मोतीपुर, बिहार का चीनी मिल। वाकई चीनी मिल है जो भी जंगल राज पर चुनाव जीत कर आया फिर 15 वर्ष वितने को है मगर इसका जीर्णोद्वार नही हो सका न चालू। यह राजनीति का अखाड़ा बन चुका है वर्तमान 15 वर्षों से।
मुज़फ़्फ़रपुर ज़िला (बिहार) के जिला जज को कोर्ट बंद करना हो वे स्वयं अपने विवेक से करें न कि बार के किसी अध्यक्ष या जेनेरल सेक्रेटरी के चिट्ठी पर करें। बार भंग हो चुका है।
@PMOIndia भारत में जितने छोटे बड़े होटल है उनमें फाइव स्टार को भी अभी तत्काल प्रभाव से कोविड हॉस्पिटल बना देना चाहिए साथ ही होटलों के अनुसार रेट भी फि��्स्ड कर दें।
अभी की स्तिथि में भारत को चारों ओर से मजबूत विपक्ष चाहिए वरना आज जो स्तिथि है ऑक्सीजन, तेल, दवा इत्यादि की कालाबाज़ारी वो और तेज हो जाएगी। बंगाल की जनता 5 पैसे का नमक, 5 पैसे का मिर्चा और 5 पैसे का तेल जो खरीदता था वो अब सीधे सीधे टका में ना बिकबो बिकबो 180 रुपया में क��ू तेल।
भारत में कोर��ना के महामारी से घरों पर ही लाशों का अंबार लगता जा रहा और बहरूपिया जनता के लाश के साथ खेला खेलबो खेल रहा। शर्म करो और तत्काल प्रभाव में आपात बैठक कर चुनाव रद्द कराओ।
कोरोना की आड़ में सैंकड़ो आमजनों की मौत हो रही किंतु इसके तथ्य में देखे तो पूरा विश्व आर्थिक दृष्टि से मजबूत भी हो रहा वहीं अरबों-खरबों का घोटाला भी। ऐसा क���रोना चुनाव में भी सफल हो रहा है।
विधानसभा से पारित पुलिस विधेयक को न्यायालय के समक्ष तेजस्वी को चुनौती देनी चाहिए वहीं दूसरी ओर शराब बंदी को हम नीतीश कुमार के बनाये कानून को कोर्ट में ला खड़े कर सकते है लेकिन तेजस्वी को हमसे कानून के मसूड़े पर राय-विचार की जरूरत होगी।@tejaswi
अंग्रेजों के भारतीय आज भी है, फर्क इतना सा है कि आज भारतीय ही मंत्री या उसके अर्धली भारतीय है। मोबाइल फ़ोन आजकल इतना ट्रिप करता है लेकिन ट्राई का मामला नही बन रहा। जनता गुलाम है।
बिहार सरकार को अब शराब से संबंधित निपटारे के लिए एक अलग से फोरम बिहार स्तर पर खोलना चाहिए। सिविल कोर्ट का ज्यादा समय अब शराबियों के धर-पकड़ से ही व्यस्त रहता ऐसे में अन्य विवाद के निपटारे में बिलंब हो रही है।
एक बिहारी था या यूं भी कह लीजिए भारतीय/इंडियन था। इसका काम ��ा वैसे लोगों के लिए भला/दुआ मांगना जिनसे इनका खुद का भोजन साथ मे परिवार का भोजन। एक दिन इनकी मृत्यु करीब आई और कहने लगे- हे ईश्वर, या खुदा, वाहे गुरुजी इत्यादि मैंने जिन लोगों के लिए भला/दुआ मांगा वो आज मेरे ही मृत्यु...
मुझे ऐसा लगता और दिखता भी है की वर्तमान समय में राजनीति का गिरता हुआ आचरण का फायदा सीधा सीधा ज्यूडिशियर�� को मिल रहा है। क्या विधायिका समाप्त या लुप्त होने के कगार पर है?
भारत के चौकीदार अबतक जितने भी इंडो-यूएस एम ओ यू पर हस्ताक्षर किए है वो सबके सब आंख मूंद कर किये। भारत मे कोयले में सल्फर या वातावरण प्रदूषित नही होता फिर भी मोदी जी ने यह साइन कर दिया लिहाजा भारत मे एन टी पी सी ने बिजली पर 1 रुपया बढ़ाने की सिफारिश मोदी जी से कर रखा है।
भारत में अराजकता की स्तिथि है ऐसे में विपक्ष एकजुट हो जिस तरीके से 18 दिनों तक संसद को बीजेपी ने किसी एफ डी आई के मुद्दे पर ठप किया था ठीक उसी तरीके से बीजेपी सरकार के मनमौजी फैसलों के खिलाफ संसद को ठप करे।
दिल्ली सरकार की तर्ज पर बिहार सरकार को बिना मास्क पहने लोगों को 100 से 200 रुपया फाइन करना चाहिए। दिल्ली या बाहर से आनेवालों की संख्या अत्यधिक है जिस वजह से कोरोना का संकट बढ़ गया है। बिहार सरकार त्वरित ध्यान दें।
कल यानी 10 नवंबर 2020 से भाजपाइयों और जदयू के लिए ऑक्सीजन में 80 प्रतिशत की कमी ���िहार में होगी वहीं शुद्र जाती और गरीब-गुरबा के लिए 100% मिलती रहेगी।
मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार स्मार्ट सिटी के लिये फण्ड चुनाव से पहले आ गया था परंतु इसी बीच चुनाव भी आ गया। अब वोट के ठेकेदार लोग 2 से 3 उम्मीदवार के बीच पैसा उगाही में घूम रहे है। रेट है जात-पात बेचने का।
@pbhushan1 भारत का प्रधान सेवक कितना जुमलेबाजी किया और बिहार की जनता को ऐसा बेबकुफ़ समझा कि सौदा ही करने लग गया 50, 60,70,75,80,90 हज़ार करोड़ तक सौदा किया और अंत मे 1.25 सवा लाख करोड़ पर बिहार की जनता की नीलामी कर बैठा। यह है राजनीति।