले सौ बार सोचें। आज के जमाने में होटल
@ashokgehlot51@arvindchotia हम खुद आँखें बंद कर लेते हैं।
बीदासर की वो दुकान आज भी खुली है।
लेकिन अब रामस्वरूप किसी अनजान नंबर पर कॉल करने से पहले सौ बार सोचते हैं। उम्र कोई सुरक्षा-कवच नहीं है। 55 साल का आदमी भी 22 साल की लड़की के जाल में फँस सकता है। अकेलापन और भावनात्मक खालीपन सबसे बड़ा कमजोर
@ashokgehlot51@arvindchotia सब कुछ था। उसका बाप भी साथ में था। प्लान दोनों का था।
अब रेशमा और उसके पिता ब्लैकमेलिंग के केस में जेल की हवा खा रहे हैं। रामस्वरूप की इज्जत बच गई, लेकिन दिल पर एक गहरा घाव लग गया।
कहते हैं ना,"जो दिखता है, वो हमेशा सच नहीं होता।" और प्रेम कभी भी अंधा नहीं होता, बस कभी-कभी हम
@ashokgehlot51@arvindchotia मैसेज करो, "पैसे तैयार हैं, 2 लाख अभी दे रहा हूँ, बाकी बाद में।" जगह तय हुई। सुबह 6 बजे। एक सुनसान जगह पर।
रेशमा अपने बाप के साथ आई। जैसे ही 2 लाख का लिफाफा हाथ में लिया, पुलिस ने घेर लिया। दोनों रंगे हाथ पकड़े गए। रेशमा चिल्लाई, "ये तो झूठ है!" लेकिन मोबाइल में चैट, वीडियो, सब
@ashokgehlot51@arvindchotia रात भर नींद नहीं आई। सुबह होते-होते थाने पहुँच गए। बीदासर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के सामने सारी बात रोते हुए बता दी। वीडियो दिखाया। इंस्पेक्टर ने शांत स्वर में कहा, "चिंता मत करो बाबूजी। अब हमारा नंबर है।"
पुलिस ने जाल बिछाया। रामस्वरूप को कहा गया कि लड़की को मैसेज
@ashokgehlot51@arvindchotia फोन पर व्हाट्सएप खोला। एक वीडियो आया। पूरा होटल वाला दृश्य। उसमें वो खुद थे। साथ में रेशमा का मैसेज था:
"5 लाख रुपये। सुबह तक। नहीं तो ये वीडियो पूरे बीदासर में वायरल। और फर्जी रेप का केस भी ठोंक दूँगी। पुलिस तेरे घर आएगी।"
रामस्वरूप के पैरों तले जमीन खिसक गई। हाथ काँपने लगे।
@ashokgehlot51@arvindchotia तीसरे दिन रेशमा का मैसेज आया, "मिलोगे ना? बहुत याद आ रही है।" जगह बताई एक छोटे से होटल की। रामस्वरूप ने सोचा भी नहीं। दुकान बंद की, ऑटो लिया और पहुँच गए। कमरे में रेशमा पहले से मौजूद थी। गले लगी, और फिर जो हुआ, वो रामस्वरूप की जिंदगी का सबसे बड़ा भूल था।
शाम को जब दुकान लौटे तो
@ashokgehlot51@arvindchotia शायद सच में फोन खरीदना चाहती होगी। शाम को उन्होंने मैसेज किया। जवाब आया। फिर कॉल हुई। बातें धीरे-धीरे प्यार भरी होने लगीं। रेशमा कहती, "आप बहुत अच्छे लगते हो... कोई मेरी इतनी केयर नहीं करता।" रामस्वरूप, जो सालों से अकेलापन महसूस कर रहे थे, बहक गए। दो दिन में ही दिल हार बैठे।
@ashokgehlot51@arvindchotia बातें मीठी। बोली, "अंकल, नया फोन देखना है।" रामस्वरूप ने कई फोन दिखाए। लड़की हर फोन उठाती, मुस्कुराती, नजरें मिलातीं। बातों-बातों में हँसी-मजाक होने लगा। जाने से पहले रेशमा ने अपना नंबर लिख कर दे दिया और बोली, "अंकल, कोई अच्छा ऑफर हो तो बता देना।"
रामस्वरूप को लगा, शायद सच में
55 साल के रामस्वरूप जी। उम्र ढल चुकी थी, बाल सफेद हो चले थे, लेकिन दुकान का काम अभी भी ईमानदारी से चलाते थे। बीवी-बच्चे घर पर, दिन भर दुकान, शाम को घर। जिंदगी सरल थी, बिना किसी उलझन के।
एक दोपहर दुकान पर एक 22 साल की लड़की आई। नाम था रेशमा। चेहरा गोरा, आँखें बड़ी-बड़ी,