"कौन है जो सरकार को ये बिल लाने के लिए ब्लैकमेल कर रहा है?" CAPF Bill के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे परिजन सरकार पर बुरा भड़के.
पूरी बातचीत- https://t.co/tcPB1yiGwP
@NehaDhiman1004#CAPFBillProtest
To all CAPF officers & jawans - we stand with you and against the injustice meted to you by BJP’s Central Govt. IPS officers in your top positions is clear politicisation of CAPF.
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट ��ें अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
और इस बलिदान के बदले मिला क्या?
15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बाव��ूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।
खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।
हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
"पुलवामा में CRPF के जवान शहीद हुए, तो उनके नाम पर पीएम ने घूम-घूमकर वोट मांगा"
◆ संसद में आप सांसद संजय सिंह ने कहा
#SanjaySingh | Sanjay Singh | #Parliament | Parliament
“यह बिल CAPF अधिकारियों के करियर और ���धिकारों के लिए चिंता का विषय है। IPS को वरिष्ठ पद देने से CAPF कर्मियों की प्रगति प्रभावित होगी। समान अवसर और सुरक्षा बलों के मनोबल का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सरकार से आग्रह है कि बिना स्टेकहोल्डर परामर्श के बिल आगे न बढ़ाया जाए।”
— The Central Armed Police Forces (General Administration) Bill, 2026 पर AAP MP @SandeepPathak04 जी ने सवाल उठाए।
देश की 15 हज़ार किलोमीटर लम्बी सीमा की सुरक्षा करने वाले, आतंकवाद और नक्सलवाद के ख़िलाफ़ लड़ने वाले CAPF के अधिकारियों और जवानों को न तो शहीद का दर्जा, न पेंशन की सुविधा, यहाँ तक की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद CAPF के अधिकारियों का हक़ मार रही है मोदी सरकार।
देश ��े 11 लाख CAPF के अधिकारी और जवान इस घोर अन्याय को देख रहे हैं।
मैं बहुत समय तक मंथन करता रहा कि आखिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 का उद्देश्य क्या है?
आज भी सशस्त्र बलों में IG की कई पोस्ट खाली हैं, लेकिन अधिकारी आने को तैयार नहीं हैं।
आज भी हाईकोर्ट में दो प���टीशन लगी हैं, जहां IPS अधिकारी कह रहे हैं कि हमें डेप्युटेशन पर नहीं जाना है। कुछ अधिकारी आते भी हैं तो उसके पीछे कुछ अपने निजी कारण होते हैं।
जब सरकार खुद ही नियुक्ति करती है तो इस अम्ब्रेला बिल की जरूरत क्या है? अगर सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दरकिनार करने के लिए यह बिल ला रहे हैं तो कोई सफलता नहीं मिलने वाली है।
मुझे आश्चर्य है कि आखिर यह बिल बनाने से पहले क्या सरकार के अधिकारियों ने अदा���तों के फैसलों को नहीं पढ़ा?
मेरी मांग ��ै कि जल्दबाजी में लाए गए इस बिल पर दोबारा से विचार-विमर्श किया जाए।
: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा पर राज्यसभा में @VTankha जी का पूरा वक्तव्य-
देश के नागरिक चैन की नींद इसलिए सो सकते हैं, क्योंकि सरहदों पर हमारे जवान सजग रहते हैं।
लेकिन मोदी सरकार जो बिल लेकर आ रही है, वो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के मनोबल को तोड़ने वाला है।
उदाहरण के लिए- अगर हमारे घर का निर्णय बाहर से Deputation पर आकर कोई और लेने लग जाए तो क्या हम खुश रह पाएंगे?
संसद हो, चुनाव हो या एयरपोर्ट... हमारे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जो जवान देश की सुरक्षा में प्राणों का बलिदान देने से पीछे नहीं हटते, ये बिल उनके पर काट रहा है।
इस बिल से जवानों के मन में एक मायूसी आए���ी, जो देश की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है।
: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा पर राज्यसभा में @shaktisinhgohil जी का पूरा वक्तव्य-
आज सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा हो रही है, लेकिन यह विधेयक किसी भी तरह से सुधारात्मक कदम नह���ं है।
बल्कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावहीन बनाने के लिए है। साथ ही CISF, CRPF, BSF, ITBP, SSB के काडर व अधिकारियों के साथ हो रहे प्रणालीगत अन्याय को बनाए रखने का सुनियोजित विधायी प्रयास है, जिसे समाप्त करने की कोशिश सुप्रीम कोर्ट ने की थी।
इन बलों में ज्यादातर अधिकारी वे हैं, जो डिप्टी कमांडेंट पद पर भर्ती हुए, अब उन्हीं प��ों से रिटायर हो रहे हैं। सवाल है- कोई भी डिप्टी कमांडेंट, DG क्यों नहीं बन सकता?
सेना में भी अग्निवीर जैसी व्यवस्था लाई गई। अगर देश में स्थिति ऐसी रहेगी तो सेनाओं और सशस्त्र बलों में जवान किस इंटेंशन के साथ भर्ती होना चाहेंगे।
BJP सरकार आज उस वर्ग से अन्याय कर रही है, जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक देने की हिम्मत रखते हैं। इसलिए मेरी मांग है कि इस बिल को वापस लिया जाए।
: राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा पर @digvijaya_28 जी का पूरा वक्तव्य-
प्रश्न गरिमा का है और संवैधानिक मान्यताओं का भी अतः CAPF बिल का मुद्दा केवल सेवा शर्तों का नहीं है, बल्कि हमारे सुरक्षा तंत्र की संरचना, उसके मनोबल और उसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता का है। जय हिन्द
RS | Prof. Manoj Kumar Jha | The Central Armed Police Forces(General Adm... https://t.co/sqbM3QjaoZ via @YouTube
My plea in Rajya Sabha today to Home Minister to re consider the bill the CAPF. To protect the interest of a million strong para military force & 13K grade A duty officers. @crpfindia @MINISTRYOFHOME2 @AmitShahOffice
'New CAPF bill has one purpose—protect IPS officers’ career at the cost of security forces'
Sanjiv Krishan Sood @sood_2, BSF Additional Director General (Retd), writes
#ThePrintOpinion
https://t.co/pX0hn7QT0W
“History will bear witness to the fact that when the guardians of the borders were demanding justice, this government was snatching their rights via constitutional deception. We cannot allow the morale of our jawans to be sacrificed to the bureaucracy and therefore we completely oppose this unjust legislation,” Maken said, demanding that the Bill should be taken back. #CAPF_Bill
https://t.co/4OwCJguYCd
देश के जवानों का - हम सबके - देश के नागरिकों के लिए खुला पत्र /--
जो जवान हर पल हमारी रक्षा करते हैं - जिनके भरोसे हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं - जो सरहदों ���र तैनात हैं -- जिनपर हम हर पल गर्व महसूस करते हैं --
उन्हें आज हमारे साथ - हमारे सहयोग - हमारी आवाज़ की ज़रूरत है -
#CAPF #ogas #bsf #CRPF #itbp #paramilitary
#paramilitarywantsdignity
मेरी आपत्ति शासकीय बिल पैरा मिलिट्री फोर्सेज के प्रमोशनल चैनल्स पे सुप्रीम कोर्ट के फैसलो के विपरीत iPS अधिकारीयो को लाभान्वित करने का दूषित प्रयास ।१३ हज़ार BSF , CRPF, ITBP एवं अन्य संगठनों के देश भक्तों और साहसी लोगों के हित प्रभावित होंगे। पुनः विचार करना चाहिए। #CAPFBILL
जो जवान देश की रक्षा करते हैं, ये सरकार उनके भविष्य और पदोन्नति का गला घोंटना चाहती है।
आज हमारे देश में लोकतंत्र जिंदा है, तो उसका एक कारण हमारे देश की पैरामिलिट्री फोर्स भी है, जिनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान किया जाता है।
पैरामिलिट्री फोर्स के अंदर पिछले 5 साल में 529 जवानों ने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी है। आज सरकार ऐसे जांबाजों का प्रमोशन रोक रही है।
ये शर्म की बात है।
जब सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों के साथ अन्याय हो रहा है, तो सरकार कानून बनाकर उनका प्रमोशन क्यों रोक रही है?
: राज्यसभा में @ajaymaken जी का पूरा वक्तव्य-