नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने के सी वेणुगोपाल को हिदायत दी है कि, प्रदर्शन में सारे सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करे।जो पीछले दो दिन में आए हैं और जो नहीं आए है,इसकी सूची बनाई जाए।अगर कोई गैर हाजिर है और उनके पास संतोषजनक जवाब नहीं है तो,कारण बताओ नोटिस जारी करो।
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब विधानसभा आमचुनाव आदि में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल जारी है, ताकि नई पीड़ी के ज़रिये देश में आपेक्षित अम्बेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेज़ी से विकास हो सके।
---और भारतीय संविधान का मानवतावादी, समतामूलक व सेक्युलर उद्देश्य ज़मीन पर लागू हो सके और सभी लोग सही से फल-फूल सकें, जैसाकि यूपी में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में क़ानून द्वारा क़ानून के आयरन लेडी राज के साथ ही जनहित, जनकल्याण एवं विकास आदि के मामलों में बेहतरीन सरकार होना साबित रहा है।
2. इस क्रम में, सड़क, बिजली पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सम्बंधी लोगों की अहम ज़रूरतों के साथ ही सरकारी नौकरी, रोज़गार, स्कूल, अस्पताल, शहरी व ग्रामीण विकास आदि के साथ ही ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ की भी बुनियादी ज़रूरतों पर मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया गया और जिस क्रम में अनेकों स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, छात्रावास, ट्रेनिंग सेन्टर व पार्क आदि की स्थापना की गयी और इन प्रयासों के कारण लोगों का मजबूरी का पलायन होना भी काफी रूका हैै, जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता है,
---किन्तु विरोधी पार्टियों के घोर जातिवादी रवैयों के कारण बी.एस.पी. की सरकार सन 2012 में पाँचवी बार यहाँ सत्ता में नहीं आ सकी, जिसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अभी तक भी है, क्योंकि बी.एस.पी. सरकार के जाने के बाद से यहाँ पूरे प्रदेश में क़ानून द्वारा क़ानून का राज कायम नहीं होने से लोगों का जीवन दुखी ही नहीं बल्कि काफी त्रस्त भी बना हुआ है तथा विकास का सरकारी ढिंढोरा लोगों का पेट भी सही से नहीं भर पा रहा है।
3. ऐसे में पार्टी के लोगों को फिर से यह कहना है कि वे बी.एस.पी. का उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को ही चुनें तथा युवा वर्ग को भी प्राथमिकता दें जिसमें महिला व पुरुष दोनों होने चाहिये, तो यह उचित होगा।
4. इसके साथ ही, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. द्वारा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के जिस कारवाँ को लगातार मज़बूत करने व आगे बढ़ाकर सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके ’अपना उद्धार स्वंय करने योग्य’ बनाने के मिशन की बात है तो इसकी सफलता हेतु किसी का भी रोड़ा बनना मुझे कतई भी स्वीकार नहीं है अर्थात मुझे केवल अपने ’बहुजन समाज परिवार’ के हित, कल्याण व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की ही रात-दिन चिन्ता रहती है, अपने किसी भी सगे भाई-बहन व उनके परिवार के युवा सदस्यों, तथा नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को भी मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह मैंने भी, उन्हें पार्टी के कार्यों तक सीमित करके उन्हें सांसदी, विधायकी, मंत्री पद व अन्य किसी भी राजनैतिक लाभ आदि के पदों से हमेशा दूर रखा है।
5. इतना ही नहीं बल्कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में, अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में सही नहीं होगा।
6. इसीलिए आज मेरा अन्तिम यही फैसला व प्रतिज्ञा भी है कि इसके एवज में, अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बी.एस.पी. में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जायेगा। यदि आगे चलकर मेरे साथ रहते हुये श्री आनन्द कुमार को मेरी मदद के लिए किसी और सदस्य की भी ज़रूरत पड़ती है तो फिर वह वर्तमान राजनैतिक हालात में केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनन्द को, जो इस समय वकालत की पढ़ाई कर रही है, उसे आगे चलकर उसकी मदद ले सकते हैं और फिर उसकी ईमानदारी, वफादारी व कार्य क्षमता आदि को देखकर पार्टी में उसे ज़रूरतानुसार अपनी ख़ुद की ज़िम्मेवारी भी सौंप सकते हैं।
---लेकिन वे अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चो में से किसी को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौपेंगे। साथ ही, यह भी कहना है कि अपनी बेटी के तैयार नहीं होने पर फिर वे पार्टी की आम सहमति से केवल पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी सौंप सकते हैं अर्थात् अपने किसी भी बेटे को व उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौंपेंगे। यही वर्तमान में समय की जरुरत है व पार्टी के हित में भी है।
---ताकि मान्यवर श्री कांशीराम जी जिस प्रकार से ’परिवारवाद’ आदि के विरुद्ध कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी प्रकार से पूरी तरह डटी हूँ , और जैसाकि मैंने काफी कुछ इस पर अमल करके भी दिखाया है और यदि मैं लड़की नहीं होती, तो मैं फिर मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही अपने भाई-बहिनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखती। लेकिन मैं लड़की होने की वजह से अपनी सुरक्षा सम्बन्धी, हर परेशानी से मुक्त होकर व पूरे मान-सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ती रहूँ तभी मुझे अपने सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को मजबूरी में अपने साथ रखना पड़ा है। और अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर काफी कुछ मुझे भी झेलना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी मैं किसी के भी मोह आदि के चक्कर में ना पड़कर पार्टी को कोई भी नुकसान नहीं पहुचने दूँगी।
7. इसी प्रकार पार्टी संगठन में व आगे सरकार बनने पर भी, चाहे वह कोई भी हो, केवल सम्बन्धित उसी एक व्यक्ति को ही मौक़ा दिया जायेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ आदि नहीं दिया जायेगा, ताकि बी.एस.पी. अब आगे परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज़्यादा से ज़्यादा लोग ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें, जो कि अम्बेडकरवादी राजनीति के लिये बहुत ज़रूरी है।
8. इसके साथ ही बी.एस.पी. के लोगों से यह भी कहना है कि वे बी.एस.पी. विरोधी पार्टियों/संगठनों तथा जातिवादी मीडिया व सोशल मीडिया आदि के भी विषैले एवं साज़िशी तथा प्रायोजित व पेड paid प्रोपेगण्डा आदि से ज़रूर सावधान रहें क्योंकि इनका मक़सद केवल साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के घिनौने हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. को यूपी में सरकार बनाने से रोकना है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने देना है और इन्हें पूरे तन, मन, धन से लगातार अपने अम्बेडकरवादी मिशन में लगे रहना है, इसी में ही सबकी भलाई है यानी कि व्यापक देश व जनहित निहित है।
9. अन्त में यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया आदि में यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने आदि के कारण बी.एस.पी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जायेगा, यह पूरी तरह से ग़लत एवं मिथ्या प्रचार है यानी कि यह फेक न्यूज़ है अर्थात ऐसे लोगों को बी.एस.पी में कतई भी वापस नहीं लियाा जायेगा।
कांग्रेस के लिए लड़ रहे मजबूत सिपाही पवन खेड़ा के लिए इस हैशटैग पर सभी लोग पोस्ट जरूर करें।
कांग्रेस का सिपाही , पवन खेड़ा भाई 🔥🔥🔥
अगर पोस्ट नहीं कर सकते तो आरटी करके इसे आगे बढ़ायें।
#SachKaSathiPawanKheda
स्वतंत्र भारत के इतिहास में ये एक अनूठा गणतंत्र दिवस है, जब तारीख़ भी 26 है साल भी 26 है। इसीलिए इस विशेष गणतंत्र दिवस की विशेष बधाई और शुभकामनाएँ!
आइए इस विशेष गणतंत्र दिवस पर देश के गणतंत्र के आधार जनतंत्र और उसके आधार ‘संविधान’ की रक्षा का विशिष्ट संकल्प उठाएं।
जय हिंद!
प्रयागराज : अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी
➡ गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा
➡ शिविर के बाहर ही फहराया तिरंगा
➡ शिष्यों, श्रद्धालुओं संग राष्ट्रगान गाया
➡ झंडा फहराकर फिर अनशन पर बैठ गए
#Prayagraj#AviMukteshwaranand#RepublicDay
कल मोदी जी और उनके मंत्रीगण नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करने की नौटंकी कर रहे थे
नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ को सुनें 👇
“मैंने PM मोदी को तीन बार चिट्ठी लिख कर नेताजी की अस्थियाँ लाने को कहा - पर कोई जवाब नहीं आया”
भक्तों अब इनके पीछे मत पड़ जाना
“जब तक मुकदमा चल रहा था रामजन्मभूमि का, कितनी बार पैरवी करने गए आदित्यनाथ ?
BJP ने राम-मन्दिर के लिए कब मुकदमा लड़ा ? कहॉं पक्षकार थी BJP ?
कौवे के बैठने से फल गिर गया तो कह रहे हैं कि हमने फल तोड़ा है !!!”
- जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
हमारा संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है - यही हमारी आवाज़ है, हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच।
इसी की मज़बूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा।
संविधान की रक्षा ही, भारतीय गणतंत्र की रक्षा है - हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
जय हिंद! जय संविधान! 🇮🇳
ममदानी ट्रंप से सहमत नहीं
न्यूयार्क मेयर ममदानी का कहना है कि उन्होंने आज सुबह ट्रंप को फोन कर वेनेजुएला में हो रहे हमलों और मादुरो को पकड़ने पर अपनी असहमति जताई।
“मैंने प्रेसिडेंट को फोन किया और इस काम पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सीधे उनसे बात की।”
असदुद्दीन ओवैसी….
जब डोनाल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला पर हमला कर सकता है..
पूरे देश पर क़ब्ज़ा कर सकता है…
वहाँ के राष्ट्रपति को उठाकर अमेरिका ले जा सकता है..
जब साउदी अरब, यमन पर हमला करके अपने दुश्मनों को ख़त्म कर सकता है…
तो हम पाकिस्तान पर हमला करके…
लश्कर ए तौएबा, हिज़बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों को ख़त्म क्यों नहीं कर सकते…??
डूब मरो भाजपा वालों…. ओवैसी तुम्हें राष्ट्र भक्ति सिखा रहा है…
“या तो 11 जनवरी तक ‘कैलाश विजयवर्गीय’ का इस्तीफ़ा लो या फिर…
इंदौर में धरने पर बैठ कर हज़ारों कांग्रेसी ‘मोहन यादव’ को इस्तीफ़ा लेने पर मजबूर करेंगे” 👊🏻
ज्जे बात @jitupatwari जी 👊🏻
Right...👏
"हमारे देश में चाहे पेट्रोल 500 हो जाए या सिलेंडर पांच हज़ार, लेकिन ये तीन चीजें हमेशा सस्ती रहेंगी",,,,,!!!!
गरीबों की जान,
किसानों की मेहनत
और लड़की की इज्जत,
खड़गे साहब का कार्यकाल जून या जुलाई में राज्यसभा का खत्म होने वाला हैं!
और खड़गे साहब की उम्र भी 85 के करीब हैं!
खड़गे साहब अध्यक्ष 28 तक रह सकते हैं मुझे एक सिनेरियो दिखाई दे रहा हैं!
प्रियंका गांधी जी के पास अब पार्टी के संगठन की कमान आ सकती हैं!
संगठन के लिए प्रियंका गांधी बेस्ट ऑप्शन हैं!
~सुमित अवस्थी
*Happy Birthday, Maa.*
You are the soul of our family. The steady breath behind every laugh, every prayer, every moment that feels like home. This life we live - warm, imperfect, full of love exists because of you. You held it together long before we even knew what holding on meant.
You are my deepest inspiration. You gave without counting, loved without conditions, and stood strong even when no one saw how heavy it was.
They say God sends mothers when He cannot be everywhere at once. And we all have been blessed beyond measure because *WE HAVE YOU.*