@aajtak आंख, कान, नाक, दिल और दिमाग सबके है, नौटंकी कौन, व्यापारी कौन, क्रांतिकारी कौन, अत्याचारी कौन सब खुलम खुला न��र आ रहा है।
जोखिम कभी काम कर जाति है त�� कभी भ्रम पैदा करती है, अब तो सूचना और जानकारी सर्वत्र है।
नौटंकी ज्यादा नहीं चलेगी और टिकेगी...
@nitin_gadkari@AmitShah तिल का ताड़, राई का पहाड़ कर रहा है विपक्ष
विद्���ान, ज्ञानी, समझदार है तो उनकी कृति में दिखे
सुधार निरंतर प्रक्रिया है, अब जब परिवर्तन का दौर तेजी से दौड़ रहा है, तो ऐसे सुधार जरूरी है, सबको न्याय मिले, ऐसे कानून हो, खर्चा कर चर्चा के दूर भागे ऐसे व्यवस्था में भी सुधार हो।
सभी प्रदेश वासियों को 'विश्व हिंदी दिवस' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
हिंदी मात्र बोल-चाल की माध्यम नहीं है, अपितु यह संपूर्ण भारत को जोड़ने वाली पावन भाषा-सेतु है। यह भारत को एकात्मत��� में पिरोती है।
आइए, दैनिक जीवन-व्यवहार में हिंदी भाषा के प्रयोग हेतु संकल्पित हों।
@IMohan_IN हा, ��ूसरो का मजाक सबको हसाता है, आज कल उसे लाफ्टर कहते है, लेकिन खुद का मजाक बने तब समझता है, की ये लाफ्टर नही गाली है।
जितना जल्दी सब समझे उतना बहिस्कार होगा