@Abhishek35111@RattanRC@barandbench Yah certainly.. ur Mental ability is superb
Have u seen a babu in a fratricide incident ?
Jisne zindagi main Terrorist attack ya border bombing naa dekhi ho
U see only army or paramilitary commanders face this hazard ,the ones on ground and commanding at borders face this.
A terrorist tries to kill 180 people & this is what she comes up with. I’m now convinced she was brought up not on a diet of mother’s milk, but cobra venom & bile. Someone just give her a martyrdom jacket - she’s literally asking for it.
22-वर्षीय देवा द्विवेदी ने स्वयं के ब्राह्मण होने और मोदी के दलीत-पीड़ीत फैन होने का अपराध झेलते हुए आत्महत्या कर ली।
उस पर मोदी एक्ट लगा था जिसके दवाब को वह सह नहीं पाया और अंतिम विकल्प चुना। सामाजिक और मानसिक यातना को झेलने से बेहतर उसने मरना चुना।
आशा है कि उसमे मरते समय ‘हर हर मोदी’ कहा होगा ताकि उसकी आयु भी मोदी जी को लग जाए और वह 2097 तक भारतभूमि पर राज कर सकें।
कहा जाता है कि ब्राह्मण देवा द्विवेदी अब श्री मोदी जी के परमधाम में वास कर रहे हैं। बोलिए @narendramodi भगवान की जय!
2.65 लाख डॉक्टरों में से आधे न्यूनतम अंक (36%) नहीं ला सके। GC/EWS का कटऑफ 262 रहा। 256 को शून्य, अंतिम रैंक में इम्प्रूवमेंट रही। अब अंतिम रैंक पाने वाला -40 की जगह -19 पर आ चुका है। @narendramodi को नमन कीजिए क्योंकि उन्हीं की कृपा से यह सब संभव हो पा रहा है। दलीत-पीड़ीत डॉक्टर बन रहा है।
बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। आदि गुरु शंकराचार्य महाराज जी द्वारा इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण मे शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साँथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है।
मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूँ कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाये, मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूँगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें,
हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास माँ गंगा का उद्गम है इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद @roypranesh को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
Dear @iitbombay students!
It is high time that you reclaimed your campus from the blue casteist bigot infestation and did away from the bullshit that the government has forced upon you.
Go outside your dorm rooms. Organise in large numbers and kick these bastards out of your campus, as they are hired hooligans who travel from Delhi to spread caste hate on your soil.
Your college is a sovereign place. Your professor is a father figure. Your classroom is your soil to nourish your wisdom. Your hostel is a place for discussing life, lessons and projects.
Support what is right. Support the teachers that shape you, make you, guide you and push you to your limits. If you back out today, your will be ashamed of your deeds in future.
Go out! Light a candle. I am happy that some of you are organising marches. Shun classes till this political crap settles. make up for lost classes on Sundays, if need be. But, this is an important moment of your life. Be a part of it.
Thieves and thugs shouldn't sit among you. Cheaters can not and mus not be promoted by the system. The government or their stooges cannot dictate academia.
Reclaim your campus.
@NijiSachiv नए भारत का कमाल देखिए
पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद भी कोई माफिया पकड़ा नहीं गया लेकिन नकल रोकने पर प्रोफेसर के खिलाफ एक्शन और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा हो गया |
अनपढ़ का मूल मंत्र है | ना पढ़ा हूं ना पढ़ने दूंगा|
BAN and REMOVE Humanities Departments in IITs and NITs
They are destroying your premiere Institutions
It’s high time Education Ministry should act, this department is filled with Leftist and Woke Mindset people!
1. In 2006,the Sonia Gandhi-led UPA decided to strengthen the humanities depts in #IITs in order to introduce the Ambedkarite-Periyarite trojan within the IIT System.This trojan has been steroidally strengthened,not weakened,by the panoramic hyper Ambedkarism of NDA since 2014.