2004 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - CBSE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - MBBS पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2007 - AIEEE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2008 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - Law पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - RRB पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
Priyanka Firoze Gandhi’s contempt for Hindus is no longer hidden.
She reduced IIT Madras Director Prof. V. Kamakoti, a scholar with 150+ international research papers and nearly 50 R&D projects, to a cheap “gaumutra expert” jibe.
🚨BREAKING
@NDTV coverage impact: DMK family granddaughter Kayalvizhi arrested for slapping SBI bank manager. But given IMMEDIATE station bail.
VIP nepo kid privilege! Would a common citizen get such bail? https://t.co/nUYygWTF23
IIT के डायरेक्टर का संसद में मज़ाक उड़ाया गया
“गौमूत्र विशेषज्ञ है उन्हें क्या पता शिक्षा के बारे में”
इतनी घृणा कि पूरी पहचान को एक तंज में समेट दिया जाए ?
प्रियंका जी का भाषण लिखने वालों ने प्रो. कामकोटि के प्रोफ़ाइल का प भी पढ़ा?
प्रोफ़ेसर कामकोटि IIT मद्रास के डायरेक्टर हैं
कंप्यूटर साइंस में M.S. और Ph.D. की है
150 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर लिखे हैं
प्रो. कामकोटि ने उस टीम के हेड रहे जिसने SHAKTI..भारत का पहला स्वदेशी इंडस्ट्रियल-ग्रेड माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया। यानी ऐसी चिप, जिससे रक्षा, संचार और दूसरी अहम तकनीकों के लिए भारत की विदेशी प्रोसेसरों पर निर्भरता कम हो सके।
आरक्षण के कारण योग्य युवाओं का अवसर खोना और अवसाद में आकर आत्महत्या करना बेहद दुखद है। अब तक आरक्षण के विमर्श को सिर्फ अपराधबोध पैदा करने वाले प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया है, जबकि इसके वास्तविक परिणामों का कोई ठोस अध्ययन नहीं हुआ है।
मेरा स्पष्ट मानना है कि आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर होना चाहिए, जहाँ मेरिट से कोई समझौता न हो। नौकरियों में प्रतिनिधित्व नहीं, क्षमता देखी जानी चाहिए। नेताओं की जवाबदेही तय करते हुए इस पर एक खुली और स्वस्थ बहस की तत्काल आवश्यकता है।
आरक्षण पर मेरी कुछ पुरानी वीडियो इस प्रकार हैं। मैं इस विषय पर आज से नहीं बोल रहा हूँ।
The Sabarmati Express Godhra massacre of Hindus, narrated by a Pakistani news anchor.
No Indian news anchor has ever narrated it this clearly or without filters.
None has dared to speak the truth.
देश के प्रमुख बैंकों में से एक, बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) पर एक बड़े साइबर हमले की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स और दावों के अनुसार, हैकर्स ने बैंक के सिस्टम में सेंधमारी कर ग्राहकों का लगभग 1TB डेटा डार्क वेब पर लीक कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस भारी-भरकम डेटा लीक में ग्राहकों की बेहद संवेदनशील जानकारी शामिल है।
वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-मंगलयान बना दिया
लेकिन कुछ राज्यों में FIR, चार्जशीट, गवाहों का बयान और कोर्ट का आदेश आज भी हाथ से लिखा जाता है
@samrat4bjp@HMOIndia@narendramodi@AmitShah
BIG BREAKING 🚨 NDA MPs protest in Parliament demanding the RESIGNATION of Punjab Education Minister Harjot Singh Bains.
SWATI MALIWAL : "Kejriwal needs to answer"
Saayoni Ghosh raises slogan against AAP.
बहुत लोगों को आरक्षण हटाओ नाम से समस्या है। इसे अव्यावहारिक और मूर्खतापूर्ण भी कहा गया। लेकिन किसी भी आंदोलन की शुरुआत बड़े लक्ष्य से होती है। हमारा उद्देश्य तत्काल आरक्षण समाप्त करना नहीं, बल्कि वर्तमान स्वरूप की आरक्षण व्यवस्था पर राष्ट्रीय चर्चा शुरू करना है।
मैं स्वयं कई बार कह चुका हूँ कि मौजूदा परिस्थितियों में आरक्षण हटाना संभव नहीं है। फिर भी इस आंदोलन का समर्थन इसलिए है कि जब तक समाज इस विषय पर खुलकर बात नहीं करेगा, तब तक कोई राजनीतिक दल भी इसे मुद्दा नहीं बनाएगा। यदि लाखों लोग अपने परिवार और समाज में इस पर चर्चा शुरू करें, तो संसद और विधानसभाओं तक भी यह विषय पहुँच सकता है।
पहला कदम यही है कि आँकड़ों और तथ्यों पर चर्चा हो। क्या आरक्षण का सबसे बड़ा लाभ कुछ ही प्रभावशाली जातियों तक सीमित रह गया है? पिछले 70 वर्षों में वास्तविक लाभ किसे मिला? जिन समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति बदल चुकी है, उनकी समीक्षा क्यों नहीं होती? इन प्रश्नों पर बात होना आवश्यक है।
यदि “आरक्षण हटाओ” शब्द से आपत्ति है, तो इसे “Reservation Reforms” या “वर्तमान स्वरूप की आरक्षण व्यवस्था में सुधार” भी कहा जा सकता है। हमारा उद्देश्य व्यवस्था की समीक्षा और सुधार है।
इसी तरह जाति हटाओ का अर्थ यह नहीं कि जाति एक दिन में समाप्त हो जाएगी। लेकिन जातिवाद पर चर्चा तो होनी ही चाहिए। अपनी पहचान पर गर्व अलग बात है, लेकिन उसी के आधार पर दूसरों को हीन समझना जातिवाद है।
EWS को पूर्ण समाधान नहीं माना जा सकता। यदि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र को पढ़ाई के लिए कर्ज लेना पड़े और वर्षों तक उसे चुकाना पड़े, तो व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हमारा मत है कि प्राथमिक शिक्षा तक वंचित वर्गों को पूरा सहयोग मिले। लेकिन उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी चयन की व्यवस्था में वर्तमान आरक्षण मॉडल की समीक्षा होनी चाहिए। यदि सहायता दी जाए, तो उसका आधार वास्तविक आर्थिक और सामाजिक वंचना हो, न कि केवल जाति।
मिलावटखोरी के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मृत्यु हो रही है।
100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में आजीवन कारावास देने के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
SHOCKING 🚨 Priyanka Vadra called IIT Madras Director Prof. V. Kamakoti, a 'GAUM*TRA PROFESSOR' 🤯
PRIYANKA VADRA : "What he knows about Education?"
=> He a man with 150+ research papers, 50+ R&D projects, RBI & NSE tech committees.
भारत में भारत के प्रधानमंत्री की पोस्ट को प्रतिबंधित करने का मामला गरमा गया है। मेटा ने इसे तकनीकी खामी कह कर माफी मांगी है।
तकनीकी खामी !!! My foot
20 जुलाई की हिंसा में अल्गोरिदम का भी बहुत बड़ा खेल है। इन विदेशी कंपनियों की मंशा साफ है...। सरकार को कड़ा कदम उठाना चाहिए और इन्हें रगड़ देना चाहिए।
@GoI_MeitY
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक