@ulbharyana@cmohry@csharyana महोदय पिछले 1 महीने से रेवाड़ी में सफाई कर्मियों की हड़ताल की वजह से सफाई नहीं हुई थी लेकिन अभी 3 दिन से गली की सफाई करवाने के लिए प्रयास कर रहा हूं। अब लग रहा है कि सिस्टम की कोई जवाबदेही नहीं है। यहीं है मोदी जी का स्वच्छ भारत
लगभग दो घंटे से हिरासत में लिए गए साथियों को बस में घुमाया जा रहा है—सिर्फ़ इस अपराध में कि हमने कहा था कि इस देश के सबसे बड़े अपराधी को सज़ा मिलनी चाहिए, जिसने गैरकानूनी तरीके से 10 करोड़ लोगों के वोट काटे।
वोट काटने वालों से सवाल पूछना अपराध है, तो यह अपराध हम बार-बार करेंगे।
इंकलाब ज़िंदाबाद।
#SIR #VoteChori #ElectionCommission
बस चालक को बताना चाहिये कि प्रधानमंत्री ने पेट्रोल डीज़ल बचाने की अपील की है। कहाँ कहाँ से लेकर जा रहे हैं ? लोकेशन शेयर करते रहिए। वोट चोरी के नाम पर डीज़ल चोरी न हो जाए।
SIR का ऐसा तमाशा देश ने शायद ही देखा हो!
ज़रा आँकड़ों का खेल देखिए—बिहार SIR में फॉर्म-7 के तहत करीब 3 लाख आपत्तियाँ आईं। इनमें 57% मामलों में दावा है कि मतदाता ने अपने ही नाम पर आपत्ति कर दी!
और आगे सुनिए—करीब 700 आवेदनों में लोगों को खुद को विदेशी बताने वाला, जबकि 28 मामलों में खुद को मृत बताने वाला आवेदन दर्ज होने की बात सामने आई।
अब सवाल है—
मरा हुआ इंसान दस्तख़त करने कहाँ से आया?
ज़िंदा आदमी ने खुद को मृत क्यों लिखा?
और मतदाता खुद अपना वोट कटवाने क्यों पहुँचा?
और अगर ये फॉर्म मतदाताओं ने नहीं भरे, तो भरे किसने? किसके सिस्टम से आए? किसने सत्यापित किए?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या इसका कोई संबंध ज्ञानेश कुमार के दौर में चुनाव आयोग की दिल्ली स्थित IT व्यवस्था से था?
SIR है या वोटर लिस्ट में डिजिटल जादूगरी?
सुनिए @_YogendraYadav जी को-
बैतूल में 17 वर्षीय छात्रा की अचानक हुई मौत बेहद दुखद और हृदयविदारक है, DJ बजने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।
@BetulCollector प्रशासन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर मौत के वास्तविक कारण का पता लगाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई करे।
छात्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि। 🙏
अंदर की खबर।
ज्ञानेश गुप्ता ने आज 3 बजे दोनों चूना आयुक्तों के साथ मीटिंग की।
ज्ञानेश ने इंडियन एक्सप्रेस में रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट में सारी बातों को मान लिया।
इसका मतलब है कि ज्ञानेश ने अमित शाह के लिए वोट चोरी की।
ज्नानेश कुमार ने पुराने फॉर्म 6 को फिर लागू किया है। यानी फॉर्म 6 को मनमाने तरीके से बदला गया।
ECINET की गड़बड़ियों की जांच अब IIT करेगी।
जिन वोटरों के नाम काटे गए हैं, उन्हें दोबारा जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलेगा।
यानी बंगाल, बिहार, कर्नाटक समेत कई राज्यों में चुनाव घोटाला हुआ है।
ज्ञानेश गुप्ता ने आज इस बात को स्वीकार कर यह दिखाने की कोशिश की है कि उसे वोट चोरी करने के लिए मोदी और अमित शाह ने बोला था।
इसे ज्ञानेश कुमार की बेगुनाही का सबूत नहीं माना जा सकता।
इससे यह भी साफ़ है कि 2019 के बाद। हुए सारे चुनाव वोट चोरी से हुए हैं।
यहां तक कि 2024 में नरेंद्र मोदी की जीत भी फ़र्ज़ी है।
अब मोदी सत्ता की बर्खास्तगी के सिवा दूसरा कोई चारा नहीं है।
हल्ला बोल का ऐलान हो।
सौज्नय। सौमित्र रॉय
ज्ञानेश डर रहा होगा कि कहीं बीजेपी खुद को बचाने के लिए उसकी बलि न ले ले।
बीजेपी डर रही होगी कि कहीं ज्ञानेश खुद को बचाने के लिए मुँह न खोल दे।
और भक्त डर रहे होंगे कि कहीं मोदी जी को महामानव मानने की उनकी धारणा टूटकर उन्हें आम इंसान न दिखा दे।
आखिर डर सबको है—बस वजह अलग-अलग है।
श्रीमान् ज्ञानेश कुमार के दौर के Election Commission में न पहले कुछ ठीक था और न आज ठीक है और न आगे ठीक रहेगा. नये जन-प्रतिरोध के डर से इन्होंने आज आनन-फानन में तीनों कमिश्नरों की मीटिंग की. SIR के बारे में तीनों की सहमति के फैसले का खासतौर पर हवाला दिया गया. घुमाकर नाक पकडने की शैली में कुछ छोटी-मोटी तकनीकी कमियां स्वीकार की गईं और इनके सम्यक समाधान की बात की गई! पर जहां नीचे ऊपर, सारा कुछ गडबड हो, वहां कोरे आश्वासनों से भला क्या सुधार होगा!
इससे कुछ भी नहीं बदलेगा! बदलेगा तब जब चुनाव आयोग की नियुक्तियों का कानून बदलेगा! जब सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति का कानून बदलेगा! ऐसा बदलाव आसान नहीं है पर जनता चाहे तो डेमोक्रेसी में कुछ भी हो सकता है!
ज्ञानेश कुमार केरल cadre के IAS अधिकारी हैं
अभी वोट चोरी और देशद्रोह करते धरे गए हैं
लेकिन इनकी काली करतूतों की लंबी लिस्ट है
अब केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन ने बताया है कि ज्ञानेश कुमार ने उन्हें BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया
बात 2016 की है जब दोनों एक फ्लाइट में थे. जहां ज्ञानेश कुमार ने उनसे 2019 के लोक सभा चुनाव में केरल के पठानमथिट्टा लोक सभा से BJP का टिकट दिलाने की बात कही और सांसद बनने पर केंद्रीय मंत्री बनवाने का भी वादा किया था
इतना ही नहीं, पूरी फ्लाइट में अंधभक्त की तरह मोदी का गुणगान करते रहे
इस दौरान यह एक serving officer थे
मतलब यह वोट चोर बनने से पहले BJP की दलाली कर रहे थे?
सोचिए - जो आदमी दलाल की तरह BJP का टिकट सेट कर रहा था, जो मोदी का अंधभक्त है…वो क्या ही निष्पक्ष चुनाव कराएगा?
वाक़ई में - गद्दार है ज्ञानेश. इनकी जगह सलाखों के पीछे जेल में है.
ईरान में जंग चल रही है, वह पाँचवे नम्बर पर है।
हांगकांग सातवें स्थान पर है, नार्थ कोरिया नौवें नम्बर पर है। कुवैत, क़तर, ताजिकिस्तान सब हमसे ऊपर हैं।
हमारी टीम 13 वें स्थान पर है।
और दावा विश्वगुरु होने का है!
कमाल है
ये तानाशाही की हद है। सीधा चेहरे और आँखों पर वाटर कैनन से प्रहार किया गया। पानी की बौछारों से मेरी ये लाल आँखें इनकी बर्बरता की गवाह हैं। हम भी इसी देश के नागरिक हैं, कोई अपराधी नहीं। क्या शांतिपूर्ण आवाज उठाने वालों पर इस तरह सीधा मुंह पर प्रहार करना चाहिए?
पानी की बौछारें हों या पुलिस के बैरिकेड, जनता के वोट पर डाका डालने वालों से जवाब और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे।
आज📍चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन
@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi@kcvenugopalmp@SanjaySDutt@raonarenderinc@INCIndia@INCHaryana
सुप्रीम सिंडीकेट कैसे काम करता है:
जज साहब का बेटा चुनाव आयोग का वकील, केस मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी का और जज साहब का फैसला बेटी के पक्ष में.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा जिनकी कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत शर्मा ने ज्ञानेश कुमार की बेटी मेधा रूपम का केस बेंच बदल कर लगाया और जैसी उम्मीद थी मेधा रूपम पर हाई कोर्ट का लगाया 5 लाख रु का जुर्माना भी स्टे हो गया.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का बेटा चुनाव आयोग का स्टैंडिंग काउंसिल है.
उसी दिन जस्टिस शर्मा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति मामले पर सरकार के पक्ष में फैसला देते हैं.
लोकतंत्र, इंसाफ, नैतिकता और Conflict of Interest सबको एक ही स्ट्रोक में बाउंड्री के बाहर कर दिया जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सूर्यकांत ने.
अब तो खुलकर सामने आ गया है कि 'ज्ञानेश कुमार' सरकार के कहने पर सबकुछ कर रहा था !
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि, सुप्रीम कोर्ट ऐसा होने दे रहा है : प्रशांत भूषण, वरिष्ठ वकील
यह गैरकानूनी है!
फॉर्म-6 में बदलाव का अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं, संसद के पास है। फिर चुनाव आयोग ने इसे बदला कैसे? खुद चुनाव आयुक्तों ने इस पर सवाल उठाए हैं।
#SIR#Form6#VoterList
अमेरिकी और यूक्रेनी आतंकवादी को तुरंत बेल और घर जाने की छूट।
और जिस डॉ उमर खालिद पर पाँच साल के केस शुरू नहीं हो पाया, उसकी बेल लगातार ख़ारिज।
ग़ज़ब है
कमाल है
बड़ा आरोप।
ममता बनर्जी का सीट:
51 हज़ार वोट काटे गए। वह 15 हज़ार वोटों से हार गईं।
एम. के. स्टालिन का सीट:
1 लाख वोट काटे गए। वह 9 हज़ार वोटों से हार गए।
अरविंद केजरीवाल का सीट:
40 हज़ार वोट काटे गए। वह 4 हज़ार वोटों से हार गए।
क्या गंगाधर ही शक्तिमान है?
सोचने वाली बात है - सवाल चुनाव आयोग से पूछा गया, लेकिन आयोग से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस BJP ने कर दी! अब तो पत्रकार भी ज्ञानेश कुमार को बीजेपी से जोड़कर सवाल पूछ रहे हैं।
सवाल आयोग से, सफ़ाई बीजेपी की - ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मोदी जी, ‘लोकचंद्र’ बर्बाद हो रहा है!
ज्ञानेश कुमार गुप्ता में जरा भी गैरत बची होगी
तो इस्तीफा देकर चले जाएंगे
वरना महाभियोग तो आएगा ही
भाजपा बचा भी लगी
तो भी दोनों के रिश्ते पर मोहर लग जाएगी 🇮🇳